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यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, बाढ़ की चेतावनी

DELHI दिल्ली: यमुना नदी का जलस्तर मंगलवार देर शाम खतरे के निशान को पार कर गया। केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने जानकारी दी कि ओल्ड रेलवे ब्रिज पर रात 9 बजे जलस्तर 204.56 मीटर दर्ज किया गया, जबकि सुबह 204.58 मीटर था। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतते हुए बाढ़ की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता केंद्रीय जल आयोग ने चेतावनी देते हुए कहा कि यमुना का जलस्तर 205.36 मीटर तक पहुंच सकता है। इस स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में चौकसी बढ़ाने और संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारियाँ शुरू कर दी गई हैं। अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमों को हर समय अलर्ट रहने के लिए कहा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अधिकारियों ने बताया कि यमुना के जलस्तर में वृद्धि का मुख्य कारण वज़ीराबाद और हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया पानी है। इन बैराजों से लगातार बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है, जो दिल्ली पहुंचने पर जलस्तर तेजी से बढ़ा रहा है। अधिकारी ने यह भी बताया कि जलस्तर अभी और बढ़ने की संभावना है, लेकिन शाम तक खतरे के निशान के नीचे आने की उम्मीद है।
प्रभावित क्षेत्रों की तैयारी जलस्तर बढ़ने की स्थिति को देखते हुए नगर निगम और स्थानीय प्रशासन ने निचले इलाकों के निवासियों के लिए अस्थायी राहत शिविर तैयार किए हैं। स्वास्थ्य और राहत कर्मियों को विशेष रूप से तैनात किया गया है ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। बिजली और परिवहन विभागों को भी अलर्ट कर दिया गया है ताकि बाढ़ के दौरान किसी प्रकार की विद्युत या यातायात समस्या से निपटा जा सके। आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के किनारे और संवेदनशील क्षेत्रों में न जाएँ और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत प्रशासन की मदद लें। स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। जलस्तर और मौसम की जानकारी केंद्रीय जल आयोग ने बताया कि वज़ीराबाद और हथिनीकुंड बैराजों से छोड़ा गया पानी यमुना में तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जिससे नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नदी के आसपास रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों पर चले जाएँ और निजी वाहनों का उपयोग न्यूनतम करें। स्थानीय प्रशासन ने यह भी कहा कि लगातार जलस्तर पर नजर रखी जा रही है और नदी किनारे सभी क्षेत्रों में चेतावनी सायरन और मोनोमीटर लगाकर सतर्कता बनाए रखी जा रही है। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे सरकारी निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।





