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आरएसएस प्रमुख के बयान पर बोले स्वामी चक्रपाणि महाराज

SHIDDHANT
9 Nov 2025 8:16 PM IST
आरएसएस प्रमुख के बयान पर बोले स्वामी चक्रपाणि महाराज
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Delhi दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान पर अखिल भारतीय हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संघ एक राष्ट्रवादी संगठन है और इसका उद्देश्य हमेशा से देश को एकजुट कर हिंदू राष्ट्र की स्थापना करना रहा है।
स्वामी चक्रपाणि महाराज ने कहा, “नहीं, निश्चित रूप से कोई भी राष्ट्रवादी संगठन किसी पर प्रतिबंध नहीं लगाता। जहां तक संघ का सवाल है, उसकी स्थापना 1925 में पूज्य डॉ. हेडगेवार ने की थी। हेडगेवार जी का उद्देश्य देश के सभी लोगों को एक सूत्र में जोड़ना और राष्ट्रभावना को जागृत करना था। इसमें कोई संदेह नहीं कि उनका अंतिम लक्ष्य हिंदू राष्ट्र का निर्माण ही था।”
उन्होंने कहा कि संघ की स्थापना का मूल विचार यही था कि भारत एक ऐसे राष्ट्र के रूप में विकसित हो, जहां हर व्यक्ति देश के प्रति समर्पित हो, राष्ट्रप्रेम की भावना रखे और समाज के उत्थान में योगदान दे। “ऐसे राष्ट्र में हर नागरिक एक सजग कार्यकर्ता और सहभागी के रूप में कार्य करे, जो भारत माता से प्रेम करता हो और उसके लिए निस्वार्थ भाव से कार्य करता हो,” उन्होंने कहा।
स्वामी चक्रपाणि ने यह भी जोड़ा कि “हिंदू राष्ट्र” का अर्थ किसी धर्म विशेष का प्रभुत्व नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी व्यवस्था है, जिसमें सभी धर्मों, संस्कृतियों और समुदायों के लोग समान रूप से सम्मानित हों, परंतु राष्ट्र की पहचान उसकी सनातन संस्कृति से जुड़ी हो।
उन्होंने कहा, “डॉ. हेडगेवार और बाद में गुरूजी गोलवलकर जी ने भी यही दृष्टिकोण रखा कि भारत एक ऐसी भूमि है, जहां विविधता में एकता के साथ सब लोग हिंदू सभ्यता की मूल भावना से जुड़े रहें। यही संघ का दृष्टिकोण था और रहेगा। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच स्वामी चक्रपाणि के इस बयान ने राष्ट्रवाद और हिंदू राष्ट्र की अवधारणा पर नया विमर्श खड़ा कर दिया है।
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