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दिल्ली की सीमाओं पर बढ़ेगी निगरानी, प्रदूषण पर लगाम की तैयारी

Kiran
26 Oct 2026 10:11 AM IST
दिल्ली की सीमाओं पर बढ़ेगी निगरानी, प्रदूषण पर लगाम की तैयारी
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Delhi सर्दियों के आने और हवा की खराब होती गुणवत्ता को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, दिल्ली सरकार ने NCR सीमाओं पर प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ सख्ती बढ़ाने, नियमों का पालन न करने वाली बसों के प्रवेश को रोकने और पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर ट्रैफिक प्रबंधन को मजबूत करने का फैसला किया है। रविवार को दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की अध्यक्षता में हुई एक उच्च-स्तरीय वर्चुअल बैठक में इन उपायों पर चर्चा की गई। इस बैठक में नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत और बहादुरगढ़ के वरिष्ठ ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (ट्रैफिक) और दिल्ली परिवहन आयुक्त भी शामिल हुए। बैठक के दौरान, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अधिकारियों को बताया कि ट्रैफिक और प्रदूषण नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है, जिसके तहत हर दिन औसतन 10,000 से अधिक चालान काटे जा रहे हैं।
बैठक का मुख्य फोकस उन वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोकना था, जो तय उत्सर्जन मानकों (emission standards) को पूरा नहीं करते हैं। लागू प्रतिबंधों के अनुसार, दिल्ली-NCR में चलने वाली अंतर-शहरी और अंतर-राज्यीय बसों को बिजली, CNG या BS-VI मानकों वाले डीजल से चलना अनिवार्य है। जो बसें इन शर्तों को पूरा नहीं करेंगी, उन्हें इस क्षेत्र में चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अधिकारियों को 'पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल' (PUC) नियमों के पालन को और सख्त करने का निर्देश दिया गया। जो वाहन साफ ​​तौर पर प्रदूषण फैलाते हुए पाए जाएंगे, उन पर जुर्माना लगाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर उन्हें जब्त भी किया जा सकता है। बैठक में सुप्रीम कोर्ट के उन निर्देशों को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया गया, जिनके अनुसार दिल्ली न जाने वाले भारी वाहनों को राजधानी से गुजरने के बजाय 'ईस्टर्न' और 'वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे' का इस्तेमाल करना होगा।
ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए, खासकर NCR में प्रवेश के बिंदुओं पर, अधिकारी ट्रैफिक आवाजाही में तालमेल बिठाएंगे और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त कर्मचारियों को तैनात करेंगे। इसका उद्देश्य वाहनों को लंबे समय तक चालू हालत में खड़े रहने (idling) से रोकना है, जिससे प्रदूषण बढ़ता है। परिवहन विभाग और अन्य एजेंसियों से कहा गया है कि वे सीमा चौकियों पर बड़े बैनर और डिस्प्ले बोर्ड लगाएं, ताकि वाहन चालकों और अंतर-राज्यीय ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों को लागू प्रतिबंधों के बारे में जानकारी मिल सके।
बैठक में 'ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान' (GRAP) को लागू करने की तैयारियों और 'कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट' (CAQM) द्वारा जारी निर्देशों की समीक्षा की गई। जैसे-जैसे प्रदूषण नियंत्रण के सख्त उपाय लागू होंगे, जिला स्तर पर अतिरिक्त प्रवर्तन टीमों (enforcement teams) को तैनात किया जाएगा। सड़कों की धूल से होने वाले प्रदूषण से निपटने के लिए, वाहनों से निकलने वाले धुएं के अलावा, सरकार दिल्ली भर में पानी का छिड़काव, मशीनों से सड़कों की सफाई, धूल को दबाने के उपाय और स्वच्छता अभियान तेज करने की योजना बना रही है।
सिरसा ने इस बात पर जोर दिया कि वायु प्रदूषण एक क्षेत्रीय समस्या है, जिसके समाधान के लिए दिल्ली और पड़ोसी NCR राज्यों के बीच आपसी तालमेल जरूरी है। उन्होंने प्रभावी बॉर्डर प्रबंधन, बेहतर सार्वजनिक परिवहन और उत्सर्जन नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने की अहमियत बताई। संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे आपस में लगातार तालमेल बनाए रखें और जानकारी साझा करें, ताकि नियमों का पालन न करने वाले वाहनों को जल्द से जल्द रोका जा सके, खासकर NCR की सीमाओं पर।
सरकार प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के जरिए जागरूकता अभियान भी चलाएगी, ताकि लोगों को सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके और प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का बेहतर पालन सुनिश्चित हो सके। बैठक के अंत में सभी एजेंसियों को निर्देश दिए गए कि वे इन उपायों को समय पर लागू करें, क्योंकि सर्दियों के दौरान प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पाबंदियां और सख्त की जाएंगी।
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