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हजारों बच्चों को मिला नया सहारा, भारत में गोद लेने की प्रक्रिया में आया बड़ा उछाल

nidhi
27 July 2026 9:17 AM IST
हजारों बच्चों को मिला नया सहारा, भारत में गोद लेने की प्रक्रिया में आया बड़ा उछाल
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भारत में बच्चों को गोद लेने के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है

New Delhi : भारत में बाल गोद लेने (Adoption) के मामलों में पिछले एक साल के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 5000 से ज्यादा बच्चों को नया परिवार मिला है, जो देश में गोद लेने की प्रक्रिया को लेकर बढ़ती जागरूकता और लोगों की सकारात्मक सोच को दर्शाता है।

गोद लेने की प्रक्रिया में आई तेजी
केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) के माध्यम से बच्चों को परिवार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को लगातार आसान और पारदर्शी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म और बेहतर निगरानी व्यवस्था के कारण इच्छुक अभिभावकों और बच्चों के बीच मिलान की प्रक्रिया में तेजी आई है।
पहले की तुलना में अब अधिक लोग कानूनी तरीके से बच्चों को गोद लेने के लिए आगे आ रहे हैं।
हजारों बच्चों को मिला नया जीवन
पिछले एक साल में 5000 से अधिक बच्चों को परिवार का प्यार और देखभाल मिली है। इनमें अनाथ, परित्यक्त और ऐसे बच्चे शामिल हैं जिन्हें स्थायी परिवार की जरूरत थी।
गोद लेने की प्रक्रिया के जरिए इन बच्चों को न केवल रहने के लिए घर मिला, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और भावनात्मक सुरक्षा का अवसर भी मिला।
जागरूकता बढ़ने से बदली सोच
विशेषज्ञों का मानना है कि समाज में गोद लेने को लेकर सोच में बड़ा बदलाव आया है। अब अधिक लोग जैविक संतान के अलावा जरूरतमंद बच्चों को परिवार देने के विकल्प को स्वीकार कर रहे हैं।
सरकार और सामाजिक संस्थाओं की ओर से चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों ने भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कानूनी प्रक्रिया का पालन जरूरी
भारत में बच्चों को गोद लेने के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। CARA के माध्यम से पंजीकरण, दस्तावेजों की जांच और अन्य औपचारिकताओं के बाद ही गोद लेने की प्रक्रिया पूरी होती है।
इसका उद्देश्य बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है, ताकि उन्हें सुरक्षित और स्थायी परिवार मिल सके।
बच्चों के भविष्य को मिल रही नई दिशा
गोद लेने की बढ़ती संख्या को बाल कल्याण के क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। परिवार मिलने से बच्चों को बेहतर अवसर और जीवन में आगे बढ़ने का मजबूत आधार मिलता है।
सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों को सुरक्षित, प्रेमपूर्ण और स्थायी परिवार उपलब्ध कराया जा सके।

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