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नरेला में बारिश के पानी से भरे गड्ढे में डूबे दो मासूम, नौ और 11 साल के बच्चों की मौत

Kavita2
13 Aug 2026 3:32 PM IST
नरेला में बारिश के पानी से भरे गड्ढे में डूबे दो मासूम, नौ और 11 साल के बच्चों की मौत
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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के नरेला इलाके में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। बारिश के पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। हादसा 100 फुटा, डीडीए फ्लैट्स इलाके में हुआ। मृतक बच्चों की उम्र नौ और 11 वर्ष बताई जा रही है। दोनों बच्चे बवाना इलाके के रहने वाले थे।

घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत बच्चों को पानी से बाहर निकालने का प्रयास किया और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

जानकारी के अनुसार, दोनों बच्चे किसी काम से इलाके में आए थे। इसी दौरान वे बारिश के कारण जमा हुए पानी से भरे गड्ढे के पास पहुंच गए। बताया जा रहा है कि गड्ढा काफी गहरा था और उसमें बारिश का पानी भर गया था। बच्चे पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाए और हादसे का शिकार हो गए।

घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। लोगों ने बच्चों को बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें समय पर बाहर नहीं निकाला जा सका। हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों बच्चे बवाना क्षेत्र के रहने वाले थे। उनकी पहचान की प्रक्रिया पूरी कर परिजनों को घटना की जानकारी दी गई। बच्चों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार वालों ने बताया कि बच्चों के अचानक चले जाने से उन्हें गहरा सदमा लगा है। वहीं, स्थानीय लोगों ने प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं।

लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में खुले गड्ढे और जलभराव वाली जगहें बच्चों के लिए खतरा बन जाती हैं। ऐसे स्थानों को सुरक्षित करने के लिए प्रशासन को समय रहते कदम उठाने चाहिए।

स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि इलाके में कई जगहों पर बारिश के बाद पानी जमा हो जाता है। कई गड्ढे खुले रहते हैं, जिनमें गिरने का खतरा बना रहता है। लोगों ने मांग की है कि ऐसे स्थानों की पहचान कर उन्हें जल्द सुरक्षित किया जाए।

बारिश के मौसम में दिल्ली के कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आती है। खुले गड्ढे, निर्माणाधीन स्थान और पानी से भरे खाली प्लॉट हादसों का कारण बन सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को ऐसे स्थानों से दूर रखना चाहिए और प्रशासन को भी सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने चाहिए।

पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गड्ढा किस कारण से बना था और वहां सुरक्षा के लिए कोई व्यवस्था थी या नहीं।

प्रशासन की ओर से अभी इस घटना को लेकर विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, हादसे के बाद संबंधित विभागों को जलभराव और खुले गड्ढों को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत महसूस की जा रही है।

इस घटना ने एक बार फिर मानसून के दौरान बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हर साल बारिश के समय पानी से भरे गड्ढों और खुले स्थानों के कारण हादसे सामने आते हैं। ऐसे में प्रशासन और आम लोगों दोनों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे सावधानी बरतें।

नरेला में हुए इस हादसे से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। दो परिवारों ने अपने मासूम बच्चों को खो दिया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

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