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NEET-UG में बड़े बदलाव की मांग पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई

Kavita2
27 July 2026 3:49 PM IST
NEET-UG में बड़े बदलाव की मांग पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई
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नई दिल्ली: नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) के मौजूदा ढांचे में बदलाव की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को महत्वपूर्ण कदम उठाया। अदालत ने परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करने का फैसला किया है। इन याचिकाओं में NEET-UG को कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित करने समेत परीक्षा प्रक्रिया में कई संरचनात्मक बदलावों की मांग की गई है।

जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने NEET-UG परीक्षा के आयोजन, पारदर्शिता और निष्पक्षता से जुड़े मुद्दों पर विचार करने की सहमति दी। अदालत ने राष्ट्रीय स्तर की इस मेडिकल प्रवेश परीक्षा को लेकर उठाई गई चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित मामलों की सुनवाई आगे जारी रखने का निर्णय लिया।

सुप्रीम कोर्ट के समक्ष राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद सुधाकर सिंह की ओर से दायर याचिका समेत अन्य याचिकाओं पर सुनवाई हुई। इन याचिकाओं में NEET-UG परीक्षा के संचालन में सुधार की जरूरत बताई गई है। याचिकाकर्ताओं ने परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए कई सुझाव दिए हैं।

याचिकाओं में प्रमुख मांग NEET-UG को मौजूदा ऑफलाइन पेन-पेपर मोड की जगह कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में कराने की है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि डिजिटल माध्यम से परीक्षा आयोजित करने से प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ सकती है और परीक्षा प्रबंधन से जुड़ी कई समस्याओं को कम किया जा सकता है।

NEET-UG देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, जिसमें हर साल लाखों छात्र मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए शामिल होते हैं। इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों वाली परीक्षा के संचालन को लेकर सुरक्षा, प्रश्नपत्र की गोपनीयता, मूल्यांकन प्रक्रिया और परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था जैसे मुद्दे लगातार चर्चा में रहे हैं।

याचिकाकर्ताओं ने अदालत के सामने परीक्षा प्रणाली से जुड़ी कुछ चिंताओं को रखा और कहा कि भविष्य में ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए जिससे छात्रों को समान अवसर मिल सके। उनका कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी सुधार और बेहतर निगरानी व्यवस्था से छात्रों का भरोसा मजबूत होगा।

सुप्रीम कोर्ट की ओर से मामले पर सुनवाई का निर्णय ऐसे समय में आया है, जब देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता और परीक्षा प्रणाली को लेकर बहस जारी है। अदालत ने हालांकि अभी किसी बदलाव का आदेश नहीं दिया है, बल्कि संबंधित याचिकाओं पर विचार करने की प्रक्रिया शुरू की है।

केंद्र सरकार और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों का पक्ष भी इस मामले में महत्वपूर्ण होगा। सुनवाई के दौरान अदालत परीक्षा व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं, मौजूदा प्रणाली की चुनौतियों और प्रस्तावित सुधारों की व्यवहारिकता पर विचार कर सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, NEET जैसी बड़ी परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित बनाने के लिए देशभर में पर्याप्त डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षित परीक्षा केंद्र और तकनीकी तैयारियों की आवश्यकता होगी। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखना भी एक महत्वपूर्ण पहलू होगा।

NEET-UG में सुधार की मांग लंबे समय से उठती रही है। छात्र संगठनों और शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली ऐसी होनी चाहिए, जिसमें किसी भी छात्र के साथ भेदभाव की संभावना न हो और परिणामों पर सभी का विश्वास बना रहे।

सुप्रीम कोर्ट ने इन मामलों की अगली सुनवाई अगले सोमवार को निर्धारित की है। अब आने वाली सुनवाई में अदालत याचिकाओं में उठाए गए मुद्दों और परीक्षा सुधारों से जुड़े सुझावों पर विस्तार से विचार करेगी।

NEET-UG देश में मेडिकल शिक्षा के प्रवेश का प्रमुख माध्यम है। ऐसे में परीक्षा के ढांचे में किसी भी संभावित बदलाव का असर लाखों छात्रों, परीक्षा संचालन एजेंसियों और मेडिकल शिक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है। अदालत की आगे की सुनवाई से यह स्पष्ट होगा कि परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर क्या दिशा तय होती है।

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