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UAPA केस दूसरी अदालत में ट्रांसफर कथित वकील गिरफ्तार

Ratna Netam
8 Oct 2026 4:44 PM IST
UAPA केस दूसरी अदालत में ट्रांसफर कथित वकील गिरफ्तार
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नई दिल्ली। दिल्ली में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण न्यायिक घटनाक्रम सामने आया है। फरार आरोपी शाहबाज अंसारी और रेहान अंसारी से जुड़े मामले की सुनवाई अब दूसरी अदालत में होगी। गुरुवार, 8 अक्टूबर को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (PDSJ) ने मामले को विशेष एनआईए अदालत में स्थानांतरित कर दिया। यह फैसला पहले मामले की सुनवाई कर रहीं न्यायाधीश के खुद को सुनवाई से अलग करने के बाद लिया गया है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने दीपक नंदा उर्फ दीपक खत्री को भी गिरफ्तार किया था, जिसने खुद को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का वकील बताया था।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निखिल चोपड़ा ने मामले को विशेष एनआईए न्यायाधीश किरण बंसल की अदालत में स्थानांतरित किया है। इससे पहले मामले की सुनवाई विशेष एनआईए न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालीगा कर रही थीं। उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से मामले की आगे की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था।हालांकि, 8 अक्टूबर के स्थानांतरण आदेश की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सकी है। इससे पहले की रिपोर्टों में इस मामले को दूसरी सक्षम अदालत में भेजने की प्रक्रिया शुरू होने की पुष्टि होती है।
दरअसल, दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा अवैध हथियारों की आपूर्ति और कथित जबरन वसूली से जुड़े एक मामले की जांच कर रही है। इस मामले में शाहबाज अंसारी और रेहान अंसारी के नाम सामने आए हैं। दोनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने के लिए दिल्ली पुलिस ने अदालत में आवेदन दिया था।पुलिस की ओर से दायर आवेदन में दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की गई थी। मामले की जांच UAPA के प्रावधानों के तहत की जा रही है। इस कानून का इस्तेमाल गैरकानूनी गतिविधियों और आतंकवाद से संबंधित निर्धारित अपराधों के मामलों में किया जाता है।
इससे पहले 2 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने शाहबाज अंसारी और रेहान अंसारी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने की मांग को लेकर राउज एवेन्यू कोर्ट का रुख किया था। उस समय विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालीगा ने संबंधित आवेदन को मुख्य मामले की फाइल के साथ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालीगा ने व्यक्तिगत कारणों का उल्लेख करते हुए मामले की सुनवाई से खुद को अलग करने का फैसला लिया था। इसके बाद अदालत ने केस की फाइल को संबंधित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पास भेजने का निर्देश दिया, ताकि मामले को सुनवाई के लिए किसी दूसरी सक्षम अदालत को सौंपा जा सके।
मामले में गिरफ्तार दीपक नंदा उर्फ दीपक खत्री भी जांच के केंद्र में है। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने उसे अगस्त 2026 में गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, खत्री के कथित तौर पर अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क से संबंध थे। वह गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की कानूनी टीम से जुड़े होने का दावा करता था।दिल्ली पुलिस ने दीपक खत्री को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास उस समय गिरफ्तार किया था, जब वह दुबई से दिल्ली लौटा था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था। जांच एजेंसियां उसके कथित संपर्कों और हथियार आपूर्ति नेटवर्क में भूमिका की जांच कर रही हैं।
पुलिस की जांच में दीपक खत्री का नाम कथित अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़ा होने की बात सामने आई थी। अधिकारियों का आरोप है कि वह विभिन्न व्यक्तियों के बीच संपर्क स्थापित करने और हथियारों की आपूर्ति से संबंधित गतिविधियों में भूमिका निभाता था। हालांकि, ये जांच एजेंसियों के आरोप हैं और अदालत में दोष सिद्ध होना बाकी है।इस मामले में एक अन्य आरोपी ऋषभ कपूर का नाम भी सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने दीपक खत्री और ऋषभ कपूर को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया था। पुलिस पूछताछ के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने 5 सितंबर को दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजते हुए कहा था कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। जांच अधिकारी की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों और केस डायरी में मौखिक बयानों तथा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का उल्लेख किया गया था।अदालत ने उपलब्ध सामग्री और जांच की स्थिति को देखते हुए आरोपियों की न्यायिक हिरासत आवश्यक मानी थी। इसके बाद 1 अक्टूबर को विशेष एनआईए न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालीगा ने दीपक नंदा और ऋषभ कपूर की न्यायिक हिरासत 29 अक्टूबर तक बढ़ा दी थी
इस बीच दीपक नंदा की कानून की डिग्री को लेकर भी अलग विवाद सामने आया है। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में उसके खिलाफ कथित फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज के आधार पर कानून की पढ़ाई में प्रवेश लेने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।रिपोर्ट के मुताबिक, श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय की शिकायत पर 28 सितंबर को राजाबपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप है कि दीपक नंदा ने बीए एलएलबी पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए 12वीं कक्षा की कथित फर्जी मार्कशीट का इस्तेमाल किया था।
संबंधित दस्तावेज के सत्यापन के दौरान गड़बड़ी सामने आने के बाद विश्वविद्यालय ने पुलिस से शिकायत की थी। इस मामले में भी जांच जारी है और आरोपों का अंतिम न्यायिक निर्धारण नहीं हुआ है।UAPA मामले में शाहबाज अंसारी और रेहान अंसारी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट की मांग महत्वपूर्ण है। सामान्य तौर पर गैर-जमानती वारंट अदालत द्वारा जारी किया जाने वाला ऐसा आदेश होता है, जिसके माध्यम से किसी आरोपी की अदालत में उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा सकती है।
हालांकि, वारंट जारी करने के लिए आवेदन दाखिल होने और अदालत द्वारा वारंट जारी करने में अंतर होता है। उपलब्ध रिपोर्टों में पुलिस की ओर से वारंट जारी करने की मांग की पुष्टि होती है, लेकिन दोनों आरोपियों के खिलाफ अंतिम आदेश की स्थिति स्पष्ट नहीं है।न्यायिक प्रक्रिया के तहत किसी न्यायाधीश के खुद को मामले से अलग करने के बाद उसे दूसरी सक्षम अदालत को सौंपा जा सकता है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि संबंधित मामले की सुनवाई कानूनी प्रावधानों के अनुसार जारी रह सके।
दिल्ली में अगस्त 2026 के दौरान विशेष एनआईए अदालतों की व्यवस्था में भी बदलाव किए गए थे। दिल्ली उच्च न्यायालय ने कई न्यायिक अधिकारियों को विशेष अदालतों में नियुक्त किया था। इनमें न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालीगा और किरण बंसल भी शामिल थीं। इन अदालतों को आतंकवाद और UAPA से संबंधित मामलों की सुनवाई की जिम्मेदारी दी गई थी।फिलहाल इस मामले में दिल्ली पुलिस की जांच और अदालत की कार्यवाही जारी है। शाहबाज अंसारी और रेहान अंसारी से संबंधित कानूनी प्रक्रिया, दीपक नंदा तथा ऋषभ कपूर की न्यायिक हिरासत और कथित हथियार आपूर्ति नेटवर्क की जांच इस प्रकरण के प्रमुख पहलू हैं।मामले के स्थानांतरण के बाद आगे की सुनवाई में लंबित आवेदनों और जांच एजेंसी की मांगों पर विचार किया जाएगा। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।
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