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दिवाली पर दिल्ली-NCR में पटाखों पर नहीं लगेगा पूर्ण प्रतिबंध, सुप्रीम कोर्ट ने कही बड़ी बात

Kavita2
1 Oct 2026 9:14 AM IST
दिवाली पर दिल्ली-NCR में पटाखों पर नहीं लगेगा पूर्ण प्रतिबंध, सुप्रीम कोर्ट ने कही बड़ी बात
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नई दिल्ली। दिवाली के दौरान दिल्ली-एनसीआर में पटाखे जलाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। शीर्ष अदालत ने साफ किया कि पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के पक्ष में फिलहाल कोई फैसला नहीं किया जाएगा। साथ ही अदालत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि लोगों को पूरे 24 घंटे पटाखे जलाने की अनुमति भी नहीं दी जा सकती। सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद दिवाली पर पटाखों को लेकर चल रही चर्चा के बीच स्थिति कुछ हद तक स्पष्ट हुई है।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि दिल्ली-एनसीआर में पटाखों के इस्तेमाल को लेकर संतुलित व्यवस्था की जरूरत है। अदालत ने कहा, “पटाखों पर हम न तो पूरी तरह से प्रतिबंध लगाएंगे और न ही 24 घंटे पटाखे जलाने की इजाजत देंगे।” इस टिप्पणी से संकेत मिला है कि दिवाली के अवसर पर पटाखों के इस्तेमाल के लिए कुछ निश्चित नियम और समय सीमा तय की जा सकती है।

दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हर साल दिवाली के आसपास पटाखों का मुद्दा चर्चा में रहता है। इस बार भी दिवाली से पहले पटाखों के इस्तेमाल को लेकर लोगों के बीच असमंजस बना हुआ था। सुप्रीम कोर्ट की ताजा टिप्पणी के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि पूरी तरह प्रतिबंध और बिना किसी रोक के पटाखे जलाने, दोनों ही स्थितियों के बीच एक संतुलित रास्ता अपनाया जाएगा।

अदालत की टिप्पणी खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि बड़ी संख्या में लोग दिवाली के अवसर पर पटाखे जलाते हैं। वहीं दूसरी ओर दिल्ली-एनसीआर में पटाखों के इस्तेमाल को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में अदालत ने एक ओर पूरी तरह रोक लगाने से दूरी बनाई है तो दूसरी ओर पूरे दिन और रात पटाखे जलाने की खुली छूट देने से भी इनकार कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से यह भी साफ है कि पटाखों के इस्तेमाल को नियंत्रित तरीके से अनुमति देने पर जोर दिया जा सकता है। इसका मतलब यह हो सकता है कि दिवाली के दिन तय समय के भीतर ही पटाखे जलाने की व्यवस्था लागू की जाए। हालांकि अदालत ने अपने बयान में साफ तौर पर इतना कहा है कि न तो पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा और न ही 24 घंटे पटाखे जलाने की अनुमति होगी।

दिवाली देश के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है और इस दौरान पटाखे जलाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। दिल्ली-एनसीआर में इस विषय को लेकर हर साल अलग-अलग पक्ष सामने आते हैं। एक ओर त्योहार मनाने और परंपरा से जुड़े सवाल होते हैं, वहीं दूसरी ओर पटाखों के इस्तेमाल को नियंत्रित करने की मांग भी उठती रहती है। सुप्रीम कोर्ट ने इन्हीं दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाने की बात अपनी टिप्पणी में स्पष्ट की है।

अदालत की टिप्पणी के बाद दिल्ली-एनसीआर के लोगों की नजर अब पटाखों के इस्तेमाल को लेकर तय होने वाली विस्तृत व्यवस्था पर रहेगी। लोगों के लिए सबसे अहम सवाल यह होगा कि दिवाली के दिन पटाखे जलाने के लिए कौन सा समय निर्धारित किया जाता है और किन शर्तों के तहत इसकी अनुमति दी जाती है। फिलहाल इतना साफ हो गया है कि पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं रहेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही यह संदेश भी दिया कि अनुमति का मतलब बिना किसी सीमा के पटाखे जलाने की आजादी नहीं होगी। अदालत ने 24 घंटे पटाखे जलाने की इजाजत देने से साफ इनकार किया है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि दिवाली के दौरान पटाखों के इस्तेमाल पर कुछ नियंत्रण जरूर रहेगा।

दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लाखों लोगों के लिए अदालत की यह टिप्पणी महत्वपूर्ण है। दिवाली की तैयारियों के बीच लोग पटाखों को लेकर अंतिम स्थिति जानने का इंतजार कर रहे थे। अब सुप्रीम कोर्ट के रुख से यह साफ हो गया है कि पूर्ण प्रतिबंध का रास्ता नहीं अपनाया जाएगा, लेकिन पटाखों के इस्तेमाल के लिए सीमाएं बनी रहेंगी।

अदालत का जोर ऐसा रास्ता निकालने पर दिखाई दे रहा है जिसमें दिवाली के अवसर पर लोगों को पटाखे जलाने की सीमित अनुमति मिले और साथ ही इसके इस्तेमाल को पूरी तरह अनियंत्रित भी न छोड़ा जाए। अदालत की टिप्पणी के मुताबिक पटाखों के लिए निश्चित समय और नियमों के साथ व्यवस्था बनाई जा सकती है।

कुल मिलाकर सुप्रीम कोर्ट की बुधवार की टिप्पणी ने दिल्ली-एनसीआर में दिवाली पर पटाखों को लेकर चल रहे असमंजस को काफी हद तक दूर कर दिया है। शीर्ष अदालत ने साफ कर दिया है कि पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा। इसके साथ ही पूरे 24 घंटे पटाखे जलाने की अनुमति भी नहीं होगी। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि पटाखे जलाने के लिए क्या समय सीमा और अन्य नियम तय किए जाते हैं।

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