
जरा हटके | भारत में कई ऐसे स्थान हैं जो अपनी आध्यात्मिक और रहस्यमयी परंपराओं के लिए जाने जाते हैं। यहां अघोर-तंत्र, तांत्रिक क्रियाएं और काले जादू की प्रथाएं सदियों से चली आ रही हैं। इतिहास में भी इन जगहों का जिक्र मिलता है, जहां मुगल और अंग्रेज जाने से कतराते थे। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ रहस्यमयी शहरों के बारे में।
1. वाराणसी (उत्तर प्रदेश)
वाराणसी सिर्फ मोक्ष की नगरी ही नहीं, बल्कि अघोरियों की भी प्रमुख स्थली है। मणिकर्णिका घाट और हरिश्चंद्र घाट पर अघोर-तंत्र की साधना की जाती है। यहां के अघोरी तंत्र विद्या में माहिर माने जाते हैं और शव साधना जैसी रहस्यमयी क्रियाएं करते हैं।
2. कामाख्या (असम)
गुवाहाटी स्थित कामाख्या मंदिर को तंत्र-साधना का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। यहां तंत्र-मंत्र से जुड़ी कई परंपराएं प्रचलित हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि ये शक्तिशाली साधकों द्वारा ही संपन्न की जा सकती हैं।
3. मैहर (मध्य प्रदेश)
मैहर स्थित शारदा माता मंदिर भी तंत्र साधना का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां कहा जाता है कि महान तांत्रिक और योगी बाबा लक्ष्मण दास ने गुप्त तांत्रिक क्रियाओं को अंजाम दिया था।
4. तारापीठ (पश्चिम बंगाल)
यह स्थान शक्ति उपासना और तंत्र साधना का मुख्य केंद्र है। यहां के तांत्रिक अब भी कुछ खास अनुष्ठान करते हैं, जो आम लोगों के लिए रहस्यमयी होते हैं।
5. गंधमादन पर्वत (ओडिशा)
यह जगह तंत्र-मंत्र और रहस्यमयी क्रियाओं के लिए जानी जाती है। माना जाता है कि यहां की गुफाओं में साधु-संत अघोर साधना करते हैं।
मुगल और अंग्रेज क्यों डरते थे?
इतिहास में कई बार उल्लेख मिलता है कि मुगलों और अंग्रेजों ने इन स्थानों पर जाने से परहेज किया, क्योंकि यहां के तांत्रिकों के बारे में कहा जाता था कि वे अपनी सिद्धियों से किसी को भी वश में कर सकते हैं। यहां तक कि कुछ स्थानों को ‘अभिशप्त’ भी माना जाता था, जहां अनजान लोगों का जाना खतरे से खाली नहीं था।
आज भी कायम है रहस्य
आज भी इन जगहों पर तंत्र साधना होती है, हालांकि इसे आम लोगों से दूर रखा जाता है। कुछ स्थानों पर विशेष अवसरों पर तांत्रिक अनुष्ठान किए जाते हैं, जिनमें सिर्फ अनुभवी साधक ही शामिल होते हैं।





