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दिल्ली में महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों को मिलेंगे 1300 पिंक ई ऑटो

Ratna Netam
11 Oct 2026 8:51 PM IST
दिल्ली में महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों को मिलेंगे 1300 पिंक ई ऑटो
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नई दिल्ली। दिल्ली सरकार महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए 'दुर्गा' ई-ऑटो योजना शुरू करने की तैयारी कर रही है। इस योजना के तहत पहले चरण में कुल 1,300 पिंक इलेक्ट्रिक ऑटो आवंटित किए जाएंगे। इनमें 1,170 ई-ऑटो महिलाओं के लिए और 130 ई-ऑटो ट्रांसजेंडर लाभार्थियों के लिए आरक्षित रखे गए हैं। दिल्ली कैबिनेट ने इस योजना को मंजूरी दे दी है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ राजधानी में पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है।दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि इस योजना के माध्यम से महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों को रोजगार का स्थायी साधन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने और राजधानी में लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जाएगा।योजना के तहत आवेदन की प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी की जाएगी। इसके लिए नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC), दिल्ली की ओर से एक विशेष पोर्टल तैयार किया गया है। आवेदनों की जांच जिला स्तर पर गठित समितियां करेंगी।
पहले चरण में 1300 पिंक ई-ऑटो का आवंटन
दिल्ली सरकार की दुर्गा ई-ऑटो योजना के पहले चरण में 1,300 इलेक्ट्रिक ऑटो आवंटित करने का प्रावधान किया गया है। इनमें महिलाओं के लिए 1,170 और ट्रांसजेंडर लोगों के लिए 130 ऑटो आरक्षित होंगे।सरकार ने योजना के तहत प्रत्येक राजस्व जिले के लिए अलग-अलग कोटा निर्धारित किया है। हर जिले में महिलाओं के लिए 90 और ट्रांसजेंडर लाभार्थियों के लिए 10 ई-ऑटो उपलब्ध कराए जाएंगे।इस प्रकार प्रत्येक जिले में कुल 100 पिंक इलेक्ट्रिक ऑटो का आवंटन किया जाएगा।सरकार का उद्देश्य योजना का लाभ विभिन्न जिलों के पात्र आवेदकों तक पहुंचाना है। जिला स्तर पर कोटा निर्धारित किए जाने से आवंटन प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सकेगा।हालांकि, योजना के तहत ई-ऑटो की कीमत, सब्सिडी और लाभार्थियों को मिलने वाली वित्तीय सहायता के संबंध में उपलब्ध जानकारी में कोई स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया है।
महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों को मिलेगा रोजगार
परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दुर्गा ई-ऑटो योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों को रोजगार का अवसर प्रदान करना है।उन्होंने बताया कि योजना के माध्यम से लाभार्थियों को आय अर्जित करने का साधन उपलब्ध कराने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाएगा।ई-ऑटो संचालन के जरिए पात्र लाभार्थियों को परिवहन क्षेत्र में काम करने का अवसर मिलेगा।सरकार का मानना है कि इस पहल से उन लोगों के लिए रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं, जो परिवहन क्षेत्र में अपनी आजीविका शुरू करना चाहते हैं।योजना में महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों के लिए अलग-अलग कोटा निर्धारित किया गया है, ताकि दोनों वर्गों को इसका लाभ मिल सके।
हर जिले में महिलाओं के लिए 90 ऑटो आरक्षित
दुर्गा ई-ऑटो योजना के तहत दिल्ली के प्रत्येक राजस्व जिले में महिलाओं के लिए 90 इलेक्ट्रिक ऑो का कोटा निर्धारित किया गया है।इसके अलावा प्रत्येक जिले में ट्रांसजेंडर लाभार्थियों के लिए 10 ई-ऑटो आरक्षित रखे गए हैं।इस व्यवस्था के माध्यम से कुल 1,300 ई-ऑटो का वितरण किया जाएगा।सरकार ने योजना के संचालन के लिए जिला स्तर पर आवेदन की जांच और लाभार्थियों के चयन की व्यवस्था भी तय की है।आवेदन करने वाले लोगों की पात्रता की जांच संबंधित समितियां करेंगी। इसके बाद निर्धारित कोटे के अनुसार लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।यदि किसी जिले में पात्र आवेदकों की संख्या उपलब्ध ऑटो की संख्या से अधिक होती है, तो चयन ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।
डिजिटल पोर्टल से होंगे आवेदन
दुर्गा ई-ऑटो योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन रखी जाएगी। नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर, दिल्ली द्वारा तैयार किए गए डिजिटल पोर्टल के माध्यम से आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।इस व्यवस्था के तहत इच्छुक आवेदक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सकेंगे।ऑनलाइन आवेदन प्रणाली का उद्देश्य आवेदन और चयन की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाना है।पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की जांच संबंधित जिला समितियां करेंगी। पात्रता के आधार पर आवेदकों की सूची तैयार की जाएगी और निर्धारित कोटे के अनुसार चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।हालांकि, आवेदन शुरू होने की तारीख, पोर्टल का सार्वजनिक लिंक और आवश्यक दस्तावेजों की विस्तृत सूची अभी उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं की गई है।
जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में होगी जांच
दिल्ली सरकार ने योजना के तहत प्राप्त आवेदनों की जांच के लिए जिला स्तर पर समितियां गठित करने की व्यवस्था तय की है।इन समितियों की अध्यक्षता संबंधित जिला मजिस्ट्रेट करेंगे।समितियां प्रत्येक सप्ताह प्राप्त आवेदनों की जांच करेंगी और निर्धारित पात्रता मानदंडों के आधार पर आवेदकों की स्थिति का आकलन करेंगी।इस व्यवस्था का उद्देश्य लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित करना है।जिला स्तर पर जांच पूरी होने के बाद पात्र आवेदकों को आवंटन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
अधिक आवेदन आने पर ऑनलाइन लॉटरी
दुर्गा ई-ऑटो योजना में लाभार्थियों के चयन के लिए ऑनलाइन लॉटरी की व्यवस्था भी रखी गई है।यदि किसी जिले में पात्र आवेदकों की संख्या उपलब्ध कोटे से अधिक होती है, तो ऑनलाइन लॉटरी के जरिए चयन किया जाएगा।उदाहरण के तौर पर, किसी जिले में महिलाओं के लिए निर्धारित 90 ई-ऑटो के मुकाबले अधिक पात्र आवेदन प्राप्त होने पर चयन लॉटरी के माध्यम से होगा।इसी तरह ट्रांसजेंडर लाभार्थियों के लिए निर्धारित 10 ऑटो के कोटे से अधिक पात्र आवेदन आने पर भी यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी।इस व्यवस्था से निर्धारित कोटे के भीतर चयन करने में सुविधा होगी।
इलेक्ट्रिक परिवहन को मिलेगा बढ़ावा
दिल्ली सरकार की इस योजना का एक अन्य उद्देश्य राजधानी में इलेक्ट्रिक परिवहन व्यवस्था को प्रोत्साहित करना है।परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह के अनुसार, दुर्गा योजना रोजगार उपलब्ध कराने के साथ पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल है।इलेक्ट्रिक ऑटो के संचालन से यात्रियों को परिवहन का अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होगा।इसके साथ ही राजधानी में लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा। लास्ट-माइल कनेक्टिविटी का अर्थ यात्रियों को मेट्रो स्टेशन, बस स्टॉप या अन्य प्रमुख परिवहन केंद्रों से उनके अंतिम गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा उपलब्ध कराना है।ई-ऑटो के जरिए इस तरह की परिवहन जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिल सकती है।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू करने की तैयारी
दिल्ली कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब दुर्गा ई-ऑटो योजना को लागू करने की तैयारी की जा रही है।पहले चरण में कुल 1,300 पिंक इलेक्ट्रिक ऑटो आवंटित किए जाएंगे। इनमें 90 प्रतिशत ऑटो महिलाओं और 10 प्रतिशत ट्रांसजेंडर लाभार्थियों के लिए आरक्षित हैं।योजना में डिजिटल आवेदन, जिला स्तर पर साप्ताहिक जांच और जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से चयन का प्रावधान किया गया है।परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों को रोजगार का साधन उपलब्ध कराकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।फिलहाल योजना के आवेदन शुरू होने की आधिकारिक तारीख और विस्तृत पात्रता शर्तों की जानकारी सामने आना बाकी है। इनकी घोषणा के बाद इच्छुक लाभार्थी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सकेंगे।
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