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कांवड़ियों के लिए रिजर्व लेन से बढ़ी ट्रैफिक परेशानी, 30 मिनट का सफर अब दो घंटे में पूरा

nidhi
7 Aug 2026 7:17 AM IST
कांवड़ियों के लिए रिजर्व लेन से बढ़ी ट्रैफिक परेशानी, 30 मिनट का सफर अब दो घंटे में पूरा
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कांवड़ यात्रा के दौरान रिजर्व लेन व्यवस्था से कई शहरों में ट्रैफिक जाम बढ़ गया है। जानें क्यों 30 मिनट की यात्रा में लग रहे दो-दो घंटे और प्रशासन ने क्या इंतजाम किए हैं।

दक्षिणी दिल्ली : सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर भारत के कई राज्यों में व्यापक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था लागू की गई है। इसी क्रम में कई प्रमुख मार्गों पर कांवड़ियों के लिए अलग लेन (रिजर्व लेन) निर्धारित की गई है। हालांकि इस व्यवस्था का आम यात्रियों पर बड़ा असर देखने को मिल रहा है। जिन रास्तों पर सामान्य दिनों में 30 मिनट में यात्रा पूरी हो जाती थी, वहां अब लोगों को दो-दो घंटे तक का समय लग रहा है।

यातायात पुलिस के अनुसार, कांवड़ियों की सुरक्षा और यात्रा को सुचारु बनाए रखने के लिए कई सड़कों पर वाहनों की आवाजाही सीमित की गई है। इसके चलते वैकल्पिक मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है और लंबा जाम लग रहा है।
क्यों बनाई गई रिजर्व लेन?
हर साल सावन के दौरान लाखों शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य तक पैदल कांवड़ यात्रा करते हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और दुर्घटनाओं से बचाव के लिए प्रशासन कई हाईवे और प्रमुख मार्गों पर विशेष लेन आरक्षित करता है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य कांवड़ियों और सामान्य वाहनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखना तथा यात्रा को व्यवस्थित करना है।
आम लोगों की बढ़ी परेशानी
रिजर्व लेन लागू होने के बाद कई शहरों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ गया है। कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, छात्र, मरीज और अन्य यात्रियों को लंबे जाम का सामना करना पड़ रहा है।
कई स्थानों पर लोग शिकायत कर रहे हैं कि जहां पहले आधे घंटे में गंतव्य तक पहुंच जाते थे, वहीं अब दो घंटे या उससे अधिक समय लग रहा है।
ट्रैफिक पुलिस की अपील
यातायात पुलिस ने लोगों से यात्रा शुरू करने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी देखने, वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
इसके अलावा वाहन चालकों से कांवड़ियों के प्रति संयम और सावधानी बरतने को भी कहा गया है, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम
कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन ने कई अतिरिक्त व्यवस्थाएं भी की हैं, जिनमें—
प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती।
सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी।
मेडिकल सहायता और एंबुलेंस की व्यवस्था।
ट्रैफिक डायवर्जन और रूट प्लान लागू करना।
कंट्रोल रूम के माध्यम से लगातार निगरानी।
इन उपायों का उद्देश्य यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखना है।
व्यापार और दैनिक जीवन पर असर
लंबे ट्रैफिक जाम का असर स्थानीय व्यापार और दैनिक गतिविधियों पर भी देखा जा रहा है। कई बाजारों में ग्राहकों की संख्या कम हुई है, जबकि माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन भी प्रभावित हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन और जनसुविधाओं के बीच संतुलन बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है।
कब तक रहेगी व्यवस्था?
प्रशासन के अनुसार, कांवड़ यात्रा समाप्त होने तक चरणबद्ध तरीके से ट्रैफिक प्रतिबंध और विशेष लेन व्यवस्था लागू रहेगी। यात्रा पूरी होने के बाद यातायात को सामान्य रूप से बहाल किया जाएगा।

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