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दुष्कर्म कर हत्या करने वाले युवक को उम्रकैद, भाई को सजा

SHIDDHANT
14 Dec 2025 9:08 PM IST
दुष्कर्म कर हत्या करने वाले युवक को उम्रकैद, भाई को सजा
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Delhi दिल्ली: एक नाबालिग बच्ची के साथ दरिंदगी करने और हत्या करने के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। घटना में मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है, जबकि उसकी मदद करने वाले भाई को भी न्यायालय ने सख्त सजा सुनाई है। मामले के अनुसार, अपराधी ने नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म किया और उसके बाद उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को छिपाने के लिए अपने सहयोगी भाई की मदद ली। पुलिस ने घटना के बाद गहन जांच के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपी घटना के दिन से ही फरार थे। आरोपी ने नाबालिग के साथ यह अपराध योजनाबद्ध तरीके से किया था और शव को सुरक्षित स्थान पर छुपाने की कोशिश की। उसकी योजना और बेरहमी ने पूरे मामले को और भी गंभीर बना दिया। अदालत में सुनवाई के दौरान पीड़ित परिवार ने न्याय की गुहार लगाई और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। अभियोजन पक्ष ने स्पष्ट किया कि आरोपी ने जानबूझकर नाबालिग के साथ अपराध किया और उसके बाद हत्या कर दी।
न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि नाबालिग के साथ ऐसा अपराध केवल कानून के तहत सख्त सजा के योग्य है। मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई, साथ ही उस पर जुर्माने और सरकारी आश्रय संस्थाओं को दिए जाने वाले मुआवजे का आदेश भी दिया गया। सहायक आरोपी, जिसने शव छिपाने में मदद की, को भी अदालत ने दोषी ठहराया और उसे कड़ी जेल सजा सुनाई। अदालत ने स्पष्ट किया कि अपराध में मदद करना भी गंभीर कानूनी उल्लंघन है और इसे कानूनी रूप से बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
इस फैसले से यह संदेश जाता है कि कानून के सामने कोई भी अपराधी बच नहीं सकता। न्यायालय ने कहा कि बच्चों के प्रति अपराध न केवल समाज के लिए खतरा हैं बल्कि इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करना आवश्यक है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में अदालत का यह कठोर रुख अपराधियों के लिए नजीर साबित होगा और समाज में बच्चों की सुरक्षा के लिए कानून की शक्ति को मजबूत करेगा। पुलिस ने भी जनता से अपील की है कि वे ऐसे अपराधों के खिलाफ चौकस रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। समाज और कानून के सहयोग से ही बच्चों के प्रति अपराध को रोका जा सकता है। इस मामले में न्यायालय का निर्णय पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकने में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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