दिल्ली-एनसीआर

अध्ययन में कोवैक्सीन की बूस्टर खुराक के बाद एंटीबॉडी बढ़ने का पता चला: सरकार

Kunti Dhruw
29 March 2022 6:37 PM GMT
अध्ययन में कोवैक्सीन की बूस्टर खुराक के बाद एंटीबॉडी बढ़ने का पता चला: सरकार
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सरकार ने मंगलवार को बताया कि भारतीय चिकित्सा एवं अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के एक अध्ययन में पता चला है.

नयी दिल्ली, सरकार ने मंगलवार को बताया कि भारतीय चिकित्सा एवं अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के एक अध्ययन में पता चला है, कि कोविड रोधी टीके कोवैक्सीन की बूस्टर खुराक लेने के बाद सार्स-सीओवी-2 के खिलाफ एंटीबॉडी का स्तर बढ़ जाता है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री भारती प्रवीण प्रवार ने यह जानकारी देते हुए राज्यसभा को बताया कि यह अध्ययन कोवैक्सीन टीके की बूस्टर खुराक के प्रभाव का पता लगाने के लिए किया गया था.

उन्होंने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि एस्ट्राजेनेका एवं कोविशील्ड टीकों की बूस्टर खुराक के उपलब्ध अंतरराष्ट्रीय आंकड़े बताते हैं कि इसे लेने के बाद एंटीबॉडी के स्तर में तीन से चार गुना वृद्धि होती है. पवार ने बताया ''आईसीएमआर ने कोवैक्सीन टीके की बूस्टर खुराक के प्रभाव का पता लगाने के लिए एक अध्ययन किया. इसमें पता चला कि बूस्टर खुराक लेने के बाद सार्स-सीओवी-2 के खिलाफ एंटीबॉडी के स्तर में वृद्धि होती है.''
उन्होंने बताया कि टीकाकरण पर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) की सिफारिश के अनुसार, 10 जनवरी 2022 से स्वास्थ्य कर्मियों, अग्रिम मोर्चे के कर्मियों तथा 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को कोविड रोधी टीके की बूस्टर खुराक दी जा रही है. उन्होंने बताया कि 24 मार्च 2022 की स्थिति के अनुसार, कोविड रोधी टीके की 2.21 करोड़ बूस्टर खुराक लगाई जा चुकी हैं.


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