दिल्ली-एनसीआर

सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने के बाद सरकार और CJP के बीच बातचीत

Kavita2
24 July 2026 11:20 AM IST
सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने के बाद सरकार और CJP के बीच बातचीत
x

नई दिल्ली : शिक्षा व्यवस्था में सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर चल रहे विरोध के बीच केंद्र सरकार और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बीच शुक्रवार को बातचीत होने जा रही है। यह बैठक दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित की जाएगी। इससे पहले सोनम वांगचुक ने 26 दिन तक चले अपने अनशन को केंद्र सरकार की ओर से मिले लिखित आश्वासन के बाद समाप्त कर दिया था।

सोनम वांगचुक शिक्षा व्यवस्था में सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों के लिए जवाबदेही तय करने, प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे जैसी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। उनके अनशन समाप्त करने के बाद अब सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संवाद की प्रक्रिया शुरू हो रही है।

CJP पिछले कुछ समय से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। संगठन की मुख्य मांगों में NEET सहित प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाना शामिल है। संगठन का कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए।

जानकारी के अनुसार, सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार से मिले आश्वासन के बाद अपना अनशन खत्म किया। सरकार की ओर से शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया को बेहतर बनाने और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कदम उठाने का भरोसा दिया गया है।

अनशन समाप्त होने के बाद केंद्र सरकार ने CJP के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत का निर्णय लिया। बताया जा रहा है कि इससे पहले प्रदर्शनकारी संगठन ने मांग रखी थी कि बैठक किसी निष्पक्ष स्थान पर आयोजित की जाए। सरकार ने इस मांग को स्वीकार करते हुए बैठक के लिए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया को चुना है।

बैठक में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इसमें प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षा संचालन में पारदर्शिता, पेपर लीक रोकने के उपाय और छात्रों की चिंताओं को दूर करने जैसे विषय शामिल हो सकते हैं।

CJP का कहना है कि छात्रों के आंदोलन को केवल विरोध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग है। संगठन का दावा है कि पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के कारण लाखों छात्रों को नुकसान उठाना पड़ता है।

वहीं, केंद्र सरकार की ओर से भी परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए कदम उठाए जाने की बात कही गई है। सरकार का कहना है कि छात्रों के हितों की रक्षा करना उसकी प्राथमिकता है और परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित व पारदर्शी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

सोनम वांगचुक के आंदोलन को छात्रों और युवाओं के एक वर्ग का समर्थन मिला था। उनके 26 दिन के अनशन के दौरान शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दे लगातार चर्चा में रहे। अब सरकार और CJP के बीच होने वाली बैठक को आंदोलन के अगले चरण के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इस बैठक से यह स्पष्ट हो सकता है कि सरकार आंदोलनकारियों की मांगों पर किस तरह आगे बढ़ती है। खासतौर पर NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों में जो असंतोष है, उसे दूर करने के लिए ठोस कदमों की उम्मीद की जा रही है।

CJP ने पहले ही स्पष्ट किया है कि केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि जमीनी स्तर पर सुधार दिखाई देने चाहिए। संगठन की मांग है कि परीक्षा प्रणाली में ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे छात्रों का भरोसा दोबारा मजबूत हो सके।

बैठक से पहले राजनीतिक और छात्र संगठनों की नजर इस बातचीत पर बनी हुई है। माना जा रहा है कि शुक्रवार की चर्चा के बाद आगे की रणनीति तय होगी। यदि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच सहमति बनती है तो शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई लंबित मुद्दों के समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

फिलहाल सभी की निगाहें केंद्र सरकार और CJP के बीच होने वाली इस बैठक पर टिकी हैं। यह बातचीत शिक्षा सुधार और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

Next Story