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दिल्ली सरकार और आईसीसीआर के बीच समझौता, सांस्कृतिक गतिविधियों को मिलेगा विस्तार

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने राजधानी की कला, संस्कृति और शैक्षणिक गतिविधियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने की दिशा में भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के साथ महत्वपूर्ण समझौता किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में सोमवार को दिल्ली सरकार और आईसीसीआर के बीच सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक सहयोग को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौते के जरिए दोनों संस्थानों के बीच स्थायी संस्थागत साझेदारी विकसित की जाएगी। इसके तहत दिल्ली के कलाकारों को अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने के साथ विदेशी कलाकारों, विद्वानों और सांस्कृतिक प्रतिनिधियों की दिल्ली में भागीदारी बढ़ाने पर जोर रहेगा। सरकार का मानना है कि इससे राजधानी के पर्यटन, सांस्कृतिक गतिविधियों और रचनात्मक अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आईसीसीआर के साथ साझेदारी दिल्ली की कला और प्रतिभाओं को वैश्विक मंच से जोड़ने का माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली के कलाकारों और सांस्कृतिक समूहों को अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भाग लेने के अवसर मिलेंगे, जबकि विदेशों से आने वाले कलाकारों और प्रतिनिधियों के जरिए राजधानी में अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संवाद को विस्तार मिलेगा।
एमओयू के तहत दिल्ली के स्थापित और उभरते कलाकारों को आईसीसीआर की ‘होराइजन सीरीज’ तथा विभिन्न अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सवों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। दिल्ली सरकार प्रदर्शन कला, साहित्य, मूर्तिकला, वस्त्र, वास्तुकला, पाक-कला और हस्तशिल्प सहित विभिन्न क्षेत्रों के कलाकारों की पहचान कर उनका डेटाबेस तैयार करेगी। यह निर्देशिका आईसीसीआर के साथ साझा की जाएगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए कलाकारों का एक व्यापक नेटवर्क तैयार हो सके।
समझौते में दिल्ली में होने वाले सांस्कृतिक और पर्यटन महोत्सवों में विदेशी कलाकारों की भागीदारी को आसान बनाने का भी प्रावधान है। भारत और विदेश के दृश्य कलाकारों के बीच संयुक्त प्रदर्शनियां, कला शिविर, रेजीडेंसी कार्यक्रम, कार्यशालाएं, सम्मेलन और सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। आईसीसीआर के विशिष्ट आगंतुक और शैक्षणिक आगंतुक कार्यक्रम से जुड़े विदेशी अतिथियों तथा विद्वानों की दिल्ली में मेजबानी भी की जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय छात्रों को दिल्ली की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के लिए अध्ययन शिविर और परिचयात्मक भ्रमण आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा आईसीसीआर के अंतरराष्ट्रीय छात्र नेटवर्क के माध्यम से दिल्ली के प्रमुख विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों का प्रचार किया जाएगा।
एमओयू के तहत दिल्ली में होने वाले कार्यक्रमों में विदेशी सांस्कृतिक दलों की भागीदारी से संबंधित खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी। आईसीसीआर प्रतिभागियों के चयन के साथ वीजा और भारत यात्रा संबंधी व्यवस्थाओं में सहयोग करेगा। दूसरी ओर, विदेशों में होने वाले कार्यक्रमों में दिल्ली के कलाकारों और सांस्कृतिक दलों की भागीदारी से जुड़ी घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा, परिवहन, वीजा और आवश्यक सरकारी मंजूरियों का खर्च दिल्ली सरकार वहन करेगी। आईसीसीआर अंतरराष्ट्रीय प्रवास, प्रस्तुतियों, प्रचार और चिकित्सा संबंधी व्यवस्थाओं में सहयोग देगा।
समझौते की निगरानी के लिए संयुक्त समिति गठित की जाएगी। इसमें आईसीसीआर के महानिदेशक या उनके प्रतिनिधि, दिल्ली सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और आईसीसीआर के क्षेत्रीय कार्यालय के प्रमुख शामिल होंगे। समिति प्रत्येक वर्ष न्यूनतम गतिविधि योजना तैयार करेगी।
यह समझौता हस्ताक्षर की तारीख से पांच वर्ष तक प्रभावी रहेगा। दोनों पक्षों की सहमति से इसकी अवधि अगले पांच वर्ष के लिए बढ़ाई जा सकेगी।
कार्यक्रम में कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मिश्रा ने कहा कि यह पहल दिल्ली को ‘आर्ट कैपिटल’ के रूप में विकसित करने और कलाकारों को अंतरराष्ट्रीय मंच से जोड़ने की दिशा में अहम कदम है। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से विभिन्न कला विधाओं के कलाकारों का डेटाबेस तैयार होने के साथ विदेशी कलाकारों और विद्वानों के साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान के नए अवसर भी बनेंगे।





