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प्रियागोल्ड बिस्किट में पशु चारे के इस्तेमाल का खुलासा, नेपाल ने आयात और बिक्री पर लगाया प्रतिबंध

नई दिल्ली/काठमांडू। भारत के मशहूर बिस्किट ब्रांड प्रियागोल्ड को लेकर खाद्य सुरक्षा से जुड़ा बड़ा विवाद सामने आया है। बिस्किट बनाने में पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल होने वाले चोकर के उपयोग का मामला सामने आने के बाद नेपाल सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। नेपाल ने भारतीय कंपनी सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड द्वारा निर्मित प्रियागोल्ड बिस्किट के आयात, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही बाजार में पहले से उपलब्ध बिस्किट के पैकेट वापस मंगाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। भारत के खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की कार्रवाई के बाद नेपाल सरकार ने यह कदम उठाया है। इस घटनाक्रम से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
नेपाल सरकार ने आपात बैठक के बाद लिया फैसला
नेपाल के खाद्य प्रौद्योगिकी एवं गुणवत्ता नियंत्रण विभाग ने 19 अक्टूबर 2026 को प्रियागोल्ड बिस्किट पर प्रतिबंध संबंधी नोटिस जारी किया।
विभाग के महानिदेशक संजीव कुमार कर्ण की पहल पर अधिकारियों की आपातकालीन ऑनलाइन बैठक बुलाई गई थी। इसमें भारत में हुई कार्रवाई और खाद्य सुरक्षा से जुड़े तथ्यों पर चर्चा की गई।
बैठक के बाद अधिकारियों ने उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रियागोल्ड बिस्किट के आयात, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का निर्णय लिया।
नेपाल सरकार ने आयातकों, व्यापारियों और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे अगली सूचना तक इन उत्पादों का आयात और वितरण न करें।
भारत में जांच के दौरान सामने आई गंभीर खामियां
भारत में खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने प्रियागोल्ड बिस्किट बनाने वाली कंपनी सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।
जांच के दौरान कंपनी की विनिर्माण इकाई में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से संबंधित कई गंभीर कमियां सामने आने की जानकारी दी गई है।
रिपोर्टों के मुताबिक, बिस्किट बनाने में फाइबर के स्रोत के रूप में ऐसे चोकर का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो पशुओं के चारे के लिए निर्धारित था।
निरीक्षण में संबंधित कच्चे माल की बोरियों पर पशुओं के चारे के लिए होने और मानव उपभोग के लिए उपयुक्त नहीं होने का उल्लेख पाया गया।
इसी के आधार पर खाद्य सुरक्षा नियामक ने कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की।
कंपनी का खाद्य लाइसेंस भी निलंबित
मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएसएआई ने सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड का संबंधित खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया है।
जांच के दौरान कारखाने में सफाई व्यवस्था, कीट नियंत्रण, कच्चे माल के भंडारण और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता से संबंधित कमियां भी सामने आईं।
खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत किसी भी निर्माता के लिए जरूरी है कि खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री मानव उपभोग के लिए उपयुक्त हो।
नियामक की ओर से कानूनी अभियोजन की प्रक्रिया शुरू की गई है। हालांकि कार्रवाई और आरोपों पर अंतिम कानूनी निष्कर्ष संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
बाजार से सभी बैच वापस मंगाने के निर्देश
नेपाल सरकार ने केवल नए आयात पर रोक लगाने तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। अधिकारियों ने बाजार में मौजूद प्रियागोल्ड बिस्किट के स्टॉक को भी वापस मंगाने का आदेश दिया है।
यह निर्देश सभी उत्पादन तिथियों और बैच नंबरों के उत्पादों पर लागू किया गया है।
खाद्य विभाग ने अधिकृत आयातकों, थोक व्यापारियों और दुकानदारों को निर्देश दिया है कि वे बिस्किट की बिक्री तत्काल बंद करें।
बाजार से वापस लिए गए उत्पादों को संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों और खाद्य विभाग के प्रतिनिधियों की निगरानी में सुरक्षित तरीके से नष्ट करने की व्यवस्था करने को कहा गया है।
आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नेपाल के खाद्य स्वच्छता एवं गुणवत्ता कानून के तहत कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता
प्रियागोल्ड भारत के जाने-माने बिस्किट ब्रांडों में शामिल है। इसके विभिन्न उत्पाद लंबे समय से बाजार में उपलब्ध हैं।
बिस्किट बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के बीच लोकप्रिय खाद्य पदार्थ हैं। ऐसे में खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का मामला सामने आने से उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
खाद्य विशेषज्ञों के अनुसार, पशु चारे के लिए निर्धारित कच्चे माल को बिना आवश्यक खाद्य-गुणवत्ता मानकों की पुष्टि के मानव उपभोग वाले उत्पादों में इस्तेमाल करना गंभीर विषय है।
हालांकि इस मामले में यह स्पष्ट करना जरूरी है कि सामने आई कार्रवाई विशेष रूप से कच्चे माल की उपयुक्तता और विनिर्माण संबंधी खामियों से जुड़ी है। इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए कि संबंधित बिस्किट खाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को स्वास्थ्य नुकसान हुआ है।
तीन कंपनियों के खिलाफ एफएसएसएआई की कार्रवाई
प्रियागोल्ड निर्माता के अलावा एफएसएसएआई ने दो अन्य खाद्य कंपनियों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है।
इनमें डोडला डेयरी लिमिटेड और यूईआईआर ऑर्गेनिक फूड्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, डोडला डेयरी के दूध से संबंधित नमूने में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की बात सामने आई है।
वहीं, यूईआईआर ऑर्गेनिक फूड्स की पीली किशमिश में कीटनाशकों के अवशेष तय सीमा से अधिक पाए जाने की जानकारी दी गई है।
इन मामलों में नियामक ने संबंधित कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है।
भारत और नेपाल के व्यापार पर भी पड़ सकता है असर
भारत से नेपाल में विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों का निर्यात किया जाता है। इनमें पैकेटबंद खाद्य सामग्री, बिस्किट और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं शामिल हैं।
ऐसे में प्रियागोल्ड बिस्किट पर प्रतिबंध लगने से संबंधित आयातकों और वितरकों को अपने स्टॉक तथा आपूर्ति व्यवस्था में बदलाव करना पड़ेगा।
नेपाल सरकार का फैसला यह भी दर्शाता है कि किसी देश में खाद्य सुरक्षा संबंधी कार्रवाई होने पर दूसरे देश के नियामक भी उपभोक्ता हित में कदम उठा सकते हैं।
हालांकि इस प्रतिबंध से कंपनी को होने वाले आर्थिक नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा अभी उपलब्ध नहीं है।
कंपनी के जवाब और अगली कार्रवाई पर नजर
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में कंपनी की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया स्पष्ट नहीं है।
आने वाले दिनों में कंपनी का पक्ष, खाद्य सुरक्षा विभाग की आगे की कार्रवाई और नेपाल में उत्पादों की वापसी की प्रक्रिया महत्वपूर्ण रहेगी।
उपभोक्ताओं के लिए भी जरूरी है कि वे खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।
प्रियागोल्ड बिस्किट पर नेपाल सरकार का प्रतिबंध खाद्य उद्योग के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। इससे साफ है कि खाद्य उत्पादों के निर्माण में गुणवत्ता, स्वच्छता और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और संबंधित कंपनी के जवाब पर नजर बनी रहेगी।





