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वायरल वीडियो पर विधानसभा में हंगामा सीएम रेखा गुप्ता ने आप विधायक अनिल झा को घेरा

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान आम आदमी पार्टी (आप) के किराड़ी से विधायक अनिल झा वत्स से जुड़े एक कथित वायरल वीडियो को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद यह मामला विधानसभा तक पहुंच गया। इस दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आप विधायक की कड़ी आलोचना की और उनके आचरण को लेकर सवाल उठाए। वीडियो को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान जैसे ही मामला उठा, सदन का माहौल गर्म हो गया। भाजपा विधायकों ने वायरल वीडियो का मुद्दा उठाते हुए आप विधायक से स्पष्टीकरण की मांग की। वहीं, विपक्ष की ओर से भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखने की कोशिश की गई। विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी और आप विधायक की आलोचना की।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
"महिलाएं आ रही हैं साइन कराने, कपड़े पहनकर तो बैठो।"दिल्ली विधानसभा में CM रेखा गुप्ता (@gupta_rekha) ने AAP विधायक अनिल झा के अंतर्वस्त्रों (बनियन-शॉर्ट्स) में फॉर्म साइन करने वाले वायरल वीडियो पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को सार्वजनिक मर्यादा की याद दिलाई। pic.twitter.com/KB1UNCF8HP
— Vijay Singh (@VijaySi19683098) August 11, 2026
किराड़ी से आप विधायक अनिल झा वत्स से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वीडियो के वायरल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी इस पर चर्चा शुरू हो गई।
मामला इतना बढ़ा कि इसे दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र में भी उठाया गया। सत्ता पक्ष के विधायकों ने वीडियो का हवाला देते हुए आप विधायक के खिलाफ सवाल खड़े किए। हालांकि, वीडियो की पूरी परिस्थितियों और उसके संदर्भ को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने की आलोचना
Meet Aam Aadmi Party's MLA : Anil Jha Vats!!
— Rohit (@Iam_Rohit_G) August 10, 2026
> MLA from Kirari Assembly
> Wears Kacha and Baniyan
> Sits outside his home
> Signs documents without even reading them
> Claims to be an MLA from Padhi-Likhi Political Party!! pic.twitter.com/xYozn5liVH
वायरल वीडियो को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आप विधायक अनिल झा वत्स की कड़ी आलोचना की। उन्होंने सदन में विपक्ष के विधायक के आचरण को लेकर सवाल उठाए और कहा कि जनप्रतिनिधियों से सार्वजनिक जीवन में मर्यादा और जिम्मेदारी की अपेक्षा की जाती है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया के बाद सदन में राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई। भाजपा विधायकों ने भी इस मामले को लेकर आप पर निशाना साधा। सत्ता पक्ष की ओर से मांग की गई कि विधायक को वायरल वीडियो को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
सदन में बढ़ा राजनीतिक टकराव
मानसून सत्र के दौरान पहले से ही विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद देखने को मिल रहे थे। वायरल वीडियो का मामला सामने आने के बाद दोनों पक्षों के बीच टकराव और बढ़ गया।
भाजपा विधायकों ने इस मामले को जनप्रतिनिधियों की छवि और विधानसभा की गरिमा से जोड़ते हुए आप विधायक पर सवाल उठाए। वहीं, आप की ओर से भी सत्ता पक्ष पर राजनीतिक मुद्दे को बढ़ाने का आरोप लगाया गया। दोनों पक्षों के बीच बहस के कारण कुछ समय के लिए सदन का माहौल काफी गरमा गया।
विधायक से जवाब की मांग
वायरल वीडियो को लेकर भाजपा की ओर से आप विधायक अनिल झा वत्स से स्पष्टीकरण मांगा गया। सत्ता पक्ष का कहना था कि यदि वीडियो में दिखाई दे रही घटना वास्तविक है तो विधायक को उसकी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
वहीं, किसी वायरल वीडियो के आधार पर अंतिम निष्कर्ष निकालने से पहले उसके पूरे संदर्भ और सत्यता की जांच जरूरी है। वीडियो कब का है, उसमें दिखाई दे रही घटना किस परिस्थिति में हुई और उसे किस संदर्भ में रिकॉर्ड किया गया था, इन सभी पहलुओं की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
सोशल मीडिया ने बढ़ाई चर्चा
वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इस मामले को लेकर बहस शुरू हो गई। अलग-अलग यूजर्स ने अपने-अपने नजरिए से वीडियो पर प्रतिक्रिया दी। कुछ लोगों ने विधायक के कथित व्यवहार की आलोचना की, जबकि कुछ ने वीडियो की सत्यता और संदर्भ की जांच की जरूरत बताई।
राजनीतिक नेताओं से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के कारण कई बार उनका व्यापक राजनीतिक असर भी देखने को मिलता है। ऐसे में किसी भी वायरल सामग्री को उसके पूरे संदर्भ के साथ देखना जरूरी माना जाता है।
आप और भाजपा में बढ़ सकती है तकरार
दिल्ली की राजनीति में भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच पहले से ही तीखा राजनीतिक मुकाबला है। विधानसभा में भी दोनों दल एक-दूसरे के खिलाफ लगातार मुद्दे उठाते रहे हैं। ऐसे में अनिल झा वत्स से जुड़े वीडियो ने दोनों दलों को एक-दूसरे पर हमला करने का नया अवसर दे दिया।
सत्ता पक्ष ने जहां विधायक के आचरण को मुद्दा बनाया, वहीं विपक्ष की ओर से मामले को लेकर अपना पक्ष रखने की कोशिश की गई। इससे सदन में राजनीतिक तनाव का माहौल देखने को मिला।
जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर बहस
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर जनप्रतिनिधियों के सार्वजनिक व्यवहार को लेकर बहस छेड़ दी है। विधायक और अन्य निर्वाचित प्रतिनिधि जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में उनके सार्वजनिक आचरण को लेकर समाज में स्वाभाविक रूप से अपेक्षाएं रहती हैं।
विधानसभा जैसे संवैधानिक मंच पर किसी जनप्रतिनिधि से जुड़े विवाद का उठना इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि सदन की कार्यवाही और सदस्यों का व्यवहार लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा से जुड़ा होता है।
मामले पर आगे भी नजर
फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर विधानसभा में हंगामा हो चुका है और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आप विधायक अनिल झा वत्स की आलोचना की है। अब इस मामले में विधायक की ओर से कोई विस्तृत स्पष्टीकरण सामने आता है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।
वहीं, वायरल वीडियो की वास्तविकता, उसका संदर्भ और उसमें दिखाई दे रही घटना की पूरी जानकारी सामने आने के बाद ही विवाद की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल यह मामला दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र में राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा बन गया है।





