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कॉकपिट में चली जिंदगी-मौत की लड़ाई, हमलावर को काबू करने में लगे 20-25 मिनट

nidhi
1 Oct 2026 6:52 AM IST
कॉकपिट में चली जिंदगी-मौत की लड़ाई, हमलावर को काबू करने में लगे 20-25 मिनट
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कॉकपिट में 20-25 मिनट चला संघर्ष

नई दिल्ली: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कॉकपिट के भीतर हिंसक संघर्ष शुरू हो गया। विमान के भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर कथित तौर पर उनके सह-पायलट ने हमला किया। घटना के दौरान विमान अचानक तेजी से नीचे आने लगा, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई। बाद में यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने मिलकर हमलावर को काबू किया।

यात्रियों के मुताबिक पूरी घटना किसी डरावनी फिल्म जैसी थी। कॉकपिट में क्या हो रहा है, शुरुआत में यात्रियों को इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं थी, लेकिन विमान के अचानक नीचे आने और अंदर मची हलचल के बाद स्थिति गंभीर होने का अंदेशा हो गया। इसी दौरान कुछ यात्रियों ने आगे बढ़कर कॉकपिट तक पहुंचने की कोशिश की। घायल कैप्टन स्मित मछार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिसके बाद यात्री अंदर पहुंच सके।
कॉकपिट में दाखिल हुए यात्रियों ने हमलावर को पकड़ने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उसे पूरी तरह काबू करने में करीब 20 से 25 मिनट लगे। इस दौरान यात्रियों ने उसे नियंत्रण में रखने के लिए उपलब्ध सामान का इस्तेमाल किया और अंततः उसे बांध दिया। इस संघर्ष के दौरान विमान में मौजूद लोगों के लिए हर पल बेहद तनावपूर्ण था।
घटना के समय विमान में 174 लोग सवार बताए गए हैं। हालात संभलने के बाद विमान में यात्रा कर रहे ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने स्थिति नियंत्रित करने में मदद की। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा गया। घायल भारतीय कैप्टन को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। यात्रियों ने बाद में बताया कि विमान के अचानक नीचे जाने के दौरान कई लोग अपनी जान को लेकर डर गए थे। कुछ यात्रियों ने अपने परिवार के सदस्यों की चीख-पुकार और भय का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें लग रहा था कि वे शायद सुरक्षित नहीं बच पाएंगे। हालांकि यात्रियों, चालक दल और पायलटों की सामूहिक कार्रवाई से बड़ी दुर्घटना टल गई।
भारतीय कैप्टन स्मित मछार की भूमिका की भी व्यापक चर्चा हो रही है। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिससे यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी उनकी बहादुरी की सराहना करते हुए उन्हें सच्चा हीरो बताया है।
हमले के पीछे का वास्तविक मकसद अभी जांच का विषय है। संबंधित अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है। फिलहाल सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि बेहद गंभीर स्थिति के बावजूद विमान को सुरक्षित उतार लिया गया और सवार यात्रियों की जान बच गई।
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