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भाई-बहन की कमाल की जोड़ी! माँ के हाथ की खीर को दुनियाभर में ऐसे किया मशहूर

Gulabi
27 Jan 2021 2:10 AM GMT
भाई-बहन की कमाल की जोड़ी! माँ के हाथ की खीर को दुनियाभर में ऐसे किया मशहूर
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यह बहुत ही बेहतरीन डिश है।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। खीर।।। का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है।यह बहुत ही बेहतरीन डिश है। वैसे इसके भी लाखो दीवाने हैं। अब आज हम आपको एक ऐसी कहानी बताने जा रहे हैं जिसे सुनकर आपको बहुत ख़ुशी होगी। जी दरअसल माँ के हाथ की खीर बेहतरीन होती है और उसे कहकर जो मजा आता है वो किसी और खीर को खाकर नहीं आता। हम जो कहानी आपको बताने जा रहे हैं वह महाराष्ट्र के पुणे शहर की है जहाँ 'La Kheer Deli' (LKD) आउटलेट की खीर देशभर में मशहूर हो रही है।


आपको बता दें कि इस आउटलेट पर आपको न्यूट्रेला, ब्राउनी, चॉकलेट, ओरियो और गुलकंद फ़्लेवर वाली खीर की अलग अलग वैराइटी मिल जाएंगी। वैसे इस आउटलेट की शुरुआत साल 2019 में शिवांग सूद और शिविका सूद नाम के दो भाई-बहन की जोड़ी ने की है। दोनों के मन में यह आईडिया आया और उसके बाद दोनों मशहूर हो गए। एक वेबसाइट से बातचीत में 27 साल के शिवांग सूद ने कहा, 'जब हम छोटे थे, मां हमारे लिए खीर बनाया करती थीं। हमारा पूरा परिवार इसे प्यार बड़े चाव से खाता था। साल 2017 की बात है मेरी बहन, शिविका खीर से ऊब गई थी, इसलिए उसने अपने खीर के कटोरे में एक चम्मच नुटेला और ओरियो डालने का फ़ैसला किया और उसे खीर बेहद स्वादिष्ट लगी।'

आगे उन्होंने बताया, 'शिविका के कहने पर मां ने गुलकंद और ब्राउनी डालकर खीर बनाना शुरू किया। इन दोनों ही फ़्लेवर की खीर घर वालों को भी काफ़ी आने लगी। धीरे-धीरे मां ने अन्य फ़्लेवर की खीर भी बनानी शुरू कर दी। मां के हाथ से बनी अलग-अलग फ़्लेवर की ये खीर हमारे परिवार को ही नहीं, बल्कि रिश्तेदारों और आस पड़ोसियों को भी काफ़ी पसंद आने लगी।'

आगे उन्होंने बताया, ''मैं पहले से अपना एक स्पोर्ट्स स्टार्टअप चला रहा था। इस बीच शिविका और मेरे दिमाग़ में आईडिया आया कि क्यों न इस खीर को शहर के अन्य लोगों तक पहुंचाया जाए, लेकिन इन्वेस्टमेंट के लिए पैसा कहां से आएगा यह बड़ी समस्या थी। इसके बाद हमने 19 मई, 2017 को पुणे के औंध में 'स्टारबक्स' के बाहर एक ठेले पर मां के हाथ की बनी अलग-अलग फ़्लेवर की खीर बेचनी शुरू कर दी। मुझे आज भी अच्छे से याद है, पहले दिन दोस्तों की मदद से हमने खीर के सभी 44 डिब्बे बेच दिए थे। अगले दिन मां ने 82 डिब्बे बनाए, जबकि तीसरे दिन 100 डिब्बे बनाए और सभी बिक गए। इसके बाद हमने इसके विस्तार की योजना बनाई। मार्केटिंग और सोशल मीडिया के माध्यम से हमने इसकी ब्रांडिंग शुरू की। इस बीच हमें ग्राहकों की तरफ़ से अच्छा रेस्पोंस मिलने लगा और ग्राहकों ने प्री-ऑर्डर करना शुरू कर दिया।' वैसे आज पुणे के 'La Kheer Deli' आउटलेट की खीर सभी जगह मशहूर हो चुकी है।


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