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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लॉरेंस बिश्नोई-हरी बॉक्सर गैंग के एक कथित मददगार को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमित बिश्नोई उर्फ रुद्र प्रताप सिंह के रूप में हुई है। हैरानी की बात यह है कि आरोपी पेशे से गणित का शिक्षक है और एक नामी कोचिंग सेंटर में छात्रों को पढ़ाता था। पुलिस के अनुसार, अमित बिश्नोई पर आरोप है कि उसने मुखर्जी नगर इलाके में कोचिंग सेंटर संचालक की रेकी की थी और उससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी गैंग तक पहुंचाई थी। इसी जानकारी के आधार पर विदेश में छिपे गैंगस्टर हरी बॉक्सर ने कथित तौर पर कोचिंग सेंटर मालिक से 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी।
जांच में सामने आया है कि अमित बिश्नोई मुखर्जी नगर के एक कोचिंग सेंटर में गणित शिक्षक के रूप में काम करता था। वह छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई के लिए स्टडी मेटेरियल उपलब्ध कराने वाले सेंटर मालिकों के संपर्क में था। आरोप है कि उसने पीड़ित के कार्यालय की निगरानी की और वहां का वीडियो बनाकर गैंगस्टर हरी बॉक्सर को भेजा। पुलिस के मुताबिक, आरोपी द्वारा दी गई जानकारी के बाद पीड़ित को धमकी भरे संदेश और कॉल किए गए। रंगदारी की मांग पूरी नहीं करने पर कोचिंग सेंटर संचालक और उनके बच्चों को जान से मारने की धमकी दी गई थी। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की, जिसके आधार पर जांच शुरू की गई।
स्पेशल सेल की जांच में अमित बिश्नोई की भूमिका सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह कब से इस गैंग के संपर्क में था और क्या उसने इससे पहले भी किसी अन्य वारदात में मदद की है। जांच एजेंसियों को शक है कि गैंगस्टर अपने नेटवर्क को मजबूत करने के लिए स्थानीय स्तर पर ऐसे लोगों का इस्तेमाल करते हैं, जो इलाके की जानकारी जुटाने और संभावित निशानों की पहचान करने में मदद कर सकें। पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य संपर्कों की भी जांच कर रही है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग देश के कई राज्यों में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क के लिए जाना जाता है। पुलिस पहले भी इस गैंग से जुड़े कई सहयोगियों और मददगारों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसियां लगातार गैंग के आर्थिक नेटवर्क और स्थानीय सहयोगियों पर नजर रख रही हैं। इस मामले में पुलिस का कहना है कि अपराध की योजना बनाने, रेकी करने और गैंग तक जानकारी पहुंचाने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अमित बिश्नोई से पूछताछ जारी है और पुलिस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
10 करोड़ रुपये की रंगदारी और बच्चों को धमकी देने वाले इस मामले ने शिक्षा जगत से जुड़े लोगों को भी हैरान कर दिया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही जांच में सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





