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दिल्ली-एनसीआर
यूथ कांग्रेस ने खटखटाया हाई कोर्ट जंतर मंतर प्रदर्शन पर पुलिस को चुनौती
Ratna Netam
3 Oct 2026 5:54 PM IST

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नई दिल्ली। इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने के दिल्ली पुलिस के फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है। चिब की ओर से दायर याचिका में दिल्ली पुलिस के 1 अक्टूबर 2026 के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें प्रस्तावित शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए अनुमति देने से इनकार किया गया था। मामले की सुनवाई हाई कोर्ट में अगले सप्ताह होने की संभावना बताई गई है।याचिका का संबंध उस प्रदर्शन से है, जिसे जंतर-मंतर पर आयोजित करने के लिए इंडियन यूथ कांग्रेस ने अनुमति मांगी थी। संगठन के मुताबिक, उसने 25 सितंबर को दिल्ली पुलिस के समक्ष आवेदन देकर करीब 100 से 150 लोगों के साथ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की अनुमति मांगी थी। IYC ने अपने आवेदन में भरोसा दिलाया था कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, अनुशासन और कानून-व्यवस्था से जुड़ी सभी निर्धारित शर्तों का पालन किया जाएगा।
1 अक्टूबर के पुलिस आदेश को दी चुनौती
उदय भानु चिब की याचिका में दिल्ली पुलिस के 1 अक्टूबर के निर्णय को चुनौती दी गई है। IYC का कहना है कि उसने प्रस्तावित कार्यक्रम के संबंध में प्रशासन के सामने आवश्यक जानकारी और आश्वासन उपलब्ध कराए थे। इसके बावजूद पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया।मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित अन्य प्रदर्शनों को लेकर भी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते हुए अनुमति नहीं दी थी। 1 अक्टूबर को पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने के साथ बैरिकेडिंग और अतिरिक्त बल की व्यवस्था की थी। पुलिस सूत्रों ने बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की आशंका जताई थी।IYC की ओर से हाई कोर्ट में दाखिल याचिका में इस बात पर जोर दिया गया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार को केवल प्रशासनिक नियंत्रण के नाम पर पूरी तरह रोका नहीं जाना चाहिए। संगठन ने अदालत से दिल्ली पुलिस के आदेश की न्यायिक समीक्षा करने और प्रस्तावित प्रदर्शन के संबंध में उचित राहत देने की मांग की है।
प्रदर्शन के पीछे क्या मुद्दा?
प्रस्तावित प्रदर्शन में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जानी थी। यह मांग मुख्य रूप से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर विपक्षी दलों और कुछ सामाजिक एवं छात्र संगठनों की आपत्तियों से जुड़ी है।विभिन्न विपक्षी समूहों ने SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची में संभावित बदलावों को लेकर सवाल उठाए हैं। इन समूहों की ओर से चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही से संबंधित मुद्दे उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों और राजनीतिक दावों को संबंधित पक्षों के बयानों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। चुनाव आयोग की ओर से इन मुद्दों पर अलग-अलग मौकों पर अपनी स्थिति रखी गई है।जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन के आयोजन से पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। पुलिस ने 2 अक्टूबर के लिए प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी और केंद्रीय दिल्ली में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए।
2 अक्टूबर को बढ़ा तनाव
प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर 2 अक्टूबर को दिल्ली में स्थिति तनावपूर्ण रही। जंतर-मंतर की ओर जाने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली में 550 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि कुछ अन्य रिपोर्टों में संख्या 700 के आसपास बताई गई। प्रदर्शनकारियों में राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और नागरिक समूहों से जुड़े लोग शामिल थे।पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग की थी। इसके अलावा नई दिल्ली इलाके में सार्वजनिक सभाओं को लेकर प्रतिबंधात्मक आदेश भी लागू किए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत कई मार्गों और सार्वजनिक परिवहन पर भी असर पड़ा।प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने कुछ मामलों में एफआईआर भी दर्ज की। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, 2 अक्टूबर के प्रदर्शन से जुड़े मामलों में संसद मार्ग और कनॉट प्लेस थानों में तीन एफआईआर दर्ज की गईं। पुलिस ने सार्वजनिक सेवकों के आदेश की अवहेलना, बाधा डालने और अन्य संबंधित प्रावधानों का उल्लेख किया है।
अब हाई कोर्ट में होगी सुनवाई
अब इस पूरे मामले का कानूनी पक्ष दिल्ली हाई कोर्ट के सामने है। IYC अध्यक्ष उदय भानु चिब ने पुलिस के अनुमति से इनकार करने वाले आदेश को चुनौती देते हुए अदालत से हस्तक्षेप की मांग की है। याचिका पर अदालत में सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस से भी उसके फैसले का आधार पूछा जा सकता है।यह मामला ऐसे समय में अदालत पहुंचा है, जब CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली और अन्य शहरों में राजनीतिक तथा सामाजिक संगठनों की ओर से प्रदर्शन किए जा रहे हैं। 2 अक्टूबर के प्रदर्शनों के बाद 3 अक्टूबर को भी जंतर-मंतर की ओर जाने की कोशिशों और हिरासत की खबरें सामने आईं।फिलहाल हाई कोर्ट की ओर से इस याचिका पर कोई अंतिम आदेश सामने नहीं आया है। इसलिए प्रदर्शन की अनुमति को लेकर अंतिम स्थिति अदालत में होने वाली सुनवाई और उसके आदेश पर निर्भर करेगी। मामले में दिल्ली पुलिस का पक्ष और अदालत की आगे की कार्यवाही यह तय करेगी कि IYC की याचिका पर क्या राहत मिलती है।
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