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विकसित भारत के लिए युवाओं की ताकत जरूरी IIT दिल्ली में पीएम मोदी ने दिया बड़ा संदेश

Ratna Netam
8 Aug 2026 8:06 PM IST
विकसित भारत के लिए युवाओं की ताकत जरूरी IIT दिल्ली में पीएम मोदी ने दिया बड़ा संदेश
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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में शिरकत की और देश के प्रतिभाशाली युवाओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में देश की युवा शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री ने युवाओं से अपने ज्ञान, कौशल और प्रतिभा का इस्तेमाल देश के विकास और समाज के हित में करने का आह्वान किया।
आईआईटी दिल्ली के दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहुंचने पर विद्यार्थियों, शिक्षकों और संस्थान से जुड़े लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। समारोह में बड़ी संख्या में छात्र, उनके अभिभावक, शिक्षक और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। डिग्री हासिल करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह समारोह उनके शैक्षणिक जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। वर्षों की मेहनत और अध्ययन के बाद विद्यार्थियों ने अपनी डिग्री प्राप्त की और नए करियर की दिशा में कदम बढ़ाया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में युवाओं को देश की प्रगति, तकनीक, अनुसंधान और नवाचार से जुड़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं में मौजूद प्रतिभा और ऊर्जा देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखती है। तकनीकी शिक्षा हासिल करने वाले विद्यार्थियों की भूमिका ऐसे समय में और महत्वपूर्ण हो जाती है, जब दुनिया तेजी से बदल रही है और तकनीक अर्थव्यवस्था, उद्योग, शिक्षा तथा स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित कर रही है।
प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि केवल डिग्री हासिल करना ही शिक्षा का अंतिम उद्देश्य नहीं होना चाहिए। शिक्षा के साथ प्राप्त ज्ञान और कौशल का इस्तेमाल समाज और राष्ट्र के हित में किया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं को बदलती तकनीकी दुनिया के साथ लगातार खुद को अपडेट करने और नई चुनौतियों के समाधान खोजने के लिए नवाचार को अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में युवाओं के विचार, तकनीकी क्षमता और रचनात्मकता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
AI आधारित सुपरकंप्यूटिंग सुविधा ‘परम प्रज्ञा’ का उद्घाटन
दीक्षांत समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑनलाइन माध्यम से आईआईटी दिल्ली के सोनीपत परिसर में तैयार की गई एआई आधारित हाई परफॉर्मेंस सुपरकंप्यूटिंग सुविधा ‘परम प्रज्ञा’ का उद्घाटन भी किया। इस सुविधा को अत्याधुनिक तकनीक और अनुसंधान को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
‘परम प्रज्ञा’ जैसी हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सुविधा से कृत्रिम बुद्धिमत्ता, वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचार से जुड़े क्षेत्रों में विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को नई संभावनाएं मिलने की उम्मीद है। आधुनिक कंप्यूटिंग क्षमता के जरिए जटिल शोध और तकनीकी परियोजनाओं पर काम करने में मदद मिल सकती है। इससे संस्थान में अनुसंधान और नवाचार के लिए एक मजबूत तकनीकी आधार तैयार होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री के संबोधन में तकनीक और अनुसंधान को लेकर विशेष जोर दिखाई दिया। उन्होंने युवाओं को देश की तकनीकी क्षमता को मजबूत करने में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य उभरती तकनीकों का तेजी से विस्तार हो रहा है। ऐसे में आईआईटी जैसे प्रमुख तकनीकी संस्थानों से निकलने वाले युवाओं से देश की तकनीकी और औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान की उम्मीद की जा रही है।
3036 विद्यार्थियों को मिली डिग्री
आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में कुल 3036 विद्यार्थियों को विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों के तहत डिग्रियां प्रदान की गईं। डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह दिन उनकी शैक्षणिक यात्रा की उपलब्धि के साथ-साथ नई शुरुआत का अवसर भी रहा। अब ये विद्यार्थी देश और दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी शिक्षा, तकनीकी ज्ञान और कौशल का इस्तेमाल करेंगे।
दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों और उनके परिवारों के लिए भी यह गौरवपूर्ण अवसर रहा। लंबे समय तक पढ़ाई, शोध और प्रशिक्षण के बाद विद्यार्थियों ने अपनी शिक्षा पूरी की। संस्थान से निकलने के बाद उनके सामने रोजगार, उच्च शिक्षा, शोध, स्टार्टअप और उद्यमिता जैसे कई विकल्प मौजूद होंगे।
प्रधानमंत्री ने युवाओं को देश की भविष्य की शक्ति बताते हुए विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया। उन्होंने तकनीकी शिक्षा हासिल करने वाले विद्यार्थियों से अपेक्षा जताई कि वे अपनी प्रतिभा को केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रखें, बल्कि समाज और देश की समस्याओं के समाधान में भी उसका उपयोग करें।
आईआईटी दिल्ली का 57वां दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के लिए उपलब्धि और नई जिम्मेदारियों के बीच एक महत्वपूर्ण पड़ाव बनकर सामने आया। एक ओर जहां हजारों विद्यार्थियों को उनकी मेहनत के बाद डिग्रियां मिलीं, वहीं दूसरी ओर ‘परम प्रज्ञा’ जैसी अत्याधुनिक सुपरकंप्यूटिंग सुविधा के उद्घाटन ने संस्थान में तकनीक और अनुसंधान की दिशा में नए अवसरों की उम्मीद भी बढ़ाई। प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन ने युवाओं को नवाचार, अनुसंधान और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का संदेश दिया। समारोह में डिग्री हासिल करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह अवसर उनके करियर की नई शुरुआत के साथ देश के विकास में योगदान देने की जिम्मेदारी का भी प्रतीक बना।
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