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शिक्षकों को विशेष ड्यूटी सौंपे जाने की खबरें भ्रामक, शिक्षा निदेशालय ने किया खंडन
SHIDDHANT
29 Dec 2025 8:35 PM IST

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Delhi दिल्ली। प्रिंट मीडिया के कुछ हिस्सों में शिक्षकों को विशेष ड्यूटी सौंपे जाने को लेकर प्रसारित हो रही खबरों को भ्रामक बताते हुए शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के कोई निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। निदेशालय ने कहा है कि शिक्षकों को अतिरिक्त या अलग जिम्मेदारियां सौंपने से संबंधित कोई आदेश नहीं दिया गया है। शिक्षा निदेशालय ने यह स्पष्टीकरण सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन के तहत जारी किए गए दिशा-निर्देशों को लेकर फैली गलतफहमियों के बीच दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने 7 नवंबर 2025 को स्वतः संज्ञान याचिका “शहर में आवारा कुत्तों का आतंक, बच्चे चुका रहे हैं कीमत” में शहरों में आवारा कुत्तों से बच्चों की सुरक्षा को लेकर निर्देश दिए थे।
इन आदेशों के अनुपालन में शहरी विकास विभाग के सचिव की अध्यक्षता में 12 नवंबर 2025 को और मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 20 नवंबर 2025 को बैठकें हुई थीं। 20 नवंबर को हुई बैठक की कार्यवाही 27 नवंबर 2025 को जारी की गई, जिसमें शिक्षा संस्थानों और खेल परिसरों में आवारा कुत्तों के प्रवेश को रोकने पर विशेष जोर दिया गया। इसके तहत शिक्षा निदेशालय को निर्देश दिए गए कि वह बैठक की कार्यवाही के भाग-III में उल्लिखित सुरक्षा उपायों को लागू सुनिश्चित करे।
इसके बाद शिक्षा निदेशालय ने 20 नवंबर 2025 और 5 दिसंबर 2025 को अपने अधीन सभी कार्यालयों, स्कूलों और स्टेडियमों के प्रमुखों को परिपत्र जारी किए। साथ ही 24 नवंबर और 10 दिसंबर 2025 को नगर निगम दिल्ली (एमसीडी), नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी), दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड (डीसीबी), भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को उनके अधिकार क्षेत्र में आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू करने के लिए पत्र भेजे गए।
निदेशालय के अनुसार, जिम्मेदारी शिक्षकों को नहीं बल्कि संबंधित कार्यालयों, स्कूलों और स्टेडियमों के प्रमुखों तथा स्थानीय निकायों को सौंपी गई है। निर्देशों के तहत निम्नलिखित कदम उठाने को कहा गया है। इसमें अपने क्षेत्र के सभी सरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थानों व खेल परिसरों की पूरी सूची उपलब्ध कराना। चारदीवारी, गेट और फेंसिंग को सुदृढ़ कर आवारा कुत्तों के प्रवेश और ठहराव को रोकना। प्रत्येक संस्था में प्राथमिकता के आधार पर नोडल अधिकारी नियुक्त करना, उनके विवरण को मुख्य प्रवेश द्वार पर प्रदर्शित करना और संबंधित स्थानीय निकाय को जानकारी देना।
छात्रों और स्टाफ के लिए पशुओं के आसपास सुरक्षित व्यवहार, काटने की स्थिति में प्राथमिक उपचार और तत्काल सूचना देने की प्रक्रिया पर जागरूकता सत्र आयोजित करना, खेल परिसरों में चौबीसों घंटे सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करना शामिल हैं। शिक्षा निदेशालय ने मीडिया और जनता से अपील की है कि आधिकारिक परिपत्रों और आदेशों को सही संदर्भ में समझा जाए और भ्रामक सूचनाओं से बचा जाए। निदेशालय ने दोहराया कि शिक्षकों पर कोई अतिरिक्त ड्यूटी नहीं लगाई गई है और सभी निर्देश केवल संस्थागत सुरक्षा और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हैं।
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