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26 दिन बाद वांगचुक का अनशन खत्म, CJP का संघर्ष जारी

Kavita2
24 July 2026 10:47 AM IST
26 दिन बाद वांगचुक का अनशन खत्म, CJP का संघर्ष जारी
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नई दिल्ली : शिक्षा व्यवस्था में सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं पर कार्रवाई और प्रश्नपत्र लीक जैसे मामलों में जवाबदेही की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। वांगचुक पिछले 26 दिनों से अनशन पर थे। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से अपनी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद यह फैसला लिया।

सोनम वांगचुक ने लंबे समय से चल रहे अपने आंदोलन के दौरान शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता और छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दे उठाए थे। उन्होंने प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली में सुधार और जिम्मेदारी तय करने की मांग की थी। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी रखी थी।

वांगचुक के अनशन खत्म करने का फैसला केंद्र सरकार के साथ हुई बातचीत और मिले आश्वासन के बाद आया। गुरुवार देर रात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात की थी।

इस मुलाकात के दौरान दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने सरकार की ओर से कई आश्वासन दिए। इसके बाद वांगचुक ने आंदोलन को समाप्त करने का निर्णय लिया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

सोनम वांगचुक लंबे समय से शिक्षा और सामाजिक सुधार से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाते रहे हैं। इस आंदोलन के दौरान उन्होंने युवाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता जरूरी है, ताकि मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय न हो।

उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा था कि ऐसी घटनाएं छात्रों के विश्वास को कमजोर करती हैं। उन्होंने सरकार से ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग की थी, जिसमें परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और जवाबदेह हो।

वहीं, सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने के बाद भी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। संगठन ने कहा है कि वह जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन जारी रखेगा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।

CJP का कहना है कि केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में ठोस सुधार और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई जरूरी है। संगठन ने कहा कि छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। विपक्षी दल पहले से ही परीक्षा व्यवस्था और पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते रहे हैं। उनका आरोप है कि ऐसी घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है और सरकार को इस मामले में जवाबदेही तय करनी चाहिए।

वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने और अनियमितताओं को रोकने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। सरकार ने पेपर लीक और परीक्षा में धोखाधड़ी रोकने के लिए कड़े नियम लागू करने की बात कही है।

सोनम वांगचुक के आंदोलन को छात्रों और शिक्षा सुधार से जुड़े कई लोगों का समर्थन मिला था। उनके समर्थकों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता समय की जरूरत है।

अनशन खत्म होने के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि केंद्र सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों पर किस तरह अमल किया जाता है। यदि सरकार की ओर से ठोस कदम उठाए जाते हैं तो इसे आंदोलन की प्रमुख उपलब्धि माना जा सकता है।

फिलहाल सोनम वांगचुक का 26 दिनों से चल रहा अनशन समाप्त हो गया है, लेकिन शिक्षा सुधार और परीक्षा व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर बहस जारी है। वहीं, CJP के प्रदर्शन जारी रखने के फैसले से यह मुद्दा अभी भी राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का केंद्र बना रहेगा।

26 दिन बाद सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन

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