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दिल्ली में प्रदूषण पर सख्ती, 1 नवंबर से इन वाहनों की एंट्री बंद
Ratna Netam
22 Oct 2026 9:59 PM IST

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने गुरुवार को ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अंतरराज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की। इस बैठक में दिल्ली की सीमाओं पर प्रदूषण मानकों का पालन नहीं करने वाले वाहनों को रोकने, बसों के मार्ग बदलने, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्रों की जांच और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 1 नवंबर से 31 जनवरी तक निर्धारित श्रेणियों के वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लागू किया जाएगा।बैठक में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों को समयबद्ध तरीके से लागू करने और विभिन्न राज्यों की परिवहन एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया।
दिल्ली में GRAP का पहला चरण लागू
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता खराब होने के बाद 21 अक्टूबर को GRAP का पहला चरण लागू किया गया था।वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अनुसार, 20 अक्टूबर को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 179 था, जो मध्यम श्रेणी में आता है। लेकिन 21 अक्टूबर को दोपहर दो बजे तक यह बढ़कर 244 पहुंच गया।प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद आयोग ने तत्काल प्रभाव से GRAP-1 के उपाय लागू करने का फैसला लिया।इस चरण में सड़क की धूल, वाहनों से निकलने वाले धुएं और निर्माण गतिविधियों के कारण होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं।
1 नवंबर से वाहनों के प्रवेश पर सख्ती
दिल्ली सरकार की शीतकालीन प्रदूषण नियंत्रण योजना के अनुसार, 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत ऐसे वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा, जो निर्धारित बीएस-6 उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते हैं।सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को संबंधित नियमों के तहत छूट मिलेगी।इसके अलावा दिल्ली में प्रवेश करने वाली अंतरराज्यीय और पर्यटक बसों के लिए भी उत्सर्जन संबंधी नियम लागू होंगे।वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों के अनुसार, दिल्ली के बाहर पंजीकृत बसों में केवल इलेक्ट्रिक, सीएनजी या बीएस-6 डीजल मानक वाली बसों को प्रवेश की अनुमति होगी। दिल्ली में पंजीकृत बसों पर इस विशेष निर्देश की छूट लागू होगी।
नियम तोड़ने वाली बसों को बॉर्डर से लौटाया जाएगा
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बैठक में बताया कि प्रदूषण मानकों का पालन नहीं करने वाली बसों को सीमा पर ही रोकने या वैकल्पिक मार्गों पर भेजने की व्यवस्था की जाएगी।इसके लिए दिल्ली से सटे राज्यों की पुलिस और परिवहन विभागों के साथ समन्वय बढ़ाया जा रहा है।अधिकारियों ने कहा कि वाहन चालकों और परिवहन संचालकों को पहले से निर्धारित नियमों की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उन्हें सीमा पर परेशानी का सामना न करना पड़े।दिल्ली के लिए निर्धारित नहीं किए गए मालवाहक वाहनों को ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की ओर मोड़ने के निर्देशों का भी पालन कराया जाएगा।
बिना वैध PUC प्रमाणपत्र वाले वाहनों की जांच
बैठक में वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र की जांच को लेकर भी चर्चा हुई।दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विजयंता गोयल आर्य ने बताया कि जिन वाहनों के प्रदूषण प्रमाणपत्र की वैधता समाप्त हो चुकी है, उनके खिलाफ कार्रवाई तेज की जाएगीउन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि वे अपने साथ वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र रखें।सरकार की शीतकालीन योजना के तहत 1 नवंबर से 'नो पीयूसीसी, नो फ्यूल' नियम भी लागू करने की तैयारी है। इसके अंतर्गत वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं होने पर वाहन को ईंधन देने से इनकार किया जा सकता है।
यातायात जाम कम करने के लिए विशेष तैनाती
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विजयंता गोयल आर्य ने कहा कि दिल्ली में यातायात जाम कम करने के लिए प्रमुख सड़कों और चौराहों पर पुलिसकर्मियों की पर्याप्त तैनाती की जाएगी।उन्होंने बताया कि जिन स्थानों पर अक्सर जाम लगता है, वहां यातायात व्यवस्था की विशेष निगरानी होगी।इसका उद्देश्य वाहनों की लंबी कतारों को कम करना और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को प्रभावी बनाना है।अधिकारियों ने कहा कि व्यस्त मार्गों पर यातायात का बेहतर प्रबंधन करके वाहनों से होने वाले अनावश्यक उत्सर्जन को कम किया जा सकता है।
सड़क की धूल और निर्माण कार्यों पर नियंत्रण
GRAP-1 के तहत दिल्ली में सड़क की धूल और निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए भी विशेष अभियान चलाया जाएगा।संबंधित एजेंसियों को सड़कों की मशीनों से सफाई, पानी के छिड़काव और निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण संबंधी उपाय लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।इसके अलावा खुले में कचरा जलाने और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन ने निर्माण एजेंसियों से निर्धारित पर्यावरणीय मानकों का पालन करने को कहा है।
सभी विभागों को बेहतर समन्वय के निर्देश
अंतरराज्यीय बैठक में अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए केवल ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी।इसके लिए परिवहन विभाग, नगर निकायों, प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियों और पड़ोसी राज्यों के प्रशासन को मिलकर काम करना होगा।बैठक में CAQM के दिशानिर्देशों को निर्धारित समयसीमा में लागू करने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।फिलहाल दिल्ली में GRAP का पहला चरण लागू है। यदि आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता और खराब होती है, तो प्रदूषण के स्तर के अनुसार अतिरिक्त प्रतिबंध लागू किए जा सकते हैं।
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