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सुप्रीम कोर्ट मार्च में हंगामा गर्भवती पत्रकार ने लगाए गंभीर आरोप

Ratna Netam
13 Oct 2026 2:39 PM IST
सुप्रीम कोर्ट मार्च में हंगामा गर्भवती पत्रकार ने लगाए गंभीर आरोप
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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को विपक्षी दलों के विरोध मार्च के दौरान महिला पत्रकार के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आया है। पत्रकार रिचा पाराशर ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और उनकी सुरक्षा टीम पर धक्का-मुक्की करने का गंभीर आरोप लगाया है। पत्रकार के मुताबिक, वह सुप्रीम कोर्ट के पास आयोजित विरोध प्रदर्शन की कवरेज कर रही थीं। इसी दौरान भीड़ के बीच राहुल गांधी ने कथित तौर पर उनका हाथ पकड़कर खींचा और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें धक्का दिया, जिससे वह सीढ़ियों पर गिर गईं। रिचा ने बताया कि वह तीन महीने की गर्भवती हैं और घटना के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज किया है और घटना की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रिचा पाराशर ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि वह अपने नियमित पेशेवर काम के तहत विरोध मार्च की रिपोर्टिंग करने पहुंची थीं। उन्होंने अपना माइक्रोफोन तैयार किया था और राहुल गांधी से सवाल पूछने की कोशिश कर रही थीं। इसी दौरान अचानक भीड़ में अफरा-तफरी मच गई। उनका आरोप है कि राहुल गांधी ने उनका हाथ पकड़ा और जोर से अपनी ओर खींचा। उसी समय उनकी सुरक्षा टीम ने भी धक्का देना शुरू कर दिया।पत्रकार ने कहा कि पूरी घटना महज कुछ सेकंड में हो गई। उन्होंने दावा किया कि घटनास्थल पर रिकॉर्ड हुए वीडियो में हाथ पकड़कर खींचने और उसके बाद हुई धक्का-मुक्की का घटनाक्रम दिखाई देता है। हालांकि, सामने आए वीडियो के आधार पर राहुल गांधी द्वारा धक्का दिए जाने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। कांग्रेस ने भी वीडियो में आरोपों की पुष्टि होने से इनकार किया है।
पत्रकार ने बताया कैसे हुई घटना
रिचा पाराशर ने अपने बयान में कहा, "मैंने अपना माइक्रोफोन सेट किया और अचानक दो सेकंड में सब कुछ हो गया। राहुल गांधी आगे बढ़े, उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा और उसे खींचा। उसी समय उनके गार्ड्स ने मुझे धक्का दिया।"उन्होंने बताया कि धक्का-मुक्की के दौरान वह लगातार राहुल गांधी से पीछे हटने और धक्का नहीं देने की अपील कर रही थीं। पत्रकार के अनुसार, उन्होंने कहा, "सर, मुझे धक्का दिया जा रहा है। सर, हम जा रहे हैं। प्लीज धक्का मत दीजिए।"रिचा का दावा है कि उनकी अपील के बावजूद धक्का-मुक्की नहीं रुकी और वह सीढ़ियों पर गिर गईं। उन्होंने अपना मोबाइल फोन टूटने की बात भी कही है।
गर्भावस्था के दौरान चोट लगने से बढ़ी चिंता
महिला पत्रकार ने बताया कि वह गर्भावस्था की पहली तिमाही में हैं। उनके अनुसार, घटना में उन्हें शारीरिक चोटें आईं और स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति पैदा हो गई। इसके बाद उन्हें दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया।गर्भावस्था के दौरान किसी भी तरह की चोट चिंता का विषय हो सकती है। हालांकि, पत्रकार की चिकित्सकीय स्थिति और चोटों की गंभीरता के बारे में विस्तृत आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है।रिचा ने इस घटना को अपने लिए बेहद परेशान करने वाला अनुभव बताया। उनका कहना है कि वह केवल अपना पेशेवर दायित्व निभा रही थीं और विरोध प्रदर्शन की रिपोर्टिंग कर रही थीं।
कैमरापर्सन के साथ भी धक्का-मुक्की का दावा
रिचा पाराशर ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान उनके साथ मौजूद कैमरापर्सन को भी धक्का लगा। उनका कहना है कि राहुल गांधी की कोहनी लगने से कैमरापर्सन गिर गया और भीड़ के कारण वहां अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।उन्होंने बताया कि इस दौरान उनका माइक्रोफोन भी नीचे गिर गया था। पत्रकार ने दावा किया कि उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों से घटना रिकॉर्ड करने की अपील की थी।घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाली गतिविधियों की अलग-अलग व्याख्या सामने आई है और आरोपों की निर्णायक पुष्टि नहीं हुई है।
कांग्रेस ने आरोपों को किया खारिज
इस पूरे मामले पर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने महिला पत्रकार के साथ कथित बदसलूकी को लेकर राहुल गांधी पर सवाल उठाए हैं। वहीं कांग्रेस ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे भाजपा का दुष्प्रचार बताया है।कांग्रेस का कहना है कि सामने आए वीडियो से राहुल गांधी द्वारा पत्रकार को जानबूझकर धक्का देने का दावा साबित नहीं होता। दूसरी ओर रिचा पाराशर अपने आरोपों पर कायम हैं और उनका कहना है कि वीडियो में पूरी घटना देखी जा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट मार्च के दौरान हुआ विवाद
सोमवार को विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के विरोध में दिल्ली में मार्च निकाला था। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे।इसी विरोध प्रदर्शन की कवरेज के दौरान महिला पत्रकार के साथ कथित धक्का-मुक्की की घटना सामने आई। अब यह मामला राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का विषय बन गया है।फिलहाल पत्रकार के आरोपों और कांग्रेस के खंडन के बीच घटना के वास्तविक क्रम को लेकर विवाद बना हुआ है। मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी।
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