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त्विशा शर्मा मौत मामला: CBI करेगी जांच, SC की निगरानी में केस की नए सिरे से पड़ताल

Delhi दिल्ली: भोपाल से जुड़े त्विशा शर्मा मौत मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) अपने हाथ में लेने जा रही है। एजेंसी ने इस केस की जांच के लिए पहले ही एक विशेष टीम भोपाल भेज दी है, जो राज्य पुलिस से अब तक की जांच से जुड़े सभी सबूत और दस्तावेज अपने कब्जे में लेगी। इस कदम के साथ ही मामले की जांच एक नए और महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर गई है।
त्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे पर लटकी हुई पाई गई थीं। इस घटना के बाद से ही मामला लगातार चर्चा में बना हुआ था और परिवार ने गंभीर आरोप लगाए थे। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ दहेज प्रताड़ना से जुड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया था।
पुलिस द्वारा दर्ज FIR में मृतका के पति समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया था। उन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85 और 3(5) के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले को लेकर परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग की थी, जिसके बाद जांच एजेंसियों पर लगातार दबाव बना हुआ था।
सोमवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में भी महत्वपूर्ण टिप्पणी की गई। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने स्पष्ट किया कि कोर्ट यह सुनिश्चित करेगा कि जांच निष्पक्ष, स्वतंत्र और बिना किसी भेदभाव के हो। अदालत ने कहा कि मामले की जांच में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
CBI द्वारा जांच अपने हाथ में लेने के बाद अब सभी पुराने साक्ष्य, फॉरेंसिक रिपोर्ट, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और गवाहों के बयान की दोबारा समीक्षा की जाएगी। एजेंसी यह भी जांच करेगी कि क्या शुरुआती जांच में किसी प्रकार की चूक या लापरवाही हुई थी।
सूत्रों के अनुसार, CBI की टीम जल्द ही घटनास्थल का दौरा कर सकती है और स्थानीय पुलिस अधिकारियों से भी विस्तृत जानकारी लेगी। इसके अलावा मृतका के परिवार, रिश्तेदारों और ससुराल पक्ष के लोगों से भी दोबारा पूछताछ की संभावना है।
यह मामला उस समय और गंभीर हो गया था जब परिवार ने आरोप लगाया था कि इसे सामान्य आत्महत्या का मामला मानकर जांच को सीमित किया जा रहा है। इसी के बाद उन्होंने उच्च न्यायालय और फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
अब CBI की एंट्री के बाद मामले की जांच एक व्यापक और केंद्रीय स्तर पर होगी, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि सभी पहलुओं की गहराई से जांच होगी और वास्तविक परिस्थितियां सामने आ सकेंगी।
फिलहाल, पूरे मामले पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह केस संवेदनशील है और इसमें न्यायिक निगरानी भी जुड़ी हुई है। जांच एजेंसी आने वाले दिनों में अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई तय करेगी।





