दिल्ली-एनसीआर

Cauvery बेसिन में जल संकट गहराया, तमिलनाडु को जल आपूर्ति में 60% की गिरावट

Kavita2
17 Jun 2026 10:36 AM IST
Cauvery बेसिन में जल संकट गहराया, तमिलनाडु को जल आपूर्ति में 60% की गिरावट
x

New Delhi नई दिल्ली : कावेरी नदी बेसिन में इस वर्ष गंभीर जल संकट की स्थिति बनी हुई है। कम वर्षा और जल प्रवाह में भारी गिरावट के कारण जून 2026 की पहली छमाही में तमिलनाडु को कावेरी जल की उपलब्धता लगभग 60 प्रतिशत तक कम हो गई है। इससे दोनों राज्यों—कर्नाटक और तमिलनाडु—के जलाशयों में जल स्तर तेजी से घटा है, जिससे पेयजल आपूर्ति और कृषि गतिविधियों पर सीधा असर पड़ा है।

बिलिगुंडलू अंतरराज्यीय निगरानी केंद्र पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार, जून के पहले दो हफ्तों में कर्नाटक से तमिलनाडु की ओर बहने वाले कावेरी जल में करीब 60 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। यह स्थिति कावेरी बेसिन में बारिश की भारी कमी और जल स्रोतों के कमजोर पड़ने का संकेत देती है।

जल संसाधन विभाग के अनुसार, इस साल वर्षा सामान्य से कम रहने के कारण नदियों और जलाशयों में पानी का प्रवाह प्रभावित हुआ है। इसके चलते दोनों राज्यों के प्रमुख जलाशयों में जल स्तर पिछले वर्ष की तुलना में काफी नीचे चला गया है, जिससे आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

इसी बीच, चालू जल वर्ष (जून 2026 - मई 2027) की पहली बैठक में कावेरी जल विनियमन समिति (Cauvery Water Regulation Committee) ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की। समिति ने दोनों राज्यों को सलाह दी है कि वे जल उपयोग में सावधानी बरतें और विशेष रूप से खरीफ फसलों की बुवाई के दौरान पानी के उपयोग को नियंत्रित रखें।

समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि पीने के पानी की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसके साथ ही कृषि और अन्य उपयोगों के लिए जल आवंटन में संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है, ताकि संकट की स्थिति और न बिगड़े।

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार कम वर्षा और जल प्रवाह में गिरावट के कारण कावेरी बेसिन में तनाव बढ़ रहा है। इसका सबसे अधिक प्रभाव ग्रामीण क्षेत्रों में खेती पर पड़ रहा है, जहां सिंचाई के लिए पूरी तरह से नदियों और जलाशयों पर निर्भरता होती है।

इस स्थिति को देखते हुए दोनों राज्यों को जल प्रबंधन रणनीति में सुधार करने और आपसी समन्वय के साथ आगे बढ़ने की जरूरत बताई जा रही है। आने वाले हफ्तों में यदि बारिश में सुधार नहीं होता है, तो जल संकट और गहरा सकता है।

कुल मिलाकर, कावेरी बेसिन में जल स्तर की गिरावट ने एक बार फिर अंतरराज्यीय जल प्रबंधन और जल संरक्षण की चुनौतियों को सामने ला दिया है।

Next Story