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त्योहारी ऑफर के नाम पर नकली घी का खेल, 19 नमूने मिले असुरक्षित

nidhi
25 Oct 2026 8:16 AM IST
त्योहारी ऑफर के नाम पर नकली घी का खेल, 19 नमूने मिले असुरक्षित
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नई दिल्ली: त्योहारों से पहले राजधानी में देसी घी और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है। दिल्ली खाद्य सुरक्षा विभाग की पिछली जांच में घी के 59 नमूनों में से 19 मानव उपभोग के लिए असुरक्षित पाए गए, जबकि चार अन्य नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। इस बीच विभाग ने भारी छूट और ‘एक के साथ एक मुफ्त’ जैसे ऑफर का प्रचार करने वाले स्टोरों का निरीक्षण तेज किया है। नई कार्रवाई में विकासपुरी और हस्तसाल गांव से घी जब्त कर नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
विभाग की जांच उन दुकानों तक भी पहुंची है, जो सोशल मीडिया पर 60 प्रतिशत तक छूट का विज्ञापन कर रही थीं। अधिकारियों ने उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, लेबलिंग और उपयोग अवधि से संबंधित जानकारी की पड़ताल की। अभियान का उद्देश्य मिलावटी, उपमानक, अवधि समाप्त हो चुके या गलत विवरण के साथ बेचे जा रहे खाद्य पदार्थों की पहचान करना है। हालांकि, केवल बड़ी छूट मिलना किसी उत्पाद के नकली होने का प्रमाण नहीं है। नई जब्ती से जुड़े नमूनों पर निष्कर्ष प्रयोगशाला की रिपोर्ट के बाद निकलेगा।
विकासपुरी में दो स्टोरों के निरीक्षण के दौरान अलग-अलग घी के पांच नमूने लिए गए। यहां से 75.53 लीटर घी जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने भी एकत्र किए गए। विभाग अब निरीक्षण के निष्कर्ष और प्रयोगशाला परीक्षण के परिणामों को साथ रखकर आगे की कार्रवाई करेगा। इस चरण में जांच का विषय यह है कि बिक्री के लिए रखा गया सामान निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करता है या नहीं। हस्तसाल गांव में एक अन्य स्टोर से घी के तीन नमूने लेकर 246 किलोग्राम घी जब्त किया गया। दोनों स्थानों की बरामदगी बताते समय इकाइयों का अंतर ध्यान देने योग्य है। विकासपुरी की मात्रा लीटर में और हस्तसाल की मात्रा किलोग्राम में दर्ज है। इसलिए दोनों को सीधे जोड़कर एक निश्चित किलोग्राम मात्रा बताना उचित नहीं होगा। कार्रवाई के बाद अब नमूनों के परिणामों का इंतजार है, जिससे संबंधित उत्पादों की गुणवत्ता की स्थिति स्पष्ट होगी।
नई जब्ती से अलग, पहले जांचे गए 59 नमूनों के नतीजों में कुल 23 नमूनों में खामियां मिली थीं। इनमें 19 को असुरक्षित और चार को उपमानक बताया गया। इस गणना के अनुसार, जांचे गए नमूनों में लगभग 39 प्रतिशत में समस्या मिली। यह अनुपात केवल इन नमूनों से संबंधित है; इसे दिल्ली में बिकने वाले पूरे घी की स्थिति का आंकड़ा नहीं माना जा सकता। अलग-अलग बाजारों से लिए नमूनों के परिणामों ने निगरानी बढ़ाने की जरूरत जरूर सामने रखी है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने नमूने नाहरपुर, पोसंगीपुर, लक्ष्मी नगर, प्रीत विहार, रामपुरा, टैगोर गार्डन, कल्याणपुरी, कृष्णा विहार और कोंडली समेत विभिन्न बाजारों से लिए थे। रिपोर्टों के अनुसार, असुरक्षित घी बेचने वाले संबंधित कारोबारियों के प्रतिष्ठान बंद करने के आदेश और लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई उन नमूनों के परिणामों से जुड़ी है, जिनकी जांच पहले पूरी हो चुकी थी। हालिया निरीक्षण में लिए गए नए नमूनों की स्थिति उनकी अलग रिपोर्ट से तय होगी। अभियान केवल घी तक सीमित नहीं है। आजाद मार्केट में चीनी से बनी मिठाइयों के नमूने गलत लेबलिंग के संदेह में लिए गए। लाजपत नगर में मखाना और हल्दी पाउडर के नमूने एकत्र किए गए। रिठाला के एक प्रतिष्ठान से बिस्कुट और विभिन्न प्रकार की कैंडी जांच के लिए ली गई। इन उत्पादों पर भी निरीक्षण के दौरान मिले तथ्यों और प्रयोगशाला परीक्षण के आधार पर निर्णय होगा। नमूना लिए जाने को अपने आप में मिलावट सिद्ध होना नहीं माना जा सकता।
खाद्य भंडारण केंद्रों की जांच में भी साफ-सफाई और रखरखाव से जुड़ी कमियां सामने आई हैं। कुछ परिसरों में उपयोग अवधि समाप्त हो चुके उत्पाद, कीटों की मौजूदगी, जंग लगे रैक और फर्श पर रखे खाद्य पदार्थ मिले। कहीं कोल्ड स्टोरेज का निर्धारित तापमान बनाए रखने में कमी बताई गई। संबंधित प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने के नोटिस जारी किए गए हैं। इससे स्पष्ट है कि विभाग उत्पाद की गुणवत्ता के साथ उसके भंडारण की परिस्थितियों की भी जांच कर रहा है।
मिठाई निर्माण इकाइयों के निरीक्षण में भी खाद्य सामग्री संभालने के तरीकों और स्वच्छता पर सवाल उठे हैं। कुछ स्थानों पर भंडारण क्षेत्र में कीटों के संकेत और कर्मचारियों के बिना दस्ताने खाद्य पदार्थ संभालने जैसी कमियां दर्ज हुईं। खोया, बर्फी, लड्डू और अन्य मिठाइयों के नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खाद्य गुणवत्ता और सार्वजनिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता बताते हुए कारोबारियों से सुरक्षित भंडारण तथा स्वच्छता सुनिश्चित करने को कहा है। त्योहारी खरीदारी के दौरान ग्राहकों के लिए उत्पाद की जानकारी और खरीद का रिकॉर्ड संभालकर रखना उपयोगी है। किसी वस्तु की पैकेजिंग या गुणवत्ता पर संदेह हो तो उसे केवल आकर्षक ऑफर के कारण खरीदने से बचना चाहिए। फिलहाल नई कार्रवाई में जब्त घी को लेकर अंतिम निष्कर्ष बाकी है। विभागीय जांच में पुराने असुरक्षित नमूनों और हाल में जांच के लिए भेजे गए उत्पादों की स्थिति अलग-अलग है।
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