दिल्ली-एनसीआर

क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ा PLA का वांछित सदस्य

Ratna Netam
6 Nov 2026 2:14 PM IST
क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ा PLA का वांछित सदस्य
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नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में पुलिस की क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है। दिल्ली पुलिस ने मणिपुर के प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) से जुड़े एक वांछित सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी मणिपुर में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत दर्ज मामले में वांछित था। पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी। गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां आरोपी की गतिविधियों और दिल्ली में उसके संपर्कों की जानकारी जुटा रही हैं। प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपी दक्षिण दिल्ली इलाके में छिपा हुआ था। हालांकि, फर्जी पहचान के इस्तेमाल और दिल्ली में उसके कामकाज के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की वेस्टर्न रेंज-1 यूनिट ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। गिरफ्तार आरोपी मणिपुर के थोउबल पुलिस थाने में दर्ज एक मामले में वांछित था। उसके खिलाफ UAPA के तहत मामला दर्ज है। पुलिस को आरोपी के दिल्ली में मौजूद होने की जानकारी मिलने के बाद उसकी तलाश तेज की गई। क्राइम ब्रांच की टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। इस गिरफ्तारी को सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित था। लंबे समय से फरार चल रहे इस सदस्य की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वह राष्ट्रीय राजधानी में कब से रह रहा था और यहां उसकी गतिविधियां किस प्रकार की थीं। जांच के दौरान उसके संपर्कों और संभावित सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा सकती है। हालांकि, पुलिस ने अब तक उसके किसी स्थानीय सहयोगी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है।
मणिपुर में दर्ज है UAPA के तहत मामला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्ति प्रतिबंधित पीपुल्स लिबरेशन आर्मी से जुड़ा हुआ है। मणिपुर के थोउबल पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। यह कानून देश की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा से जुड़ी गैरकानूनी गतिविधियों तथा आतंकवाद संबंधी अपराधों से निपटने के लिए बनाया गया है।बताया जा रहा है कि आरोपी की गिरफ्तारी के संबंध में दिल्ली पुलिस के उपायुक्त (अपराध) हर्ष इंदोरा की ओर से विस्तृत जानकारी दी जानी है। पुलिस की आधिकारिक ब्रीफिंग के बाद आरोपी की पहचान, उसके खिलाफ दर्ज मामले और गिरफ्तारी की परिस्थितियों से जुड़े अतिरिक्त तथ्य स्पष्ट हो सकते हैं।
दक्षिण दिल्ली से गिरफ्तारी की खबर
प्रारंभिक मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, क्राइम ब्रांच ने आरोपी को दक्षिण दिल्ली से पकड़ा है। यह जानकारी सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि मणिपुर में वांछित व्यक्ति राष्ट्रीय राजधानी तक कैसे पहुंचा और यहां रहते हुए उसने किन लोगों से संपर्क स्थापित किया।दिल्ली जैसे महानगर में बड़ी संख्या में लोग रोजगार, पढ़ाई और व्यवसाय के सिलसिले में आते हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों के सामने गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।इस मामले में यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होगा कि आरोपी ने दिल्ली में रहने के दौरान अपनी वास्तविक पहचान छिपाई थी या नहीं। यदि उसने किसी दूसरी पहचान का उपयोग किया था, तो उससे जुड़े दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच भी महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल इन पहलुओं पर कोई विस्तृत आधिकारिक निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं हुआ है।
क्या है पीपुल्स लिबरेशन आर्मी?
पीपुल्स लिबरेशन आर्मी मणिपुर में सक्रिय रहा एक प्रतिबंधित अलगाववादी उग्रवादी संगठन है। इसका संबंध रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट (RPF) से है, जिसे इसका राजनीतिक संगठन माना जाता है।यह संगठन मणिपुर को भारत से अलग करके स्वतंत्र राजनीतिक व्यवस्था स्थापित करने की विचारधारा से जुड़ा रहा है। संगठन की गतिविधियां लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में रही हैं।पीएलए मुख्य रूप से मणिपुर की घाटी से जुड़े उग्रवादी संगठनों में गिना जाता है। संगठन ने पूर्वोत्तर के विभिन्न जातीय समुदायों को अपने राजनीतिक उद्देश्य से जोड़ने की बात भी की है। हालांकि, उसकी अलगाववादी गतिविधियों और सशस्त्र संघर्ष के कारण उसे प्रतिबंधित संगठनों की सूची में रखा गया है।
दिल्ली में संपर्कों की जानकारी जुटाना अहम
इस गिरफ्तारी के बाद सबसे महत्वपूर्ण पहलू आरोपी के दिल्ली में रहने की परिस्थितियों और उसकी गतिविधियों की जांच होगी। सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह पता लगाना जरूरी हो सकता है कि वह किस उद्देश्य से दिल्ली आया था और क्या यहां उसका किसी प्रतिबंधित संगठन से संबंधित व्यक्ति के साथ संपर्क था।इसके अतिरिक्त, आरोपी के मणिपुर से दिल्ली पहुंचने के रास्ते और इस दौरान इस्तेमाल किए गए पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच से भी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।हालांकि, अभी तक ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है जिससे यह पुष्टि हो कि आरोपी दिल्ली में किसी हमले की योजना बना रहा था या यहां किसी सक्रिय उग्रवादी नेटवर्क का संचालन कर रहा था।
मणिपुर में लगातार चल रहे उग्रवाद विरोधी अभियान
मणिपुर में सुरक्षा बल प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं। विभिन्न जिलों में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल संयुक्त कार्रवाई करते रहे हैं।विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में उग्रवादी संगठनों की गतिविधियां सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय रही हैं। इससे पहले भी मणिपुर में पीएलए और अन्य प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े सदस्यों की गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।दिल्ली में हुई ताजा गिरफ्तारी से मणिपुर के लंबित मामले की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।फिलहाल दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच आरोपी से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है। आगे की कानूनी प्रक्रिया और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय से यह स्पष्ट होगा कि आरोपी की गिरफ्तारी से मणिपुर में दर्ज मामले में कौन-सी नई जानकारी सामने आती है।
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