दिल्ली-एनसीआर

अंग्रेज अधिकारी के सुझाव पर कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत, जिसमें हिस्सा लेते हैं चुनिंदा देश

SHIDDHANT
26 Nov 2025 11:40 PM IST
अंग्रेज अधिकारी के सुझाव पर कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत, जिसमें हिस्सा लेते हैं चुनिंदा देश
x
Delhi दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स का उद्देश्य खेल विविधता, मित्रता और खेल भावना को बढ़ाना है, जिसके जरिए देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान मजबूत होता है। ओलंपिक की तरह कॉमनवेल्थ गेम्स में भी कई लोकप्रिय खेल शामिल होते हैं, जिसमें खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच मिलता है। कॉमनवेल्थ गेम्स में वह देश हिस्सा लेते हैं, जिन पर ब्रिटेन ने शासन किया। इस खेल का सुझाव अंग्रेज अधिकारी जॉन एश्ले कूपर ने दिया था। तभी से कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत हुई।
साल 1930 में कनाडा में पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत हुई। इसके बाद से प्रत्येक 4 वर्ष में इसका आयोजन होता है। हालांकि, विश्व युद्ध के चलते साल 1942 से 1946 के बीच इन खेलों का आयोजन नहीं हुआ था। हैमिल्टन 1930 के पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में 11 देशों और क्षेत्रों ने इसमें भाग लिया था। आज इसमें 72 देश हिस्सा लेते हैं। भारत ने 1934 में पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लिया, जिसमें सिर्फ दो ही खेलों में भारत ने दूसरे देशों को चुनौती दी। राशिद अनवर भारत की ओर से पहला कॉमनवेल्थ मेडल जीतने वाले खिलाड़ी बने, जिन्होंने रेसलिंग में यह पदक जीता।
साल 1954 से 1966 तक इसे 'ब्रिटिश एंपायर गेम्स' के नाम से जाना जाता था। इसके बाद साल 1970 में इसे 'ब्रिटिश कॉमनवेल्थ गेम्स' के नाम से पहचान मिली। साल 1978 में इसका नाम बदलकर 'कॉमनवेल्थ गेम्स' किया गया। भारत ने 2010 में पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की। यह राजधानी नई दिल्ली में खेला गया था। अब भारत को दो दशकों के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी का मौका मिला है। अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 का आयोजन होगा।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 अब तक भारत का सबसे सफल अभियान है, जिसमें उसने 101 पदक जीतकर मेडल टैली में दूसरा स्थान हासिल किया था। ऐसा एकमात्र बार हुआ, जब भारत ने एक संस्करण में 100 से ज्यादा पदक अपने नाम किए। कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 में 15 से 17 गेम्स खेले जाएंगे। वर्ष 2030 का संस्करण सेंटेनरी कॉमनवेल्थ गेम्स भी कहलाएगा। कॉमनवेल्थ गेम्स में शामिल करने पर विचार किए जाने वाले खेलों में टी20 क्रिकेट, आर्चरी, शूटिंग, स्क्वैश, बैडमिंटन, 3x3 बास्केटबॉल और 3x3 व्हीलचेयर बास्केटबॉल, बीच वॉलीबॉल, साइकिलिंग, डाइविंग, हॉकी, जूडो, रिदमिक जिम्नास्टिक्स, रग्बी सेवन्स, ट्रायथलॉन, पैरा ट्रायथलॉन और रेसलिंग हैं।
उम्मीद की जा रही है कि जब भारत में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन होगा, तो भारतीय खिलाड़ी एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करेंगे। एक बार फिर देश 100 से ज्यादा पदक जीतते हुए मेडल टैली में धाक जमाएगा।
Tagsकॉमनवेल्थ गेम्सभारतअहमदाबाद 2030खेल आयोजनअंतरराष्ट्रीय खेलपदक टैलीटी20 क्रिकेटशूटिंगबैडमिंटनहॉकीजूडोरग्बी सेवन्सपैरा ट्रायथलॉनरेसलिंग15-17 खेलसेंटेनरी संस्करण2010 दिल्ली गेम्सइतिहासराष्ट्रों का सांस्कृतिक आदान-प्रदानब्रिटिश एंपायर गेम्सब्रिटिश कॉमनवेल्थ गेम्सविश्व युद्धराशिद अनवरखेल विविधतामित्रताखेल भावनाभारत के खिलाड़ीमेडल टैली।जनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story