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भारत-कनाडा व्यापार समझौते पर बातचीत तेज, दिसंबर में कनाडा जा सकते हैं PM मोदी

Kavita2
23 Sept 2026 9:53 AM IST
भारत-कनाडा व्यापार समझौते पर बातचीत तेज, दिसंबर में कनाडा जा सकते हैं PM मोदी
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नई दिल्ली। भारत और कनाडा के बीच लंबे समय से प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बातचीत अब तेज होती दिखाई दे रही है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिसंबर में कनाडा का दौरा कर सकते हैं। कार्नी ने यह भी कहा कि दोनों देश व्यापार समझौते को इस साल के अंत तक अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने भारत-कनाडा संबंधों को कई स्तरों पर महत्वपूर्ण बताते हुए व्यापार वार्ता में अच्छी प्रगति होने की बात कही है।

प्रधानमंत्री मोदी की संभावित दिसंबर यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते यानी Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) को लेकर बातचीत फिर गति पकड़ रही है। दोनों देशों ने इस समझौते के लिए बातचीत को आगे बढ़ाने और 2026 के अंत तक इसे पूरा करने का लक्ष्य पहले ही तय किया था।

दिसंबर में कनाडा जाने की संभावना

कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान कहा कि भारत के साथ व्यापार वार्ता में अच्छी प्रगति हो रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिसंबर में कनाडा आने की उम्मीद जताई और कहा कि वह उनकी मेजबानी करने के लिए उत्सुक हैं। हालांकि मोदी की यात्रा की अंतिम तारीख और विस्तृत कार्यक्रम अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

कार्नी के बयान के मुताबिक, दोनों देशों के बीच बातचीत सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है। उन्होंने भारत-कनाडा संबंधों को लोगों के बीच संपर्क, सुरक्षा और व्यापार एवं आर्थिक सहयोग सहित कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बताया।

साल के अंत तक CEPA पूरा करने का लक्ष्य

भारत और कनाडा के बीच जिस व्यापार समझौते पर बातचीत हो रही है, उसे CEPA कहा जा रहा है। दोनों देशों ने इस समझौते के लिए औपचारिक बातचीत शुरू करते हुए 2026 के अंत तक वार्ता पूरी करने का लक्ष्य तय किया था। मार्च 2026 में कनाडाई प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने CEPA वार्ता को तेज करने पर सहमति जताई थी।

भारत और कनाडा का लक्ष्य एक ऐसा व्यापक आर्थिक ढांचा तैयार करना है, जिसके तहत वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार के साथ निवेश संबंधों को भी बढ़ावा दिया जा सके। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 70 अरब कनाडाई डॉलर तक पहुंचाने की आकांक्षा जताई है।

चौथे दौर की बातचीत पूरी

व्यापार समझौते को लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत के चौथे दौर का समापन सितंबर में हुआ है। भारतीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू के बीच भी इस संबंध में चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने वार्ता को तेजी से आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है।

पीयूष गोयल ने चौथे दौर की बातचीत के बाद इसे उत्पादक चर्चा बताया था। उन्होंने कहा था कि दोनों देशों की टीमें अब बातचीत को तेज करने के लिए आगे बढ़ेंगी। अगला दौर 5 अक्टूबर से शुरू होने वाला है। कनाडा की ओर से भी इस समझौते को 2026 के अंत तक पूरा करने को लेकर सकारात्मक रुख सामने आया है।

किन क्षेत्रों में बढ़ सकता है सहयोग?

भारत और कनाडा के बीच प्रस्तावित CEPA में वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार के साथ निवेश से जुड़े मुद्दे भी महत्वपूर्ण हैं। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, तकनीक, कृषि, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं हैं।

मार्च में प्रधानमंत्री मोदी और कार्नी की बैठक के दौरान दोनों देशों ने ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की थी। कनाडा के पास ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में संसाधन हैं, जबकि भारत का बड़ा बाजार और विनिर्माण एवं सेवा क्षेत्र दोनों देशों के लिए आर्थिक अवसर पैदा कर सकता है।

कनाडा की ओर से भारत में ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में निवेश को लेकर भी रुचि दिखाई गई है। मार्च में दोनों देशों ने महत्वपूर्ण खनिजों की वैल्यू चेन और परमाणु ऊर्जा से जुड़े सहयोग सहित कई क्षेत्रों में समझौते किए थे।

पुराने तनाव के बाद आर्थिक रिश्तों पर जोर

भारत और कनाडा के संबंधों में पिछले कुछ वर्षों में राजनयिक तनाव रहा है। अब दोनों सरकारें आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दे रही हैं। मार्च 2026 में प्रधानमंत्री कार्नी की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने संबंधों को नए सिरे से मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई थी। इसके बाद व्यापार वार्ता में भी तेजी आई है।

दोनों देशों की ओर से व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए उच्चस्तरीय यात्राओं और कारोबारी प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान की योजना भी बनाई गई है। इसका उद्देश्य निजी क्षेत्र के बीच नए कारोबारी अवसर तलाशना और दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ाना है।

आगे के 90 दिन अहम

सितंबर में चौथे दौर की वार्ता पूरी होने के बाद अब दोनों देशों की निगाहें अगले दौर की बातचीत पर हैं। भारतीय पक्ष के अनुसार अक्टूबर से बातचीत का अगला चरण शुरू होगा। कनाडा ने भी वर्ष के अंत तक समझौता पूरा करने को लेकर उम्मीद जताई है।

हालांकि व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने से पहले दोनों देशों को कई मुद्दों पर सहमति बनानी होगी। व्यापार में शुल्क, बाजार तक पहुंच, सेवाओं, निवेश और दोनों देशों की संवेदनशीलताओं से जुड़े विषय वार्ता का हिस्सा हो सकते हैं। अंतिम समझौते की शर्तें बातचीत पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगी।

फिलहाल प्रधानमंत्री मोदी की दिसंबर में संभावित कनाडा यात्रा और CEPA वार्ता की रफ्तार ने भारत-कनाडा आर्थिक संबंधों को लेकर गतिविधियां बढ़ा दी हैं। यदि दोनों पक्ष अपने तय लक्ष्य के मुताबिक आगे बढ़ते हैं तो वर्ष 2026 के अंत तक व्यापक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है।

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