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छठ व्रतियों का पारंपरिक गीत रेल यात्रियों का स्वागत करता

SHIDDHANT
24 Oct 2025 10:47 PM IST
छठ व्रतियों का पारंपरिक गीत रेल यात्रियों का स्वागत करता
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Delhi दिल्ली: नॉर्दर्न रेलवे के CPRO हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि छठ पर्व के अवसर पर भारतीय रेलवे के स्टेशन पर पारंपरिक गीत गाया जा रहा है। उन्होंने कहा, "यह एक पारंपरिक गीत है, जिसे सदियों से छठ व्रतियों द्वारा गाया जाता रहा है। इस गीत के माध्यम से हम रेलवे परिसर में आने वाले यात्रियों का स्वागत करते हैं। उपाध्याय ने बताया कि छठ पर्व बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल के कुछ हिस्सों में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। यह त्योहार सूर्य देव की पूजा और परिवार की सुख-शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना के लिए आयोजित किया जाता है। पारंपरिक गीतों का महत्व व्रतियों के लिए विशेष रूप से बड़ा है, क्योंकि ये गीत उन्हें भक्ति और आध्यात्मिक अनुभव से जोड़ते हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे हर साल छठ पर्व के समय विशेष रूप से व्रतियों और यात्रियों के स्वागत के लिए स्टेशन परिसर में यह पारंपरिक गीत सुनाता है। "यह केवल संगीत नहीं है, बल्कि यह संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। यात्रियों को यह अनुभव मिलता है कि वे भारतीय संस्कृति का हिस्सा हैं और रेलवे उनके त्योहारों में भी सहभागी बनता है," उन्होंने कहा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह पारंपरिक गीत विशेष रूप से उन क्षेत्रों के यात्रियों के लिए तैयार किया गया है, जहां छठ पर्व अत्यधिक लोकप्रिय है। गीत में सूर्य देव की स्तुति और व्रतियों की भक्ति को समर्पित पंक्तियाँ शामिल हैं, जो यात्रियों के लिए सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अनुभव को बढ़ाती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की पहल भारतीय रेलवे द्वारा केवल यात्री स्वागत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय संस्कृति और त्योहारों को संरक्षित करने का प्रयास भी है। उन्होंने कहा कि लोकगीत और पारंपरिक गीतों के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक धरोहर से परिचित कराया जा सकता है। इसके अलावा, इस पहल से रेलवे के कर्मचारियों और यात्रियों के बीच सकारात्मक संबंध भी बनते हैं। व्रती और यात्री इस स्वागत गीत को सुनकर अपने त्योहार के उत्साह में और बढ़ोतरी महसूस करते हैं। रेलवे अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम यात्रियों को भारतीय रेलवे के आधुनिक संचालन के साथ-साथ परंपराओं के अनुभव से भी जोड़ते हैं। कुल मिलाकर, नॉर्दर्न रेलवे द्वारा छठ पर्व के अवसर पर पारंपरिक गीत का आयोजन यात्रियों और व्रतियों के लिए स्वागत और सांस्कृतिक अनुभव का प्रतीक बन गया है। हिमांशु शेखर उपाध्याय ने यह स्पष्ट किया कि यह पहल भारतीय रेलवे की यात्रियों के प्रति संवेदनशीलता और संस्कृति के संरक्षण के प्रयासों का हिस्सा है।
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