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युवाओं की मेहनत को मिलेगा सम्मान, बांसुरी स्वराज ने बिल को बताया अहम कदम

नई दिल्ली : लोकसभा में मंगलवार को पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा हुई। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद बांसुरी स्वराज ने विधेयक का समर्थन करते हुए इसे देश के छात्रों और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक कानून नहीं बल्कि मौजूदा समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
लोकसभा में चर्चा के दौरान बांसुरी स्वराज ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों के सपनों को प्रभावित करती हैं। मेहनत करने वाले युवाओं के साथ अन्याय होता है और परीक्षा प्रणाली पर लोगों का भरोसा कमजोर होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए कड़े कानून की आवश्यकता थी, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
भाजपा सांसद ने कहा कि पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) (संशोधन) विधेयक, 2026 लाना सरकार की जिम्मेदारी और छात्रों के भविष्य के प्रति उसकी संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि पेपर लीक एक गंभीर अपराध है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
बांसुरी स्वराज ने कहा कि पेपर लीक केवल परीक्षा से जुड़ी अनियमितता नहीं है, बल्कि यह देश के युवाओं के विश्वास पर हमला है। जब कोई छात्र वर्षों तक मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करता है और बाद में उसे पता चलता है कि प्रश्नपत्र पहले ही लीक हो चुका था, तो इससे उसका मनोबल टूटता है। ऐसे अपराधों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐसी गतिविधियों में शामिल होने की हिम्मत न करे।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए कदम उठा रही है। डिजिटल तकनीक, बेहतर निगरानी व्यवस्था और कड़े नियमों के माध्यम से परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक उसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।
भाजपा सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार की मंशा साफ है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक बयान नहीं बल्कि सरकार की स्पष्ट नीति और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
लोकसभा में चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि देश में लाखों युवा सरकारी नौकरियों और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मेहनत करते हैं। परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि कुछ लोग गलत तरीकों से परीक्षा प्रणाली को प्रभावित करते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह विधेयक छात्रों को भरोसा देगा कि उनकी मेहनत का सम्मान किया जाएगा और परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से पूरी होगी। उन्होंने सभी सदस्यों से अपील की कि युवाओं के हित को ध्यान में रखते हुए इस विधेयक का समर्थन करें।
गौरतलब है कि हाल के वर्षों में कई परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं, जिसके बाद परीक्षा प्रणाली को लेकर सवाल उठे हैं। सरकार की ओर से ऐसे मामलों को रोकने के लिए कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर कई कदम उठाए जा रहे हैं।
बांसुरी स्वराज ने कहा कि देश के युवाओं का विश्वास बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब परीक्षा व्यवस्था मजबूत होगी तभी योग्य उम्मीदवारों को सही अवसर मिलेगा और देश की प्रतिभा को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
उन्होंने अपने संबोधन में दोहराया कि एंटी-पेपर लीक कानून छात्रों के हितों की रक्षा करने वाला कदम है। यह विधेयक परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने में मदद करेगा।





