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सोने में जोरदार रिकवरी, दिल्ली में कीमत ₹1,600 बढ़ी, चांदी भी ₹5,000 उछली

Kavita2
18 Sept 2026 5:17 PM IST
सोने में जोरदार रिकवरी, दिल्ली में कीमत ₹1,600 बढ़ी, चांदी भी ₹5,000 उछली
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नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार को तेज उछाल देखने को मिला। हालिया बिकवाली के बाद कीमती धातुओं में दोबारा खरीदारी बढ़ी, जिसके चलते सोने की कीमत में 1,600 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

सर्राफा कारोबारियों के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत टैक्स सहित बढ़कर 1,56,600 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में सोना 1,55,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ था।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने से महंगाई को लेकर तत्काल चिंताएं कम हुई हैं। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी यील्ड में गिरावट ने भी सोने की मांग को बढ़ावा दिया है।

निवेशकों का फिर सोने की ओर रुख

हाल के दिनों में सोने की कीमतों में दबाव देखने को मिला था, जिसके बाद निवेशकों ने दोबारा खरीदारी शुरू की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने को समर्थन मिला है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सोना परंपरागत रूप से अनिश्चित आर्थिक परिस्थितियों में सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है। जब बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ता है, तो निवेशक अक्सर सोने की ओर आकर्षित होते हैं।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़ी नीतियों का असर भी सोने की कीमतों पर पड़ता है। हालांकि, हालिया घटनाक्रमों के बीच डॉलर और बॉन्ड यील्ड में कमजोरी से सोने को मजबूती मिली।

चांदी में बड़ी तेजी

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी शुक्रवार को शानदार तेजी देखने को मिली। चांदी के दाम में 5,000 रुपये प्रति किलोग्राम का उछाल दर्ज किया गया।

इस तेजी के बाद चांदी की कीमत टैक्स सहित बढ़कर 2,47,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई।

चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे औद्योगिक मांग और निवेशकों की बढ़ती रुचि को भी एक कारण माना जा रहा है। चांदी का इस्तेमाल आभूषणों के अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी होता है।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर

बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने से महंगाई को लेकर दबाव कुछ कम हुआ है। इससे निवेशकों का रुझान कीमती धातुओं की तरफ बढ़ा है।

कच्चे तेल की कीमतें वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं, क्योंकि इनके उतार-चढ़ाव का असर महंगाई और बाजार की धारणा पर पड़ता है।

डॉलर और यील्ड में कमजोरी से मिला समर्थन

विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से सोने को मजबूती मिली है। आमतौर पर डॉलर कमजोर होने पर सोने की मांग बढ़ सकती है, क्योंकि अन्य मुद्राओं में निवेश करने वालों के लिए सोना अपेक्षाकृत आकर्षक हो जाता है।

हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़ी नीतियां आने वाले समय में सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

आगे बाजार की नजर

सर्राफा बाजार में अब निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक संकेतों, अमेरिकी नीतियों और अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों पर बनी हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। वैश्विक बाजार में होने वाले बदलावों का सीधा असर घरेलू सर्राफा बाजार पर दिखाई देता है।

दिल्ली के बाजार में आई इस तेजी से व्यापारियों में उत्साह देखा गया। त्योहारों के नजदीक आने के साथ सोने और चांदी की मांग में बढ़ोतरी की उम्मीद भी जताई जा रही है।

फिलहाल सोने और चांदी दोनों में तेजी का दौर देखने को मिल रहा है। सोना जहां 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया है, वहीं चांदी भी 2.47 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक पहुंच चुकी है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेत इनकी कीमतों की दिशा तय करेंगे।

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