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सरकार ने 2025 में लागू किए कई बड़े सुधार, व्यापार करना हुआ और आसान
SHIDDHANT
1 Jan 2026 7:52 PM IST

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Delhi दिल्ली। सरकार ने साल 2025 में कई महत्वपूर्ण नियमों और तकनीकी सुधारों को लागू किया, जिससे भारत में व्यापार करना आसान हो गया। कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय (एमसीए) ने नियमों को सरल बनाने, कंपनियों की निगरानी बेहतर करने और कारोबारियों को राहत देने के लिए कई कदम उठाए। गुरुवार को जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मंत्रालय ने छोटी कंपनियों की परिभाषा बदल दी है। अब जिन कंपनियों की पूंजी 10 करोड़ रुपए तक और टर्नओवर 100 करोड़ रुपए तक है, उन्हें छोटी कंपनी माना जाएगा। इससे ज्यादा कंपनियां सरकारी योजनाओं, आसान कर्ज और अन्य सुविधाओं का लाभ ले सकेंगी।
सरकार ने कंपनियों के विलय (मर्जर) और बंटवारे (डिमर्जर) से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया है। सितंबर 2025 में कंपनी नियमों में संशोधन किया गया, जिससे कंपनियों के लिए फास्ट ट्रैक मर्जर की प्रक्रिया आसान हो गई। इसके अलावा, 31 दिसंबर 2025 को नियमों में बदलाव कर सरकारी कंपनियों को बंद करने की प्रक्रिया भी सरल कर दी गई। अब ऐसी कंपनियों को बंद करने के लिए कम कागजी कार्रवाई करनी होगी, जिससे समय बचेगा।
एक और बड़ा बदलाव यह किया गया कि अब डायरेक्टर्स को हर साल केवाईसी भरने की जरूरत नहीं होगी। अब यह काम हर तीन साल में एक बार करना होगा। यह नियम 31 मार्च 2026 से लागू होगा और इससे कंपनियों को काफी राहत मिलेगी। दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) को बेहतर बनाने के लिए 2025 में एक नया बिल लोकसभा में पेश किया गया, जिसका मकसद मामलों का जल्दी निपटारा करना और कर्ज देने वालों को ज्यादा पैसा वापस दिलाना है।
सितंबर 2025 तक आईबीसी के तहत 1,300 मामलों में समाधान हुआ और बैंकों व कर्ज देने वालों को करीब 4 लाख करोड़ रुपए वापस मिले। यह रकम कंपनियों की अनुमानित कीमत से भी ज्यादा रही। सरकार आईबीसी के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म भी बना रही है, जिससे पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो जाएगी और फैसले जल्दी होंगे। निवेशकों की मदद के लिए निवेशक शिक्षा एवं संरक्षण निधि प्राधिकरण (आईईपीएफए) ने एक नया ऑनलाइन पोर्टल और कॉल सेंटर शुरू किया है। इससे शेयर और डिविडेंड से जुड़े दावे अब एक से दो दिन में निपटाए जा रहे हैं, जबकि पहले इसमें कई महीने लगते थे। इसके लॉन्च के बाद से अब तक 24,026 से अधिक दावों को मंजूरी मिल चुकी है, जिससे चालू वित्त वर्ष में कुल स्वीकृत दावों की संख्या 27,231 हो गई है।
सरकार ने यह भी ऐलान किया कि 1 जनवरी, 2026 से देश में 3 नए रीजनल डायरेक्टरेट और 6 नए रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी (आरओसी) ऑफिस शुरू किए जाएंगे, जिससे कंपनियों को सेवाएं जल्दी और आसानी से मिलेंगी। सरकार का कहना है कि ये सभी सुधार मिलकर भारत को दुनिया के सबसे आसान देशों में से एक बनाएंगे, जहां व्यापार करना सरल और सुरक्षित होगा।
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