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सोहराबुद्दीन केस में सुप्रीम कोर्ट का नोटिस 22 आरोपियों से मांगा जवाब
Ratna Netam
28 Sept 2026 2:37 PM IST

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New दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 2005 के चर्चित सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर केस से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया है। यह याचिका बॉम्बे हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती देती है, जिसमें निचली अदालत द्वारा 22 आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को बरकरार रखा गया था।सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने मामले में बरी किए गए सभी आरोपियों से जवाब मांगा है। इस मामले में गुजरात, राजस्थान और आंध्र प्रदेश के 21 पुलिसकर्मी समेत कुल 22 लोगों को आरोपी बनाया गया था। कोर्ट ने संकेत दिया है कि वह यह जांच करेगा कि आरोपियों को बरी किए जाने का फैसला कानूनी रूप से उचित था या नहीं।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने जारी किया नोटिस
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची तथा वी. मोहना की पीठ ने याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान अदालत ने बरी किए गए लोगों को नोटिस जारी करते हुए उनसे अपना पक्ष रखने को कहा।पीठ ने यह स्पष्ट किया कि वह मामले में उठाए गए कानूनी सवालों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर यह देखेगी कि बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले में किसी तरह की समीक्षा की आवश्यकता है या नहीं।
बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को दी गई चुनौती
यह याचिका बॉम्बे हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ दाखिल की गई है, जिसमें विशेष सीबीआई अदालत के फैसले को सही ठहराया गया था। विशेष अदालत ने इस मामले में 22 आरोपियों को बरी कर दिया था।याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए कहा है कि मामले में आरोपियों को बरी करने के फैसले पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए।अब सुप्रीम कोर्ट इस मामले में आरोपियों का पक्ष सुनने के बाद आगे की कार्रवाई पर विचार करेगा।
2005 का सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर मामला
सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर केस वर्ष 2005 का मामला है। आरोप था कि सोहराबुद्दीन शेख और उनकी पत्नी कौसर बी की कथित तौर पर फर्जी मुठभेड़ में हत्या की गई थी। इस मामले की जांच बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई थी।जांच के दौरान कई पुलिस अधिकारियों के नाम सामने आए थे और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। मामले में गुजरात, राजस्थान और आंध्र प्रदेश के पुलिसकर्मियों समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया था।इसके बाद यह मामला अदालतों में चला, जहां आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों और जांच एजेंसियों द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों पर सुनवाई हुई।
निचली अदालत ने किया था बरी
विशेष सीबीआई अदालत ने सुनवाई के बाद 22 आरोपियों को बरी कर दिया था। अदालत के फैसले के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी।बॉम्बे हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा था। इसके बाद अब इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।
आगे की सुनवाई पर नजर
सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद अब बरी किए गए आरोपियों को अपना जवाब दाखिल करना होगा। इसके बाद अदालत मामले में आगे की सुनवाई करेगी।शीर्ष अदालत इस बात पर विचार करेगी कि क्या आरोपियों को बरी करने के फैसले में कानूनी प्रक्रिया और साक्ष्यों का सही मूल्यांकन किया गया था या नहीं।फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद इस मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। सभी पक्षों के जवाब आने के बाद ही अदालत आगे का रुख तय करेगी।
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