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नई दिल्ली : संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को राज्यसभा की कार्यवाही एक बार फिर विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गई। प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे को लेकर विपक्षी सांसदों ने सदन में जमकर नारेबाजी की, जिसके चलते कार्यवाही लगातार बाधित होती रही। हंगामे के बीच केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री जीतन राम मांझी ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 राज्यसभा में पेश किया।
मंगलवार सुबह जैसे ही संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई का मुद्दा उठाना शुरू कर दिया। विपक्षी सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इस मामले पर चर्चा की मांग की। लगातार बढ़ते शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी।
राज्यसभा में विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते पहले कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। इसके बाद जब दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तब भी विपक्ष का विरोध जारी रहा। विपक्षी सदस्य अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे, जिससे सदन में व्यवस्था बहाल नहीं हो पाई।
इसी दौरान केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास अधिनियम, 2006 में संशोधन के लिए विधेयक पेश करने की अनुमति मांगी। हंगामे के बीच ही उन्होंने सदन में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया।
सरकार की ओर से लाए गए इस विधेयक का उद्देश्य MSME क्षेत्र से जुड़े नियमों में बदलाव करना और छोटे एवं मध्यम उद्योगों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना बताया जा रहा है। देश की अर्थव्यवस्था में MSME क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है और लाखों छोटे व्यवसाय इस क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। ऐसे में सरकार समय-समय पर इस क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कानूनों में संशोधन करती रही है।
हालांकि, राज्यसभा में विपक्ष के लगातार विरोध के कारण विधेयक पर विस्तार से चर्चा नहीं हो सकी। सदन में शोर-शराबे का माहौल बना रहा और कई बार पीठ की ओर से सदस्यों से शांति बनाए रखने की अपील की गई। लेकिन विपक्षी सांसद अपनी मांगों पर अड़े रहे।
अंत में लगातार जारी हंगामे को देखते हुए राज्यसभा की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सभापति की ओर से सदन को सुचारू रूप से चलाने की कोशिश की गई, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी।
वहीं, लोकसभा में मंगलवार दोपहर बाद कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा शुरू कराई गई। इस विधेयक को लेकर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस हुई। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए यह कानून जरूरी है।
संसद के मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा प्रस्तावित है, लेकिन विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के कारण कई बार कार्यवाही प्रभावित हो रही है। विपक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने की अपील कर रही है।
राज्यसभा में मंगलवार की कार्यवाही भी इसी राजनीतिक गतिरोध का उदाहरण रही, जहां एक ओर सरकार ने MSME संशोधन विधेयक पेश किया, वहीं दूसरी ओर विपक्षी हंगामे के कारण सदन में सामान्य कामकाज प्रभावित रहा। अब सभी की नजर बुधवार की कार्यवाही पर होगी कि क्या सदन में गतिरोध खत्म होता है या विपक्ष का विरोध आगे भी जारी रहता है।





