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नई दिल्ली : NEET पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर के बाद शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन में जश्न का माहौल देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने इसे अपने आंदोलन की सफलता बताते हुए नाच-गाकर, तिरंगा लहराकर और देशभक्ति के नारे लगाकर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की।
जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारी एक-दूसरे को बधाई देते और गले मिलते नजर आए। कई लोगों ने 'वंदे मातरम' के नारे लगाए और देशभक्ति गीतों के साथ अपनी खुशी जाहिर की। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने इसे छात्रों की आवाज की जीत बताया।
इस्तीफे की खबर के बाद बदला माहौल
शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। NEET परीक्षा से जुड़े विवाद और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच आए इस घटनाक्रम के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों में उत्साह देखा गया।
प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों ने कहा कि वे लंबे समय से परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और छात्रों की समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे थे। उनके अनुसार, शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का यह एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
नारेबाजी और देशभक्ति गीतों के साथ मनाया जश्न
इस्तीफे की खबर मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने मंच के सामने एकत्र होकर जश्न मनाया। कई लोग हाथों में तिरंगा लिए हुए नजर आए। इस दौरान 'वंदे मातरम' और अन्य देशभक्ति नारों के साथ माहौल उत्साहपूर्ण हो गया।
CJP के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे लोगों को देशभक्ति गीत 'चक दे! इंडिया' पर मंच पर नाचते हुए भी देखा गया। प्रदर्शनकारियों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी और इसे अपने संघर्ष का परिणाम बताया।
अंबेडकर की तस्वीरों के साथ पहुंचे प्रदर्शनकारी
जश्न के दौरान कई प्रदर्शनकारियों के हाथों में डॉ. बी.आर. अंबेडकर की तस्वीरें और पोस्टर भी दिखाई दिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका आंदोलन समान अवसर, न्याय और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर है।
उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को अपनी मांगों की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
NEET विवाद और छात्रों की मांगें
NEET परीक्षा को लेकर उठे विवाद ने देशभर में छात्रों के बीच चिंता और नाराजगी पैदा की थी। प्रदर्शनकारियों ने कथित पेपर लीक, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई थी।
इस मुद्दे को लेकर कई छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों ने भी सरकार से जवाब मांगा था। विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने मांग की थी कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए मजबूत व्यवस्था तैयार की जाए।
CJP ने बताया आंदोलन की सफलता
CJP से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनके आंदोलन की ताकत को दर्शाता है। संगठन के समर्थकों ने दावा किया कि लगातार विरोध और छात्रों की एकजुटता के कारण यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया।
उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक व्यक्ति के इस्तीफे का मामला नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के अधिकारों की लड़ाई है।
आगे भी जारी रखने का दावा
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर आगे भी अपनी आवाज उठाते रहेंगे। उनका कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों के हितों की रक्षा सबसे जरूरी है।
उन्होंने सरकार से अपील की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि छात्रों का विश्वास परीक्षा व्यवस्था में बना रहे।
राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। विपक्षी दलों ने इसे छात्रों के दबाव और आंदोलन का परिणाम बताया है, जबकि सरकार की ओर से इस घटनाक्रम को लेकर आगे की प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है।
जंतर-मंतर पर हुआ यह जश्न NEET विवाद को लेकर चल रहे आंदोलन का एक अहम दृश्य बन गया। प्रदर्शनकारियों के लिए यह दिन उनकी मांगों और संघर्ष से जुड़ी एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।





