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'मटके' में छिपा सेहत का भी राज, गर्मियों में वरदान से कम नहीं मिट्टी के बर्तन

SHIDDHANT
28 March 2026 9:37 PM IST
मटके में छिपा सेहत का भी राज, गर्मियों में वरदान से कम नहीं मिट्टी के बर्तन
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Delhi दिल्ली: गर्मी, लू और उमस के इस मौसम में ठंडे पानी की तलब हर किसी को सताने लगी है। ज्यादातर लोग राहत के लिए फ्रिज का ठंडा पानी पीते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि कई बार इससे गला खराब हो जाता है या पेट संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में मिट्टी से बने मटका या घड़े का पानी स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है। स्वाद और ठंडक के साथ मटके का पानी सेहत को भी कई महत्वपूर्ण फायदे भी देता है। मिट्टी के घड़े में रखा पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है और इसके गुण बरकरार रहते हैं। आयुर्वेद में इसे अमृत के समान माना गया है।
आधुनिक डॉक्टर भी मटके के पानी को फ्रिज के पानी से बेहतर बताते हैं। मटके के पानी में मिट्टी की हल्की खुशबू आती है, जो पीने में बहुत अच्छा लगता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह पानी गले से लेकर आंतों तक के लिए फायदेमंद है। बीमार व्यक्ति भी इसे बिना किसी चिंता के पी सकते हैं। मिट्टी के कारण इसमें प्राकृतिक पोषक तत्व मिल जाते हैं, जो शरीर के लिए लाभकारी होते हैं। मटके में रखे पानी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि मिट्टी पानी की अशुद्धियों को सोख लेती है। इससे शरीर में जमा विषैले तत्व निकलते हैं और इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। फ्रिज का पानी अक्सर गले में खराश, घमौरी या अन्य समस्याएं पैदा कर सकता है, जबकि मटके का पानी इन सब से बचाता है।
आयुष मंत्रालय भी सुबह गुनगुना पानी पीने की सलाह देता है। बेहतर है कि इसे मिट्टी या तांबे के बर्तन में रखकर पीया जाए। इससे पाचन तंत्र सक्रिय रहता है और शरीर से हानिकारक पदार्थ आसानी से बाहर निकल जाते हैं। गर्मियों में हाइड्रेटेड रहने का यह सबसे सस्ता, सुरक्षित और प्रभावी तरीका है। मटके के पानी में मिनरल्स की मात्रा बढ़ जाती है, जबकि फ्रिज के पानी में ये कम हो जाते हैं। मिट्टी के क्षारीय गुण शरीर के पीएच लेवल को संतुलित रखते हैं। इससे पाचन क्रिया सुधरती है, इम्युनिटी बढ़ती है और शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है। मटके का पानी पूरी तरह प्राकृतिक और केमिकल मुक्त होता है। गर्मी के मौसम में रोजाना इसका सेवन करने से शरीर स्वस्थ और तरोताजा रहता है।
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