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उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने राष्ट्रपति मुर्मू को दी दिवाली की शुभकामनाएं

Ratna Netam
8 Nov 2026 2:33 PM IST
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने राष्ट्रपति मुर्मू को दी दिवाली की शुभकामनाएं
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नई दिल्ली। देशभर में दीपावली के पावन पर्व की खुशियों के बीच उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को दिवाली की शुभकामनाएं दीं। रोशनी, उल्लास और खुशियों के इस त्योहार के अवसर पर उपराष्ट्रपति की ओर से राष्ट्रपति को शुभकामनाएं देना देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों के बीच सम्मान और सौहार्द का प्रतीक है। दीपावली का त्योहार पूरे देश में उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है। ऐसे में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों के बीच शुभकामनाओं का आदान-प्रदान इस पर्व के महत्व को और बढ़ाता है।दीपावली भारतीय संस्कृति और परंपराओं का एक प्रमुख त्योहार है। इसे प्रकाश का पर्व कहा जाता है, जो अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई और निराशा पर आशा की विजय का संदेश देता है। इस अवसर पर लोग अपने घरों को दीपों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाते हैं। परिवार के सदस्य एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर त्योहार की खुशियां साझा करते हैं। इसी उत्सव के बीच उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को शुभकामनाएं देकर दीपावली के अवसर पर सम्मान और सद्भाव की परंपरा को आगे बढ़ाया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन हैं। वहीं, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन देश के दूसरे सर्वोच्च संवैधानिक पद की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। दोनों पद भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में विशेष महत्व रखते हैं। राष्ट्रपति राष्ट्र की संवैधानिक प्रमुख होती हैं, जबकि उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में राष्ट्रीय त्योहारों और विशेष अवसरों पर इन संवैधानिक पदाधिकारियों के बीच शुभकामनाओं का आदान-प्रदान गरिमामय परंपरा का हिस्सा है।उपराष्ट्रपति की ओर से राष्ट्रपति को दी गई दिवाली की शुभकामनाएं ऐसे अवसर पर सामने आई हैं, जब देशभर में लोग दीपोत्सव की खुशियां मना रहे हैं। दीपावली का त्योहार भारतीय समाज में पारिवारिक एकता, सामाजिक सद्भाव और आपसी प्रेम का विशेष महत्व रखता है। यह पर्व केवल घरों में दीप जलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने और संबंधों को मजबूत बनाने का अवसर भी प्रदान करता है।
दीपावली के अवसर पर शुभकामनाएं देने की परंपरा भारतीय सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लोग अपने परिजनों, मित्रों, सहयोगियों और परिचितों को त्योहार की बधाई देते हैं। इसी तरह सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोग भी विशेष अवसरों पर शुभकामनाओं का आदान-प्रदान करते हैं। यह परंपरा आपसी सम्मान, सहयोग और सकारात्मक संबंधों को बनाए रखने का संदेश देती है।राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों का भारतीय लोकतंत्र में अपना अलग महत्व है। दोनों संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े पदाधिकारी देश की लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक मूल्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं। दीपावली जैसे सांस्कृतिक अवसरों पर शुभकामनाओं का आदान-प्रदान इन संस्थाओं की गरिमा और पारस्परिक सम्मान की भावना को दर्शाता है।भारत विविधताओं से भरा देश है, जहां अलग-अलग क्षेत्रों में दीपावली को विभिन्न परंपराओं और रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है। कहीं भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी में दीप जलाए जाते हैं, तो कहीं माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व होता है। विभिन्न सांस्कृतिक परंपराओं के बावजूद इस त्योहार का मूल संदेश खुशियां बांटना, सकारात्मकता फैलाना और समाज में एकता बनाए रखना है।
दीपावली का पर्व लोगों को जीवन में नई शुरुआत करने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है। इस अवसर पर लोग अपने घरों और कार्यस्थलों की साफ-सफाई करते हैं तथा दीप जलाकर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। त्योहार के दौरान परिवारों में उत्साह का वातावरण रहता है और लोग एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा करते हैं।राष्ट्रीय स्तर पर भी दीपावली का विशेष महत्व है। यह त्योहार भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं को प्रदर्शित करता है। रोशनी का यह पर्व लोगों को सामाजिक एकता, प्रेम, भाईचारे और सद्भाव का संदेश देता है। दीपावली के अवसर पर राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पदाधिकारियों की शुभकामनाएं सार्वजनिक जीवन में त्योहारों की गरिमा को रेखांकित करती हैं।उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को दी गई शुभकामनाओं को भी इसी परंपरा के रूप में देखा जा सकता है। यह अवसर भारतीय संस्कृति में त्योहारों के सामाजिक और राष्ट्रीय महत्व को दर्शाता है। दीपावली केवल व्यक्तिगत खुशियों का पर्व नहीं, बल्कि सामूहिक उत्सव और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है।इस अवसर पर देशभर में दीपावली की रौनक दिखाई दे रही है। घरों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर दीपों की रोशनी के साथ उत्सव मनाया जा रहा है। लोग अपने परिवारों के साथ त्योहार की खुशियां साझा कर रहे हैं। ऐसे वातावरण में देश के शीर्ष संवैधानिक पदाधिकारियों के बीच शुभकामनाओं का आदान-प्रदान पर्व की गरिमा को और विशेष बनाता है।उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को दिवाली की शुभकामनाएं दिए जाने की यह खबर देश की संवैधानिक परंपराओं के साथ भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों की भी झलक प्रस्तुत करती है। दीपावली का संदेश है कि समाज में प्रेम, सद्भाव, सहयोग और सकारात्मकता बनी रहे तथा हर व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का प्रकाश फैले।
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