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केंद्रीय मंत्री के बयान पर बवाल कांग्रेस ने साधा निशाना

Ratna Netam
18 Aug 2026 3:18 PM IST
केंद्रीय मंत्री के बयान पर बवाल कांग्रेस ने साधा निशाना
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नई दिल्ली। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को लेकर दिए गए एक बयान के बाद देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। केंद्रीय मंत्री द्वारा सोनिया गांधी की पृष्ठभूमि और उनकी पहचान को लेकर की गई टिप्पणी पर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है। पार्टी ने इसे आपत्तिजनक और राजनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया है। वहीं, बीजेपी नेताओं की ओर से इस बयान का बचाव करते हुए इसे राजनीतिक बहस का हिस्सा बताया जा रहा है।
मामला उस समय सामने आया जब केंद्रीय मंत्री ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान सोनिया गांधी को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने उनके इटली मूल का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी पृष्ठभूमि विदेशी रही है। इस बयान के बाद कांग्रेस नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी और आरोप लगाया कि बीजेपी नेता बार-बार निजी टिप्पणियों के जरिए राजनीतिक माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं।
कांग्रेस ने कहा कि सोनिया गांधी ने कई दशकों से भारतीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और उनकी नागरिकता, योगदान और सार्वजनिक जीवन पर सवाल उठाना अनुचित है। पार्टी नेताओं ने कहा कि ऐसे बयान राजनीतिक असहमति की सीमाओं को पार करते हैं और देश के मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास हैं।
कांग्रेस की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी इस बयान पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध नीतियों और विचारधारा पर होना चाहिए, न कि किसी व्यक्ति की जन्मभूमि या निजी पहचान को लेकर। कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय मंत्री से बयान वापस लेने की मांग भी की।
वहीं, बीजेपी की ओर से कहा गया कि विपक्ष इस मुद्दे को बेवजह तूल दे रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सोनिया गांधी की राजनीतिक भूमिका और उनकी पृष्ठभूमि पर चर्चा पहले भी होती रही है। बीजेपी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह आलोचना का जवाब देने के बजाय भावनात्मक मुद्दों को आगे बढ़ा रही है।
इस विवाद ने एक बार फिर बीजेपी और कांग्रेस के बीच पुराने राजनीतिक मतभेदों को सामने ला दिया है। सोनिया गांधी की विदेशी मूल की बहस भारतीय राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। हालांकि, कांग्रेस हमेशा इस मुद्दे को राजनीतिक विरोध का हिस्सा बताती रही है और सोनिया गांधी के भारतीय नागरिक होने तथा उनके योगदान को प्रमुखता देती रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयान अक्सर चुनावी माहौल में अधिक चर्चा में आते हैं। नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप से राजनीतिक तापमान बढ़ता है और समर्थकों के बीच भी प्रतिक्रियाएं तेज हो जाती हैं।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी के कुछ नेता जानबूझकर ऐसे मुद्दे उठाते हैं जिनसे समाज में भावनात्मक बहस पैदा हो। पार्टी का कहना है कि देश के सामने बेरोजगारी, महंगाई, विकास और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन पर चर्चा होनी चाहिए।
दूसरी ओर, बीजेपी नेताओं का तर्क है कि राजनीतिक नेताओं के सार्वजनिक जीवन और उनके विचारों पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। उनका कहना है कि किसी भी नेता के राजनीतिक फैसलों और पृष्ठभूमि पर चर्चा को गलत नहीं माना जाना चाहिए।
इस पूरे मामले में सोशल मीडिया पर भी राजनीतिक बहस तेज हो गई है। दोनों दलों के समर्थक अपने-अपने नेताओं के पक्ष में तर्क दे रहे हैं। हालांकि, बयान की भाषा को लेकर कई लोगों ने आपत्ति भी जताई है।
फिलहाल सोनिया गांधी को लेकर दिए गए बयान ने बीजेपी और कांग्रेस के बीच नई सियासी बहस शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है, क्योंकि दोनों दल इसे अपने राजनीतिक नजरिए से पेश कर रहे हैं।
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