दिल्ली-एनसीआर

SC में जजों की संख्या बढ़ी, राष्ट्रपति ने 38 न्यायाधीशों की मंजूरी दी

Kavita2
17 May 2026 11:40 AM IST
SC में जजों की संख्या बढ़ी, राष्ट्रपति ने 38 न्यायाधीशों की मंजूरी दी
x

Delhi दिल्ली: देश की सर्वोच्च अदालत में लंबित मामलों के बढ़ते बोझ को कम करने और न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने के उद्देश्य से एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रविवार को केंद्रीय कैबिनेट के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या को बढ़ाया गया है।

नए फैसले के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में अब मुख्य न्यायाधीश सहित कुल 38 जजों की नियुक्ति की जा सकेगी। इससे पहले यह संख्या 33 निर्धारित थी। इस निर्णय के बाद शीर्ष अदालत में पांच नए जजों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि अदालतों में लंबित मामलों की संख्या को कम किया जा सके और सुनवाई की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी तथा समयबद्ध बनाया जा सके। सुप्रीम कोर्ट पर लगातार बढ़ते केस लोड के कारण न्यायिक व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा था, जिसे देखते हुए यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि जजों की संख्या बढ़ने से न केवल मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी, बल्कि न्याय वितरण प्रणाली भी अधिक मजबूत होगी। इससे लंबित मामलों के निपटारे में सुधार आने की उम्मीद है, विशेषकर उन मामलों में जो वर्षों से अदालतों में लंबित हैं।

सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को हाल ही में मंजूरी दी थी, जिसके बाद इसे राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा गया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मंजूरी के बाद अब यह निर्णय औपचारिक रूप से लागू हो गया है।

इस फैसले को न्यायिक प्रणाली में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट में मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लंबे समय से जजों की संख्या बढ़ाने की मांग की जा रही थी, ताकि न्यायिक प्रक्रिया को गति दी जा सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय केवल संख्या में वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य न्याय प्रणाली की कार्यक्षमता को बढ़ाना भी है। इससे विभिन्न बेंचों पर मामलों का बेहतर वितरण संभव होगा और सुनवाई में देरी की समस्या को कम किया जा सकेगा।

सरकार का मानना है कि यह कदम न्यायिक सुधारों की व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश में न्याय को अधिक सुलभ और तेज बनाना है। इससे आम नागरिकों को समय पर न्याय मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।

कुल मिलाकर, सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने का यह फैसला न्याय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जो आने वाले समय में देश की न्यायिक प्रणाली पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

Next Story