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दिल्ली : जेईई एडवांस्ड 2026 में महिला उम्मीदवारों के प्रदर्शन को लेकर एक महत्वपूर्ण आंकड़ा सामने आया है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रूड़की द्वारा जारी संयुक्त कार्यान्वयन समिति (JIC) की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल महिलाओं की जेईई एडवांस्ड में योग्यता दर पिछले छह वर्षों में सबसे अधिक रही। रिपोर्ट में शामिल आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में परीक्षा के लिए पंजीकरण कराने वाली लगभग हर चार महिला उम्मीदवारों में से एक ने जेईई एडवांस्ड क्वालिफाई किया।
जेईई एडवांस्ड 2026 के लिए कुल 43,112 महिला उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 40,562 उम्मीदवार दोनों पेपरों में शामिल हुईं। परीक्षा में शामिल होने वाली इन महिला उम्मीदवारों में से 10,107 ने सफलता हासिल की। पंजीकृत महिला उम्मीदवारों के आधार पर इस साल योग्यता दर 23.4 प्रतिशत रही।
यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 2025 में महिला उम्मीदवारों की योग्यता दर 21.7 प्रतिशत थी। यानी एक साल के भीतर महिला उम्मीदवारों की पंजीकरण के मुकाबले क्वालिफिकेशन दर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। JIC की रिपोर्ट में 2021 से 2026 तक के छह वर्षों के आंकड़ों को शामिल किया गया है और इस अवधि में 2026 की 23.4 प्रतिशत दर सबसे अधिक रही।
43 हजार से ज्यादा महिलाओं ने कराया था पंजीकरण
जेईई एडवांस्ड 2026 के लिए 43,112 महिला उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 40,562 उम्मीदवारों ने दोनों पेपर दिए। इसका मतलब है कि पंजीकरण कराने वाली बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवार परीक्षा में वास्तव में शामिल हुईं।
दोनों पेपरों में उपस्थित महिला उम्मीदवारों में से 10,107 ने परीक्षा में सफलता प्राप्त की। इस तरह पंजीकृत उम्मीदवारों के आधार पर महिलाओं की योग्यता दर 23.4 प्रतिशत रही। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है।
जेईई एडवांस्ड देश की सबसे प्रतिस्पर्धी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है। इसमें सफलता हासिल करने वाले उम्मीदवारों को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में दाखिले का अवसर मिलता है। ऐसे में परीक्षा में महिला उम्मीदवारों की भागीदारी और उनके प्रदर्शन के आंकड़े इंजीनियरिंग शिक्षा में महिलाओं की स्थिति को समझने के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
छह साल में पहली बार सबसे ऊंची दर
JIC रिपोर्ट के अनुसार, 2021 से 2026 के बीच महिला उम्मीदवारों की योग्यता दर में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। हालांकि, 2026 में यह दर 23.4 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो रिपोर्ट में शामिल छह साल की अवधि का सर्वोच्च स्तर है।
2025 में यह दर 21.7 प्रतिशत दर्ज की गई थी। इसके मुकाबले 2026 में 1.7 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई। इस तरह लगातार दो वर्षों के आंकड़ों की तुलना करने पर महिला उम्मीदवारों के प्रदर्शन में सुधार दिखाई देता है।
रिपोर्ट के आंकड़े यह भी बताते हैं कि केवल पंजीकरण की संख्या देखना पर्याप्त नहीं है। परीक्षा में उपस्थित होने और फिर उसमें सफलता हासिल करने वाले उम्मीदवारों की संख्या से वास्तविक प्रदर्शन का बेहतर आकलन किया जा सकता है। इस साल 43,112 पंजीकृत महिला उम्मीदवारों में से 40,562 दोनों पेपरों में शामिल हुईं और 10,107 ने क्वालिफाई किया।
करीब चार में से एक महिला उम्मीदवार सफल
इस साल की 23.4 प्रतिशत योग्यता दर का सीधा मतलब है कि पंजीकरण कराने वाली करीब चार महिला उम्मीदवारों में से एक ने जेईई एडवांस्ड के लिए निर्धारित योग्यता हासिल की। यह आंकड़ा महिला उम्मीदवारों के प्रदर्शन में आए बदलाव को रेखांकित करता है।
हालांकि, पंजीकृत उम्मीदवारों के आधार पर योग्यता दर और परीक्षा में दोनों पेपर देने वाले उम्मीदवारों के आधार पर सफलता दर अलग-अलग हो सकती है। JIC रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 43,112 पंजीकृत महिला उम्मीदवारों में से 40,562 दोनों पेपरों में उपस्थित हुईं और 10,107 उम्मीदवार सफल रहीं। इसलिए अलग-अलग आधार पर आंकड़ों को समझना जरूरी है।
इंजीनियरिंग शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी पर फोकस
जेईई एडवांस्ड जैसी परीक्षा में महिला उम्मीदवारों की भागीदारी लंबे समय से शिक्षा क्षेत्र में चर्चा का विषय रही है। आईआईटी में इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा के लिए प्रवेश हासिल करने वाली महिला उम्मीदवारों की संख्या और प्रदर्शन को लेकर हर साल आंकड़े सामने आते हैं।
2026 के आंकड़ों में महिलाओं की योग्यता दर का छह वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंचना इस लिहाज से अहम है। इससे यह संकेत मिलता है कि इस साल पंजीकरण कराने वाली महिला उम्मीदवारों के बीच परीक्षा में सफल होने का अनुपात पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर रहा।
हालांकि, केवल योग्यता दर के आधार पर महिला उम्मीदवारों के पूरे प्रदर्शन का आकलन नहीं किया जा सकता। इसके लिए परीक्षा में उपस्थित उम्मीदवारों की संख्या, सफल उम्मीदवारों की संख्या और आगे दाखिले से जुड़े आंकड़ों को भी अलग-अलग देखना होगा।
2025 के मुकाबले स्पष्ट सुधार
2025 में महिला उम्मीदवारों की योग्यता दर 21.7 प्रतिशत थी, जबकि 2026 में यह बढ़कर 23.4 प्रतिशत हो गई। इस तरह एक साल में योग्यता दर में 1.7 प्रतिशत अंक का सुधार दर्ज किया गया।
JIC की रिपोर्ट में 2021 से 2026 तक के आंकड़ों को शामिल किए जाने के कारण इस साल के प्रदर्शन की तुलना छह साल की अवधि से की जा सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की 23.4 प्रतिशत योग्यता दर इस पूरी अवधि में सबसे अधिक है।
जेईई एडवांस्ड 2026 के महिला उम्मीदवारों से जुड़े ये आंकड़े परीक्षा में उनकी भागीदारी और सफलता के अनुपात को समझने में मदद करते हैं। 43,112 पंजीकरण, 40,562 दोनों पेपरों में उपस्थिति और 10,107 सफल उम्मीदवारों के आंकड़े इस साल के प्रदर्शन की तस्वीर सामने रखते हैं। वहीं 23.4 प्रतिशत की योग्यता दर का छह वर्षों में सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचना 2026 के परीक्षा परिणामों की एक प्रमुख विशेषता बनकर सामने आया है।





