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शेख हसीना के कारण अटकी तारिक रहमान की भारत यात्रा

Ratna Netam
16 Aug 2026 4:56 PM IST
शेख हसीना के कारण अटकी तारिक रहमान की भारत यात्रा
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ढाका। बांग्लादेश ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान की प्रस्तावित भारत यात्रा को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। ढाका सरकार का कहना है कि इस उच्चस्तरीय दौरे से पहले भारत को अनुकूल कूटनीतिक माहौल तैयार करने की दिशा में कदम उठाने होंगे। इसके लिए बांग्लादेश ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज करने और छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के आरोपियों को सौंपने की मांग की है।
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एकेएम शाहिदुल करीम ने रविवार को मीडिया ब्रीफिंग में सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि तारिक रहमान की संभावित द्विपक्षीय यात्रा को लेकर भारत और बांग्लादेश के अधिकारी पिछले कुछ सप्ताह से संपर्क में हैं। हालांकि, अभी यात्रा की तारीख और कार्यक्रम पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
करीम ने कहा कि बांग्लादेश इस यात्रा के लिए ‘अनुकूल माहौल’ बनने का इंतजार कर रहा है। उन्होंने दो प्रमुख लंबित मामलों में भारत से प्रगति की अपेक्षा जताई। इनमें शेख हसीना और अन्य वांछित लोगों के प्रत्यर्पण के साथ उस्मान हादी हत्याकांड के आरोपियों को बांग्लादेश को सौंपना शामिल है।
प्रत्यर्पण संधि का दिया हवाला
बांग्लादेश सरकार ने भारत और बांग्लादेश के बीच मौजूद द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि का उल्लेख करते हुए शेख हसीना को जल्द सौंपने की मांग की है। हसीना अगस्त 2024 में अपनी सरकार के पतन के बाद से भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने उन्हें नवंबर 2025 में मानवता के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामले में अनुपस्थिति में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी।
ढाका ने शेख हसीना के अलावा अन्य कथित भगोड़ों को भी वापस भेजने का अनुरोध किया है। बांग्लादेश का कहना है कि इन मामलों में ठोस प्रगति दोनों देशों के राजनीतिक और कूटनीतिक संबंधों को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक है।
भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि बांग्लादेश की ओर से प्राप्त प्रत्यर्पण अनुरोध की कानूनी प्रक्रियाओं के तहत समीक्षा की जा रही है। नई दिल्ली ने अभी तक हसीना को सौंपने को लेकर कोई अंतिम निर्णय सार्वजनिक नहीं किया है।
उस्मान हादी हत्याकांड के आरोपी भी मुद्दा
ढाका की दूसरी प्रमुख मांग शरीफ उस्मान हादी की हत्या के आरोपियों से जुड़ी है। पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने मार्च 2026 में बनगांव से दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। इनकी पहचान फैसल करीम मसूद और आलमगीर हुसैन के रूप में की गई थी।
बांग्लादेशी अधिकारियों का आरोप है कि दोनों हादी की हत्या के मुख्य आरोपियों में शामिल हैं। वे कथित रूप से हत्या के बाद बांग्लादेश से भागकर मेघालय सीमा के रास्ते भारत पहुंचे और बाद में पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में चले गए। अब बांग्लादेश उन्हें अपने यहां मुकदमा चलाने के लिए सौंपने की मांग कर रहा है।
हसीना की प्रेस वार्ता पर आपत्ति
बांग्लादेश ने 5 अगस्त को नई दिल्ली से शेख हसीना द्वारा की गई प्रेस वार्ता पर भी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। ढाका का कहना है कि दोषी ठहराई गई पूर्व प्रधानमंत्री को भारत में रहकर खुले तौर पर राजनीतिक बयान देने की अनुमति मिलने से दोनों देशों के संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
भारत सरकार ने हसीना की प्रेस वार्ता से खुद को अलग करते हुए कहा कि इसका आयोजन सरकार ने नहीं किया था। हसीना ने प्रेस वार्ता में बांग्लादेश लौटने की इच्छा जताई थी और अपने खिलाफ चलाए गए मामलों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया था।
ब्रिक्स सम्मेलन के लिए मिला निमंत्रण
भारत ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान को 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। यह निमंत्रण उन्हें बिम्सटेक के मौजूदा अध्यक्ष के रूप में भेजा गया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को अलग से द्विपक्षीय भारत यात्रा का भी निमंत्रण दिया है।
बिम्सटेक में भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका, थाईलैंड, म्यांमा, नेपाल और भूटान शामिल हैं। तारिक रहमान ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेंगे या नहीं, इस पर बांग्लादेश ने अभी निर्णय नहीं लिया है। ढाका के ताजा रुख के बाद शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा तारिक रहमान की संभावित भारत यात्रा और दोनों देशों के भविष्य के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बन गया है।
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