- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- US-Iran समझौते के बाद...
US-Iran समझौते के बाद बातचीत रद्द, फिलिस्तीन ने भारत से हस्तक्षेप मांगा

Delhi दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए एक अहम शांति समझौते पर हस्ताक्षर के बाद शुरू होने वाली कूटनीतिक बातचीत अचानक रद्द कर दी गई है। इस घटनाक्रम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई हलचल पैदा हो गई है। स्थिति को लेकर फिलिस्तीन ने चिंता जताते हुए भारत से हस्तक्षेप की मांग की है।
फिलिस्तीन के भारत में राजदूत अब्दुल्ला एम. अबू शावेश ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए शांति समझौते का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि शांति प्रक्रिया को कमजोर करने वाले किसी भी दावे में सच्चाई नहीं है और यह समझौता क्षेत्रीय स्थिरता के लिए जरूरी कदम है।
राजदूत अबू शावेश ने कहा कि कुछ पक्ष यह दावा कर रहे हैं कि इस समझौते से किसी देश को रणनीतिक नुकसान हो सकता है, लेकिन यह सही नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “जब शांति होती है, तो किसी का नुकसान नहीं होता। सभी की जीत होती है।”
उन्होंने आगे कहा कि शांति का मतलब सभी के लिए लाभ है, लेकिन उन्होंने इजरायल की मौजूदा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ कट्टरपंथी विचारधाराएं शांति प्रक्रिया को स्वीकार नहीं कर पातीं। उनके अनुसार, ऐसे गुट मानते हैं कि युद्ध की स्थिति में ही उन्हें राजनीतिक या रणनीतिक लाभ मिलता है।
इस बयान के बाद क्षेत्रीय कूटनीति को लेकर बहस और तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि शांति समझौतों के बावजूद कई बार जमीनी स्तर पर राजनीतिक असहमति के कारण वार्ता प्रभावित हो जाती है।
फिलहाल कूटनीतिक बातचीत के रद्द होने के कारण आगे की प्रक्रिया को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर नजर बनाए हुए है और उम्मीद की जा रही है कि संबंधित पक्ष जल्द ही बातचीत की प्रक्रिया को फिर से शुरू करने पर सहमत होंगे।
भारत से दखल की मांग के बाद इस मुद्दे को लेकर कूटनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है, हालांकि अभी तक भारत सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।





