दिल्ली-एनसीआर

दिल्ली NCR में बदलेगा ट्रांसपोर्ट नियम इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा बढ़ावा

nidhi
21 Aug 2026 8:00 AM IST
दिल्ली NCR में बदलेगा ट्रांसपोर्ट नियम इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा बढ़ावा
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CAQM का बड़ा फैसला पेट्रोल डीजल CNG मालवाहकों पर सख्ती शुरू

नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। अब क्षेत्र में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी से चलने वाले नए मालवाहक वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने का फैसला किया गया है। यह नया नियम अगले साल से लागू होगा।

इस फैसले का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के स्तर को कम करना और स्वच्छ ईंधन आधारित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है। नई नीति के तहत माल ढुलाई के लिए इलेक्ट्रिक और अन्य स्वच्छ ऊर्जा वाले वाहनों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि मालवाहक वाहनों से होने वाला उत्सर्जन वायु प्रदूषण में बड़ी भूमिका निभाता है। खासकर सर्दियों के दौरान दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति तक पहुंच जाता है। ऐसे में पुराने प्रदूषणकारी वाहनों पर नियंत्रण और नए स्वच्छ विकल्पों को बढ़ावा देना जरूरी है।
नए नियम लागू होने के बाद पेट्रोल, डीजल और सीएनजी से चलने वाले नए मालवाहक वाहनों की खरीद और पंजीकरण पर असर पड़ेगा। हालांकि मौजूदा वाहनों को लेकर अलग-अलग चरणों में नियम लागू किए जा सकते हैं। सरकार की योजना है कि आने वाले समय में दिल्ली-एनसीआर में इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहनों की संख्या बढ़ाई जाए। इसके लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य सुविधाओं को भी मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
परिवहन विशेषज्ञों का कहना है कि स्वच्छ ईंधन वाले वाहनों को बढ़ावा देने से लंबे समय में प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी। हालांकि ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़े लोगों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू करने से पहले पर्याप्त वैकल्पिक सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी होगा। मालवाहक वाहन संचालकों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। छोटे व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को नए नियमों के अनुसार अपने वाहनों और संचालन की योजना बनानी होगी।
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए पहले भी कई कदम उठाए गए हैं, जिनमें पुराने वाहनों पर प्रतिबंध, ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) और प्रदूषण जांच व्यवस्था को सख्त करना शामिल है। अब नए मालवाहक वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर रोक का फैसला भी इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इससे आने वाले वर्षों में क्षेत्र की हवा की गुणवत्ता में सुधार आएगा और प्रदूषण का दबाव कम होगा।
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