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राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद भी जारी रहेगा INDIA गठबंधन का आंदोलन
Ratna Netam
9 Oct 2026 7:07 PM IST

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नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कथित गड़बड़ियों को लेकर विपक्ष का विरोध जारी है। शुक्रवार को INDIA गठबंधन के सदस्यों की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से प्रस्तावित मुलाकात के बीच भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद जॉन ब्रिटास ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति से मिलने के बावजूद विपक्ष का आंदोलन समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर गठबंधन अपना विरोध जारी रखेगाजॉन ब्रिटास ने कहा कि विपक्षी दलों का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मुलाकात करेगा, लेकिन इस बैठक का आंदोलन और विरोध प्रदर्शनों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं के मुद्दे को लगातार उठाता रहेगा।ब्रिटास ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का भी उल्लेख किया और सरकार से विरोध प्रदर्शन तथा संगठन बनाने के अधिकार का सम्मान करने की अपील की।
राष्ट्रपति से मुलाकात करेगा विपक्षी प्रतिनिधिमंडल
INDIA गठबंधन के सदस्यों की शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात प्रस्तावित है। इस बैठक के बीच CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने विपक्ष के आंदोलन को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया।उन्होंने कहा, "हम राष्ट्रपति से मिलेंगे; हमारा प्रतिनिधिमंडल जाएगा, लेकिन इससे हमारे आंदोलन या विरोध प्रदर्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।"ब्रिटास के बयान से स्पष्ट है कि विपक्ष राष्ट्रपति के समक्ष अपनी चिंताएं रखने के साथ सार्वजनिक विरोध भी जारी रखना चाहता है।हालांकि, उपलब्ध जानकारी में राष्ट्रपति से प्रस्तावित मुलाकात के दौरान सौंपे जाने वाले ज्ञापन या प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर कायम
जॉन ब्रिटास ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक गठबंधन का आंदोलन जारी रहेगा।विपक्षी दल SIR की प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में सामने आई शिकायतों पर कार्रवाई होनी चाहिए।ब्रिटास ने इस मुद्दे को विपक्ष के आंदोलन का प्रमुख कारण बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति से मुलाकात को विरोध समाप्त करने के संकेत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।हालांकि, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ लगाए जा रहे आरोप विपक्ष के दावे हैं। उपलब्ध विवरण में किसी सक्षम संस्था द्वारा इन आरोपों को प्रमाणित किए जाने का उल्लेख नहीं है।
SIR में कथित गड़बड़ियों को लेकर विरोध
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दल लगातार अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं। INDIA गठबंधन का आरोप है कि इस प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर उठाई गई शिकायतों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।SIR का उद्देश्य मतदाता सूची की समीक्षा और उसे अद्यतन करना है। इस प्रक्रिया में मतदाताओं से संबंधित विवरणों की जांच और आवश्यक सुधार किए जाते हैं। हालांकि, विपक्ष का कहना है कि पुनरीक्षण के दौरान पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।जॉन ब्रिटास ने इसी मुद्दे को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि विपक्ष का विरोध केवल राष्ट्रपति से मुलाकात तक सीमित नहीं रहेगा।इस मामले में कथित गड़बड़ियों की प्रकृति, प्रभावित मतदाताओं की संख्या और संबंधित शिकायतों के विस्तृत आंकड़े उपलब्ध बयान में नहीं दिए गए हैं। ऐसे में विपक्ष के आरोपों को प्रमाणित निष्कर्ष के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने का किया दावा
CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अदालत से कुछ हद तक राहत मिली है।ब्रिटास ने सरकार से अपील की कि वह संगठन बनाने और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के अधिकार से संबंधित सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों पर ध्यान दे।उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों को अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। विपक्ष इन अधिकारों को महत्वपूर्ण मानता है और इसी आधार पर अपना आंदोलन जारी रखेगा।हालांकि, ब्रिटास ने जिस अदालती कार्यवाही का उल्लेख किया, उसके विस्तृत आदेश की जानकारी उपलब्ध बयान में नहीं है। इसलिए अदालत से मिली राहत की वास्तविक सीमा और लागू शर्तों का निर्धारण संबंधित न्यायिक आदेश के आधार पर ही किया जा सकता है।
विरोध प्रदर्शन के अधिकार पर दिया जोर
जॉन ब्रिटास ने अपने बयान में विरोध प्रदर्शन और संगठन बनाने के अधिकार को प्रमुखता दी। उन्होंने सरकार से कहा कि इन अधिकारों से जुड़ी सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19 नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण और निरस्त्र सभा करने तथा संघ या संगठन बनाने जैसे अधिकार प्रदान करता है। हालांकि, इन अधिकारों पर संविधान के तहत निर्धारित उचित प्रतिबंध भी लागू हो सकते हैं।ब्रिटास का कहना है कि विपक्ष लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें उठाता रहेगा। उन्होंने संकेत दिया कि राष्ट्रपति से प्रस्तावित मुलाकात और सार्वजनिक आंदोलन, दोनों विपक्ष की गतिविधियों का हिस्सा बने रहेंगे।उनके बयान में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग के साथ विरोध जारी रखने की बात प्रमुख रूप से सामने आई।
राष्ट्रपति से मुलाकात और आंदोलन दोनों जारी रखने की तैयारी
INDIA गठबंधन की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से प्रस्तावित मुलाकात को लेकर जॉन ब्रिटास ने स्पष्ट किया कि यह विपक्ष के आंदोलन का अंत नहीं है।उन्होंने कहा कि गठबंधन का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मिलेगा, लेकिन SIR में कथित गड़बड़ियों को लेकर उसका विरोध जारी रहेगा।विपक्ष की मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के पुनरीक्षण से संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई को लेकर है।फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को राष्ट्रपति से मुलाकात प्रस्तावित है। बैठक संपन्न होने या राष्ट्रपति की ओर से किसी प्रतिक्रिया की पुष्टि इस विवरण में नहीं की गई है।इस बीच, CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने साफ किया है कि विपक्ष अपनी मांगों पर कायम है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति से मुलाकात के बावजूद INDIA गठबंधन का आंदोलन और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
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