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वंदे मातरम बिल पर राज्यसभा में हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट

नई दिल्ली। राज्यसभा में बुधवार को ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर चर्चा शुरू होते ही राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। इस विधेयक में ‘वंदे मातरम’ जैसे राष्ट्रीय गीत के अपमान को आपराधिक अपराध की श्रेणी में लाने का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि, चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने जोरदार विरोध किया और बाद में सदन से वॉकआउट कर दिया।
सदन की कार्यवाही दोपहर के भोजन के बाद दोबारा शुरू हुई। उप-सभापति हरिवंश ने हंगामा कर रहे सदस्यों से सदन की गरिमा और अनुशासन बनाए रखने की अपील की। उन्होंने सभी सदस्यों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का आग्रह किया।
बिल पर चर्चा शुरू होते ही विपक्ष का विरोध
जब सभापति ने विधेयक पर चर्चा शुरू करने की घोषणा की, तो विपक्षी सांसदों ने विरोध शुरू कर दिया। यह विधेयक राज्यसभा की कार्यसूची में विचार और पारित करने के लिए शामिल किया गया था।
विपक्षी दलों के सदस्य नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर सदन में खड़े हो गए। उनका कहना था कि राष्ट्रीय राजधानी में NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जवाब देना चाहिए।
गृह मंत्री से जवाब की मांग
विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में सरकार को जवाब देना चाहिए। इसी मांग को लेकर उन्होंने सदन में विरोध दर्ज कराया।
विपक्ष का कहना था कि छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चर्चा जरूरी है और सरकार को इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। हालांकि, सत्ता पक्ष की ओर से विधेयक पर चर्चा आगे बढ़ाने की कोशिश की गई।
उप-सभापति ने की शांति बनाए रखने की अपील
सदन में बढ़ते हंगामे के बीच उप-सभापति हरिवंश ने सदस्यों से संसदीय परंपराओं का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा और सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलनी चाहिए।
इसके बावजूद विपक्षी सदस्यों का विरोध जारी रहा। बाद में विपक्षी दलों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
विधेयक का उद्देश्य
‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ का उद्देश्य राष्ट्रीय प्रतीकों और सम्मान से जुड़े प्रावधानों को मजबूत करना है। प्रस्तावित संशोधन के तहत ‘वंदे मातरम’ के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान किया गया है।
सरकार का तर्क है कि राष्ट्रीय गीत और अन्य राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े प्रतीकों का आदर बनाए रखना जरूरी है। इसके लिए कानून में स्पष्ट प्रावधान किए जाने की आवश्यकता है।
राष्ट्रीय गीत को लेकर बहस
‘वंदे मातरम’ भारत के प्रमुख राष्ट्रीय गीतों में शामिल है और इसका ऐतिहासिक महत्व रहा है। यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लोगों में देशभक्ति की भावना जगाने का माध्यम बना था।
इसी महत्व को देखते हुए सरकार ने इसके सम्मान की रक्षा के लिए कानूनी प्रावधानों को मजबूत करने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, विपक्ष ने विधेयक की प्रक्रिया और सदन में उठाए जा रहे अन्य मुद्दों को लेकर आपत्ति जताई।
संसद में जारी राजनीतिक टकराव
हाल के दिनों में संसद में कई मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मतभेद देखने को मिल रहे हैं। NEET पेपर लीक, छात्रों के प्रदर्शन और अन्य मामलों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है।
वहीं, सरकार का कहना है कि संसद में सभी जरूरी विषयों पर चर्चा की जा रही है और विधेयकों को तय प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाया जा रहा है।
आगे की संसदीय प्रक्रिया
विधेयक पर राज्यसभा में आगे भी चर्चा जारी रहने की संभावना है। चर्चा के दौरान सदस्य इसके प्रावधानों, प्रभाव और जरूरत पर अपनी राय रखेंगे।
यदि विधेयक पारित होता है, तो राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानूनों में संशोधन लागू हो सकता है। फिलहाल, इस मुद्दे को लेकर सदन में राजनीतिक बहस तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस पर और चर्चा होने की संभावना है।





