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दिल्ली-एनसीआर
गाजियाबाद में दर्दनाक हादसा: स्कूल बस की चपेट में आने से 3 साल के मासूम की मौत
nidhi
21 July 2026 7:33 AM IST

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स्कूल बस बनी काल, गाजियाबाद में 3 वर्षीय बच्चे की मौत से परिवार में मातम
UTTAR-PRADESH: गाजियाबाद में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। स्कूल बस की चपेट में आने से 3 साल के एक मासूम बच्चे की मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि स्थानीय लोगों में भी घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
कैसे हुआ हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब बच्चा घर के पास या सड़क किनारे खेल रहा था। इसी दौरान वहां से गुजर रही एक स्कूल बस की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत बच्चे को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद बस चालक मौके से भागने की कोशिश कर रहा था या नहीं, इस संबंध में पुलिस जांच कर रही है। स्थानीय लोगों ने हादसे की सूचना तत्काल पुलिस को दी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
महज तीन साल की उम्र में बच्चे की मौत से परिवार सदमे में है। माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस घर में कुछ देर पहले बच्चे की किलकारियां गूंज रही थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है।
पड़ोसियों के अनुसार, बच्चा बेहद चंचल और सभी का चहेता था। उसकी अचानक मौत से पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने स्कूल बस को कब्जे में लेकर चालक से पूछताछ शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि हादसे की पूरी परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि चालक की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर स्कूल बसों की सुरक्षा और रिहायशी इलाकों में तेज रफ्तार वाहनों के संचालन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल बस चालकों को घनी आबादी वाले क्षेत्रों में बेहद सावधानी से वाहन चलाना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूल बसों में निर्धारित गति सीमा का पालन, प्रशिक्षित चालक, नियमित सुरक्षा जांच और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता ऐसे हादसों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही रिहायशी इलाकों में वाहनों की गति नियंत्रित करने, स्पीड ब्रेकर लगाने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने की भी मांग उठाई गई है।
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